रांची। जिंदगी जिंदाबाद
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा JSSC CGL और विवादित एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनकारी छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। लंबे समय से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों ने भारी बारिश के बीच एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर और गले लगाकर इस निर्णय का स्वागत किया।
छात्रों ने इसे युवाओं के लंबे संघर्ष, एकजुटता और निष्पक्षता की पहली बड़ी जीत करार दिया है। हालांकि, इस उत्साह के बीच छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है।
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द होना प्राथमिक मांग की जीत है, लेकिन जब तक धांधली की निष्पक्ष CBI जांच का आदेश जारी नहीं होता, तब तक धरना और अनशन जारी रहेगा। वहीं, छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि ’11 से 13′ से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर मांगें अभी भी कायम हैं और वे पूरी रणनीति का विश्लेषण कर आगे का रुख तय करेंगे।
अनशन की अगुवाई कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार को झुकना पड़ा है, लेकिन पूरी शिक्षा व भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए अभी एक लंबी कानूनी और रणनीतिक लड़ाई बाकी है।
गौरतलब है कि JPSC मामले में हाल ही में पूर्व सदस्य के पीए ब्रज कुमार राम की सीआईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ा है और वे अब JSSC मामले में भी दोषियों को सजा दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं।
JSSC CGL परीक्षा रद्द: हेमंत सोरेन कैबिनेट का बड़ा फैसला, TDPL की ली गई सभी परीक्षाएं होंगी निरस्त
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