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*_⦿ मुख्यमंत्री ने राज्य में राजस्व सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देते हुए 300 बालू घाटों को शीघ्र संचालित करने का निर्देश दिया, जिससे लगभग 3 हज़ार करोड़ रुपये का राजस्व सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।_*

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*_⦿ मुख्यमंत्री ने नीलाम हो चुके विभिन्न कोल ब्लॉकों, जिन्हें अभी तक आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त नहीं हो सकी हैं, को शीघ्र संचालित करने का निर्देश दिया, ताकि इससे राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।_*

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*_⦿ मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बालू माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश।_*

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*_⦿ मुख्यमंत्री ने खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर देते हुए बंद खदानों को चालू करने या लीज निरस्त करने का दिया निर्देश।_*

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*_झारखंड में गोल्ड माइनिंग को बढ़ावा, उत्पादन बढ़ाने और नए खदानों के ऑक्शन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश_*

*_JSMDC और JMECL को मजबूत करने की पहल, अधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित कर रोजगार और राजस्व बढ़ाने पर फोकस_*

*_भवन निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर सख्ती, सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश_*

     *■ श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में खान एवं भू-तत्व तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं तथा लंबित कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध खनन पर कड़ी सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि इसे हर हाल में रोकना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन से राज्य को राजस्व की हानि होती है, साथ ही यह पर्यावरणीय संतुलन और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती उत्पन्न करता है। इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि राज्य में संचालित सभी सरकारी भवनों एवं अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।

*_निष्क्रिय खदानों पर सख्ती: उत्पादन शुरू कराने या लीज निरस्त कर पुनः ऑक्शन के दिए निर्देश_*

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में संचालित बीसीसीएल, सीसीएल एवं ईसीएल की बंद पड़ी खदानों को निरस्त करने हेतु प्रक्रिया/उपाय तलाशने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां उत्पादन पुनः प्रारंभ कराया जाए अथवा लीज निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाए। जिन खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन हो चुका है, लेकिन वे लंबे समय से क्रियाशील नहीं हैं, उन्हें निरस्त कर पुनः राजस्व का आकलन करते हुए दोबारा ऑक्शन किया जाए। साथ ही, खनन लीज क्षेत्र तथा कार्यरत एवं गैर-कार्यरत क्षेत्रों की मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

*_गोल्ड माइनिंग क्षेत्र को सशक्त बनाने एवं स्वर्ण उत्पादन बढ़ाने पर जोर_*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में संचालित कुल 7 गोल्ड माइंस की समीक्षा करते हुए इनके उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान उन्होंने वर्तमान उत्पादन क्षमता, संचालन की स्थिति तथा भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत आकलन किया। वर्तमान में इन खदानों से लगभग 20 किलोग्राम वार्षिक स्वर्ण उत्पादन हो रहा है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष बल दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोल्ड माइंस के संचालन में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के अन्य संभावित गोल्ड खदानों के शीघ्र ऑक्शन की प्रक्रिया को गति देने का निर्देश दिया, जिससे खनन गतिविधियों का विस्तार हो और राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में स्वर्ण भंडार की संभावनाएं महत्वपूर्ण हैं और इस क्षेत्र में योजनाबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोल्ड माइनिंग सेक्टर पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए तकनीकी उन्नयन, निवेश आकर्षण तथा प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से इस क्षेत्र को और सशक्त बनाया जाए, ताकि राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।

*_अनुषंगी इकाइयों को अधिक खान आरक्षित करने के निर्देश_*

मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (JSMDC) एवं झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड (JMECL) के लिए अधिकाधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले। उन्होंने JMECL में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा दोनों संस्थाओं के लिए एसओपी तैयार करने का भी निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने डीएमएफटी निधि के समुचित उपयोग के लिए राज्य स्तर पर परियोजनाएं तैयार कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।

*_अवैध खनन एवं बालू उठाव पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश_*

मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, विशेषकर बालू उठाव की रोकथाम हेतु आधुनिक एवं तकनीक आधारित उपाय अपनाने के निर्देश दिए। राज्य में कुल 820 बालू घाटों में से 376 (कैटेगरी-1) घाटों पर पंचायतों के माध्यम से उठाव जारी है, जबकि 444 (कैटेगरी-2) घाटों में से 300 का ऑक्शन किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने ऑक्शन किए गए घाटों से शीघ्र बालू उठाव प्रारंभ कराने तथा शेष घाटों का शीघ्र ऑक्शन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, मशीन से बालू उठाव पर रोक संबंधी आदेश की समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियमित निरीक्षण, सघन निगरानी तथा विभाग, पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वित अभियान चलाने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि खनिज संपदा राज्य की अमूल्य धरोहर है और इसके पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग से राजस्व में वृद्धि के साथ स्थानीय लोगों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सकता है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

*_छात्रावासों में ऊर्जा आपूर्ति सुदृढ़ करने की पहल, कोयला उपयोग की संभावनाओं पर योजना बनाने के निर्देश_*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (JSMDC) के माध्यम से कोल ट्रेडिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए योग्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को पंजीकृत कर कोयला आपूर्ति में वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आपूर्ति प्रणाली को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जाए, ताकि आवश्यक क्षेत्रों तक समय पर कोयला उपलब्ध हो सके।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी छात्रावासों, विशेषकर आवासीय विद्यालयों के छात्रावासों का समुचित मैपिंग कर वहां कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एलपीजी की उपलब्धता में आ रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयले के उपयोग की संभावनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों को इस विषय पर विशेष ध्यान देने का निर्देश देते हुए कहा कि एक सुविचारित एवं व्यवहारिक योजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाए, ताकि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और ऊर्जा आपूर्ति सुचारु रूप से सुनिश्चित की जा सके।

*_इमराल्ड ब्लॉकों को सुरक्षित रखने का निर्देश_*

इमराल्ड हेतु चिन्हित खनिज ब्लॉकों को एमएमडीआर अधिनियम के तहत JSMDC/JMECL के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित करने हेतु राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति शीघ्र प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।

सस्टेनेबल माइनिंग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक खनन के साथ-साथ राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सस्टेनेबल माइनिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने पत्थर के अत्यधिक बाहरी निर्यात पर नियंत्रण के उपाय खोजने तथा पहाड़ों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।

*_भवन निर्माण विभाग की समीक्षा_*

भवन निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना के निर्माण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी भवनों, कार्यालय परिसरों, आवासीय भवनों, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप एवं तय समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आधुनिक एवं टिकाऊ निर्माण तकनीकों को अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं में गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए नियमित तकनीकी निरीक्षण कराने पर बल दिया।

*_उक्त बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री अरवा राजकमल, खान निदेशक श्री राहुल कुमार सिन्हा, भूतत्व निदेशक श्री कुमार अमिताभ सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।_*

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मुख्यमंत्र हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों की उपस्थिति में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की ===========================*मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को दिए कई अहम दिशा-निर्देश।*===========================*मुख्यमंत्री ने कहा – स्वास्थ्य व्यवस्था को करें मजबूत, मैनेजमेंट सिस्टम हो दुरूस्त,  बच्चों सहित सभी का हेल्थ प्रोफाइल तैयार करें।*===========================*★ प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता**★ एम्बुलेंस सेवाओं के मॉनिटरिंग के लिए एआई कंट्रोल रूम स्थापित करें**★ आपातकालीन सेवाओं में करें सुधार**★ एएनएम, जीएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया में लायें तेजी*          *श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखण्ड।* ===========================मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में आज अधिकारियों की उपस्थिति में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों की बुनियादी ढांचे, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था तथा विभिन्न स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं के संचालन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, अस्पतालों के विकास, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता एवं स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा स्वास्थ्य संरचना से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग काफी महत्वपूर्ण विभाग है। यह विभाग सीधे तौर पर आम जनमानस से जुड़ा हुआ है, अतएव यह जरूरी है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता से जोड़ते हुए प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के भीतर बच्चे सहित सभी का हेल्थ प्रोफाइल सिस्टम तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। बैठक में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री डॉ० इरफान अंसारी उपस्थित रहे।*एम्बुलेंस सेवाओं के मॉनिटरिंग के लिए एआई कंट्रोल रूम स्थापित करें*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के भीतर वर्तमान में   एम्बुलेंस सेवा के संचालन को लेकर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता में हर हाल में सुधार दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री एम्बुलेंस सेवाओं के मॉनिटरिंग के लिए एआई कंट्रोल रूम स्थापित करने की बातें कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दुर्घटना या आपातकाल स्थिति में किसी भी मनुष्य के जीवन के लिए एक-एक मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए एम्बुलेंस सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षित प्रसव व्यवस्था और गरीब मरीजों के इलाज को लेकर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से टैग किए गए एम्बुलेंस पूरी तरह क्रियाशील हो, यह सुनिश्चित करें। एम्बुलेंस सेवाओं में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि चिकित्सा सुविधाओं में मरीजों के प्रति संवेदनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने तकनीकी सहयोग के साथ एम्बुलेंस सेवा का विस्तार किए जाने की बात कही।*आपातकालीन स्थिति में उबर कॉन्सेप्ट की सुविधा का अध्ययन करें*मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। आपातकालीन स्थिति में मरीज को त्वरित रूप से अस्पताल तक पहुंचाने को लेकर उबर कॉन्सेप्ट की सुविधा की व्यवस्था को देखने, अवलोकन करने,  अध्ययन करने और भविष्य में उसके तर्ज पर विस्तार करने का निर्देश दिया। *एएनएम, जीएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया में लायें तेजी*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में एएनएम, जीएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव संसाधन की कमी की वजह से मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सोच है कि हम सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा आम लोगों तक पहुंचाएं। *स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शहरी एवं ग्रामीण दो भागों में बांटकर कार्य योजना बनाएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं अलग-अलग है, इसे दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दो भागों में बांटकर कार्य योजना बनाएं। राज्य के भौगोलिक संरचना के अनुरूप हेल्थ फैसिलिटीज को डिजाइन करें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अध्ययन करें। कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, शुगर आदि से संबंधित आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था बनाएं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं  अर्थव्यवस्था पर असर डालती है। स्वास्थ्य चेकअप को दुरुस्त रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को आवश्यकतानुसार पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्देश दिया।*अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, मरीजों को समय पर उपचार कराने तथा अस्पतालों में स्वच्छता एवं आवश्यक सुविधाएं सुदृढ़ करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन सेवाओं को लेकर गंभीरता दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं, उच्च कोटि के दवाओं की उपलब्धता एवं जांच सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए, ताकि आमलोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। *मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाएं, पैरालाइसिस अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए अच्छी व्यवस्था हो*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में संचालित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा के दौरान कॉलेजों में पीजी, यूजी आदि के सीटों बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही राज्य में पैरालाइसिस अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में अच्छी व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य के लोगों को इसका लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने राज्य के कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग आदि जिलों में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्याल के कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यो में तेजी लाकर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। *राज्य में खुलेगा अबुआ दवाखाना*राज्य सरकार द्वारा राज्य में मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना की स्थापना एवं संचालन की जायेगी। यह एकीकृत औषधि केन्द्र होगा, जिसका संचालन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में होगा। अबुआ दवाखाना से ग्रामीण जनता को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्ध प्रणाली की आवश्यक औषधियां एक ही स्थान पर सुलभता पूर्वक नि:शुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी।*अंगदान के लिए करें जागरूक*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने किडनी, लीवर, कॉर्निया आदि अंगदान के लिए लोगों को जागरूक करने और इसके लिए अस्पताल में व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में कार्यशाला का आयोजन कर चिकित्सकों का ज्ञान विकसित कराने का निर्देश दिया।  उन्होंने रोटेशन वाइज बड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाकर इंटरेक्शन कराने का निर्देश दिया। *ब्लड बैंक की व्यवस्था को करें दुरुस्त*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ब्लड बैंक की व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी तरह के टॉल फ्री और हेल्पलाइन नंबरों को एआई वेस्ड करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले के उपायुक्त को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कैंप लगाने, ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर ब्लड बैंक में रक्त संग्रह प्रणाली को मजबूत करने पर बल दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि खुशी की बात है कि सदर अस्पताल, रांची में सेंट्रल रेडियोलॉजी हब बनाया गया है, जो किसी सरकारी सेटअप में देश का पहला ऐसा सेटअप है। इस सेटअप से राज्य के सभी जिलों को जोड़ा गया है।*अस्पताल को एयर कूल बनाने की कार्ययोजना बनाएं*मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अस्पतालों को एयर कूल बनाने की कार्य योजना बनाएं। उन्होंने वर्न यूनिट को दुरूस्त करने एवं सभी आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि जले हुए मरीजों का समूचित इलाज हो सके। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजनाओं, मुख्यमंत्री अबुवा स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना आदि विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।*मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से अस्पताल के व्यवस्था व गतिविधियों का लिया जायजा*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ऑनलाइन माध्यम से जामताड़ा जिला के आम डुमरिया में अवस्थित हेल्थ सब सेंटर से जुड़े। मुख्यमंत्री ने वहां कार्यरत चिकित्सक,  एएनएम, जीएनएम, स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, अस्पताल में मरीजों की संख्या, मरीजों को दी जाने वाली सेवाएं, गर्भवती महिलाओं की संख्या, पिछले कुछ दिनों में उप स्वास्थ्य केंद्र (हेल्थसबसेंटर) में गर्भवती महिलाओं का प्रसव आदि की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सुरक्षित प्रसव की सभी सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। *डुमरी रेफरल अस्पताल से भी ऑनलाइन जुड़े*मुख्यमंत्री गिरिडीह के डुमरी रेफरल अस्पताल से भी ऑनलाइन जुड़े। मुख्यमंत्री ने वीडियोकॉल के माध्यम से वहां कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी से सीधा बातचीत की और व्यवस्था एवं गतिविधियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित चिकित्सकों से इमर्जेंसी वार्ड, ओपीडी, जेनरल वार्ड, ऑपरेशन थियेटर आदि के संचालन की जानकारी ली।*मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को दिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं..*▪️ANM और GNM के रिक्त पदों की तुरंत बहाली करें। स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स और डॉक्टर्स की नियुक्तियां भी जल्द पूरी करें।▪️ प्रेगनेंट महिलाओं से जुड़ी खबरें सुनने को मिलती है, एम्बुलेंस सेवा को लेकर बहुत शिकायत आ रही हैं, यह भी अत्यंत चिंता का विषय है। ▪️AI based call centre को शुरू करने का प्लान बनाएं। ओला, उबर जैसे कांसेप्ट पर राज्य भर में एम्बुलेंस शुरू करने का काम करें। इस कांसेप्ट पर एक हफ्ते पर प्लान बनाकर सबमिट करें।▪️राज्य भर में जो रेफरल सिस्टम है उनका ऑडिट करा कर रिपोर्ट सबमिट करें।▪️ स्वास्थ्य विभाग अपने निदेशालयों को restructure करने का प्लान सबमिट करें।▪️ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतें अलग-अलग होती हैं। इसलिए विभाग दोनों क्षेत्रों को अलग-अलग देखते हुए उनकी कार्ययोजना बना कर सबमिट करें। ▪️ अस्पताल में गंदगी न रहे, इन्हें स्वस्छ रखें। इनके मेंटेनेंस का अपडेट देने का काम करें।▪️राज्य भर में 4-5 दिवसीय eye-checkup कैंप लगाने का काम करें।▪️ABHA कार्ड का ड्राइव पूरे राज्य स्तर पर कैंपेन मोड में चलाने का काम करें। इसे स्कूल, आंगनवाड़ी और कॉलेजों में भी करने का काम करें।▪️राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लेटेस्ट मेडिकल टेक्नोलॉजीज का अध्ययन कर प्लान सबमिट करें।▪️ मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के अंतर्गत सदर अस्पतालों को बेहतर बनाने का काम करें।▪️ राज्य में मेडिकल कॉलेज में UG और PG की सीटें बढ़ाने पर विभाग आगे बढ़े।▪️ ब्लड सेपरेशन यूनिट को स्थापित करें। ब्लड बैंक के लिए जरूरी लाइसेंस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का काम करें। पारदर्शिता रखने के लिए इसे भी App बेस्ड बनाने का काम करे। सरकारी ऑफिस और पुलिस कर्मियों के बीच ब्लड डोनेशन का निरंतर कैंप आयोजित कराने का काम करें।▪️आयुष्मान योजना से निबंधित अस्पतालों का अभी ऑडिट कराकर विभाग रिपोर्ट प्रस्तुत करे।▪️ सदर अस्पतालों में एयर कूल कांसेप्ट भी शुरू करने का काम करें।▪️सभी मेडिकल कॉलेजों में rehab और therapy सेंटर भी शुरू करने का प्लान सबमिट करें।▪️ निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में पेमेंट में देरी न हो, समय सीमा पर इनका काम पूरा करने का काम करें।▪️अबुआ दवाखाना को जल्द चालू करने की ओर विभाग बढ़े।▪️ राज्य के मेडिकल कॉलेजों में देश के प्रसिद्ध डॉक्टर्स को गेस्ट फैकल्टी के रूप में अभी आमंत्रित करने का काम करें।▪️केरल की तर्ज पर राज्य में ऑर्गन डोनेशन (अंगदान) को लेकर विभाग आगे बढ़े।*बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग श्री अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग श्रीमती नेहा अरोड़ा, एमडी एनएचएम श्री शशि प्रकाश झा, अपर सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण श्री शशि प्रकाश सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।*===========================