जनजातीय व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन, विजेताओं को मिलेंगे लाखों के पुरस्कारजनजातीय व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन, विजेताओं को मिलेंगे लाखों के पुरस्कार

रांची। झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और खान-पान की सदियों पुरानी परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने तथा उसे भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने की दिशा में एक अनूठी पहल की गई है। झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधीन कार्यरत डॉ. रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान (TRI), रांची द्वारा एक राज्यस्तरीय “जनजातीय व्यंजन प्रतियोगिता-सह-बिक्री एवं प्रदर्शनी” का आयोजन किया जा रहा है।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय व्यंजनों से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, दस्तावेजीकरण और जनजातीय कारीगरों व पारम्परिक व्यंजन निर्माताओं के कौशल विकास, प्रमाणीकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। संस्थान ने इस प्रतिष्ठित आयोजन में भाग लेने के लिए इच्छुक जनजातीय आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

निःशुल्क पंजीकरण और पारदर्शी आवेदन प्रक्रिया

इस प्रतियोगिता में भाग लेने की इच्छा रखने वाले जनजातीय समुदाय के आवेदकों के लिए पंजीकरण पूरी तरह से निःशुल्क रखा गया है।

  • आवेदन का माध्यम: प्रतिभागी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
  • पात्रता मानदंड: यह प्रतियोगिता केवल झारखंड राज्य के जनजातीय समुदाय के व्यक्तिगत आवेदकों के लिए खुली है। व्यावसायिक संस्थाओं, कैटरिंग कंपनियों या कॉरपोरेट ब्रांडों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
  • आवेदन के साथ आवश्यक जानकारी: आवेदकों को अपने आवेदन पत्र के साथ कम से कम दो जनजातीय व्यंजनों का विस्तृत विवरण देना अनिवार्य होगा। इसमें प्रयुक्त सामग्री की मानकीकृत मात्रा, व्यंजन बनाने की विधि, संबंधित जनजाति तथा उसकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी शामिल होनी चाहिए। अपर्याप्त विवरण या अधूरी जानकारी वाले आवेदनों को निरस्त किया जा सकता है।

विजेताओं के लिए लाखों रुपये के नकद पुरस्कार का ऐलान

स्थानीय स्तर पर छिपी पाक-कला की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संस्थान ने विजेताओं के लिए आकर्षक नकद पुरस्कारों की घोषणा की है:

  • प्रथम पुरस्कार: ₹60,000/- (साठ हजार रुपये)
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000/- (पचास हजार रुपये)
  • तृतीय पुरस्कार: ₹40,000/- (चालीस हजार रुपये)
  • सांत्वना पुरस्कार: कुल पाँच (05) प्रतिभागियों को ₹15,000/- (पंद्रह हजार रुपये) प्रत्येक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

आयोजन और आवेदन से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां

यदि आप झारखंड की समृद्ध जनजातीय खान-पान परंपरा से जुड़े हैं और अपनी पाक-कला का प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित तिथियों का ध्यान रखें:

विवरणनिर्धारित तिथि / स्थान
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि10 नवंबर 2026
आयोजन की अवधि19 नवंबर 2026 से 21 नवंबर 2026 तक
आयोजन स्थलडॉ. रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, मोराबादी, रांची

जनजातीय संस्कृति और उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम

झारखंड के सुदूर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में पारंपरिक खान-पान का एक विशाल भंडार है, जिसमें पोषण से भरपूर कंद-मूल, विभिन्न प्रकार के साग, औषधीय अनाज और पारंपरिक पेय शामिल हैं। डॉ. रामदयाल मुण्डा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान की यह पहल न केवल इन व्यंजनों के दस्तावेजीकरण में सहायक होगी, बल्कि जनजातीय समूहों को फूड एंटरप्रेन्योरशिप (व्यंजन उद्यमिता) की दिशा में आगे बढ़ने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करेगी।

अधिक जानकारी और संपर्क सूत्र

प्रतियोगिता से संबंधित विस्तृत नियम, आवेदन पत्र और दिशा-निर्देश संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। इच्छुक आवेदक जानकारी के लिए [https://www.trijharkhand.in/en/opportunities](https://www.trijharkhand.in/en/opportunities) पर विजिट कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की सहायता या पूछताछ के लिए दूरभाष नंबर 0651-2551824 या ईमेल tri.directorate@gmail.com / dir-triran@gov.in पर संपर्क किया जा सकता है।

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