गांडीव रिपोर्टर | रांची, झारखंड | 31 अक्टूबर 2026
रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता हुआ नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की आवाजाही और बारिश की गतिविधियों के बीच अब मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए नया पूर्वानुमान जारी किया है। राजधानी रांची समेत आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव के कारण लोगों को दिन और रात के तापमान में भी अंतर महसूस हो सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र के 31 अक्टूबर 2026 के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक राज्य की राजधानी में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। इस दौरान कभी सामान्य रूप से बादल छाए रह सकते हैं, तो कभी आसमान में आंशिक बादल दिखाई देंगे। कुछ दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है। वहीं 6 नवंबर को सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध रहने और बाद में आसमान मुख्य रूप से साफ होने का अनुमान है। India Meteorological Department+1
मौसम के इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। खासकर सुबह और शाम के समय बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। किसानों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और सड़क पर यात्रा करने वालों के लिए भी आने वाले दिन महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, रांची में अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे घटकर 18 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। इसका मतलब है कि दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम अपेक्षाकृत ठंडक महसूस हो सकती है।
हालांकि, मौसम का पूर्वानुमान समय के साथ बदल सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी यात्रा, खेती या अन्य जरूरी काम की योजना बनाते समय मौसम विभाग की ताजा जानकारी जरूर देखें।
31 अक्टूबर से 6 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग की ओर से जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान में रांची के मौसम को लेकर अलग-अलग दिनों के लिए स्थिति स्पष्ट की गई है। इस दौरान बादलों की आवाजाही और कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी रह सकती है।
31 अक्टूबर को रांची में सामान्य रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। इस दिन अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान दिया गया है।
1 नवंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। इस दिन बारिश, गरज-चमक या धूल भरी आंधी की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रह सकता है।
2 नवंबर को फिर से सामान्य रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। तापमान में बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
3 नवंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। मौसम विभाग ने इस दिन भी बारिश, गरज-चमक या धूल भरी आंधी की संभावना का उल्लेख किया है।
4 और 5 नवंबर को आसमान में आंशिक बादल बने रह सकते हैं। इन दोनों दिनों में गरज-चमक या बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
इसके बाद 6 नवंबर को सुबह हल्की धुंध या कोहरा रहने का अनुमान है, जबकि दिन बढ़ने के साथ आसमान मुख्य रूप से साफ हो सकता है। इस दिन अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। India Meteorological Department+1
राजधानी रांची में सुबह-शाम बढ़ेगी ठंडक
मौसम में बदलाव के साथ राजधानी रांची में सुबह और शाम के समय ठंडक महसूस होने की संभावना है। खासकर नवंबर की शुरुआत में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने से लोगों को मौसम का बदला हुआ रूप महसूस हो सकता है।
रांची की भौगोलिक स्थिति और ऊंचाई के कारण यहां का मौसम झारखंड के कुछ अन्य शहरों की तुलना में अलग महसूस हो सकता है। राज्य के कई मैदानी इलाकों में दिन के समय तापमान अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है, जबकि रांची में सुबह और रात के समय ठंडक महसूस होती है।
पिछले कुछ दिनों में बादलों और बारिश की गतिविधियों के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अब मौसम के धीरे-धीरे बदलने के साथ लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हो सकती है।
सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। सुबह जल्दी घर से निकलते समय हल्के गर्म कपड़े पहनना उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, अभी मौसम पूरी तरह सर्दियों वाला नहीं हुआ है। दिन के समय धूप निकलने पर हल्की गर्मी महसूस हो सकती है। ऐसे में लोगों को तापमान के अनुसार कपड़े पहनने चाहिए।
बारिश और गरज-चमक की संभावना से बढ़ी सतर्कता
अगले कुछ दिनों के मौसम पूर्वानुमान में बारिश और गरज-चमक की संभावना भी शामिल है। खासकर 31 अक्टूबर, 1 नवंबर और 2 नवंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतनी चाहिए। यदि अचानक गरज-चमक शुरू हो जाए, तो पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
आकाशीय बिजली गिरना एक गंभीर प्राकृतिक खतरा है। इसलिए मौसम खराब होने पर खेतों, मैदानों और खुले स्थानों से सुरक्षित जगह पर चले जाना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में मोबाइल फोन या अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए खड़े रहना भी उचित नहीं है।
यदि किसी इलाके में तेज बारिश होती है, तो निचले स्थानों पर पानी जमा हो सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को सड़क पर सावधानी से चलना चाहिए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में इन तारीखों के लिए कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं की गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि स्थानीय स्तर पर मौसम अचानक खराब नहीं हो सकता। इसलिए ताजा मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। India Meteorological Department
6 नवंबर से साफ होने लगेगा आसमान
मौसम में लगातार बदलाव के बीच 6 नवंबर का दिन राजधानी रांची के लिए अपेक्षाकृत साफ मौसम लेकर आ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दिन सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध दिखाई दे सकती है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है।
यह बदलाव उन लोगों के लिए राहत देने वाला हो सकता है, जिन्हें लगातार बादलों और बारिश की गतिविधियों के कारण परेशानी हो रही है।
आसमान साफ होने के बाद धूप निकलने की संभावना रहेगी। इससे दिन के समय मौसम थोड़ा गर्म महसूस हो सकता है, जबकि सुबह और रात के समय तापमान कम रहने के कारण हल्की ठंडक बनी रह सकती है।
6 नवंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
हालांकि, सुबह की धुंध के कारण कुछ स्थानों पर दृश्यता प्रभावित हो सकती है। इसलिए सुबह-सुबह वाहन चलाने वालों को सावधानी बरतनी चाहिए। India Meteorological Department+1
तापमान में उतार-चढ़ाव से बदलेगा लोगों का दैनिक जीवन
मौसम में होने वाले बदलाव का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ता है। जब कभी आसमान में बादल छा जाते हैं और बारिश होती है, तो तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है। वहीं धूप निकलने पर दिन में गर्मी बढ़ सकती है।
रांची में आने वाले दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। दूसरी ओर न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने का अनुमान है।
31 अक्टूबर और 1 नवंबर को न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री रह सकता है। इसके बाद 2 नवंबर को 19 डिग्री और 3 से 6 नवंबर के बीच लगभग 18 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।
इस बदलाव के कारण सुबह और रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को तापमान में बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
दिन के समय बाहर निकलने वाले लोगों को धूप और मौसम की स्थिति के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करनी चाहिए। सुबह हल्के गर्म कपड़े और दोपहर में सामान्य कपड़े पहनना सुविधाजनक हो सकता है।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है मौसम का पूर्वानुमान
झारखंड में बड़ी संख्या में लोग खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में मौसम में बदलाव का सीधा प्रभाव किसानों के कामकाज पर पड़ सकता है।
धान की खेती राज्य के कई जिलों में प्रमुख कृषि गतिविधियों में शामिल है। इसके अलावा सब्जियों, दलहन और अन्य फसलों की खेती भी की जाती है। बारिश, तापमान और नमी की स्थिति फसलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यदि खेतों में खड़ी फसल के समय बारिश होती है, तो किसानों को कटाई, सुखाने और फसल के भंडारण से जुड़े कामों में सावधानी बरतनी पड़ सकती है।
कई किसान इस समय अपनी फसलों की देखभाल, कटाई और अगली कृषि गतिविधियों की तैयारी में जुटे रहते हैं। ऐसे में मौसम का सही अनुमान उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
बारिश होने की स्थिति में खेतों में पानी जमा होने से कुछ फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। इसलिए खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।
सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी मौसम के अनुसार सिंचाई और पौधों की देखभाल करनी चाहिए। लगातार नमी रहने से कुछ फसलों में कीट और फफूंद से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
हालांकि, किसानों को किसी भी कृषि गतिविधि का निर्णय केवल सामान्य मौसम समाचार के आधार पर नहीं लेना चाहिए। उन्हें अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग की सलाह भी देखनी चाहिए।
सब्जी उत्पादकों को रखनी होगी विशेष सावधानी
रांची और आसपास के इलाकों में सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान टमाटर, गोभी, मटर, आलू, बैंगन और अन्य मौसमी सब्जियों की खेती करते हैं।
मौसम में लगातार बदलाव होने पर इन फसलों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। खासकर अधिक नमी और बारिश की स्थिति में पौधों में रोग लगने का खतरा बढ़ सकता है।
सब्जी उत्पादकों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए। पौधों के आसपास जरूरत से ज्यादा पानी जमा होने से जड़ों को नुकसान हो सकता है।
इसके अलावा किसानों को फसलों में किसी प्रकार का रोग दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए। बिना जानकारी के कीटनाशक या दवाओं का इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है।
मौसम साफ होने के बाद खेतों में आवश्यक कृषि कार्यों को पूरा किया जा सकता है। लेकिन किसी भी दवा या खाद का इस्तेमाल फसल की वास्तविक स्थिति और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।
स्कूल जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को भी रहना होगा सतर्क
मौसम में बदलाव का असर स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी पड़ सकता है। सुबह के समय हल्की ठंडक और कुछ दिनों में बादलों के कारण बच्चों को घर से निकलते समय परेशानी हो सकती है।
अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाकर स्कूल भेजें। अगर सुबह बारिश हो रही हो, तो बच्चों के पास छाता या रेनकोट होना चाहिए।
बच्चों को बारिश के पानी में खेलने और गंदे पानी में चलने से बचाना चाहिए। इससे त्वचा संबंधी समस्याएं और संक्रमण होने की आशंका बढ़ सकती है।
स्कूल प्रबंधन को भी खराब मौसम के दौरान बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। यदि किसी दिन तेज बारिश या बिजली चमकने की स्थिति बनती है, तो खुले मैदान में गतिविधियां कराने से बचना चाहिए।
इसके अलावा छोटे बच्चों को पर्याप्त पानी पीने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की आदत डालनी चाहिए।
बुजुर्गों और बीमार लोगों को रखना चाहिए स्वास्थ्य का ध्यान
मौसम में बदलाव के दौरान बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण कुछ लोगों को सर्दी, खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी महसूस हो सकती है।
जिन लोगों को पहले से सांस संबंधी बीमारी है, उन्हें धूल, धुआं और ठंडी हवा से बचने की कोशिश करनी चाहिए।
सुबह के समय बाहर निकलते हुए मौसम के अनुसार कपड़े पहनने चाहिए। यदि बारिश हो रही हो या हवा ठंडी हो, तो लंबे समय तक खुले स्थान पर रहने से बचना चाहिए।
बुजुर्गों को नियमित दवाइयां समय पर लेनी चाहिए और किसी भी परेशानी के बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बदलते मौसम के दौरान साफ पानी पीना, संतुलित भोजन करना और पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है।
यह ध्यान रखना चाहिए कि मौसम में बदलाव अपने आप किसी बीमारी का कारण नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों में पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता है।
वाहन चालकों को सुबह और शाम विशेष सावधानी बरतने की जरूरत
आने वाले दिनों में बारिश और सुबह की धुंध की संभावना को देखते हुए सड़क पर चलने वाले लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है।
बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के चालकों को परेशानी हो सकती है।
यदि सड़क पर पानी जमा है, तो वाहन की गति कम रखनी चाहिए। अचानक ब्रेक लगाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
सुबह के समय कोहरा या धुंध होने पर वाहन की हेडलाइट का उचित इस्तेमाल करना चाहिए। आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए।
दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनना चाहिए और बारिश के दौरान अनावश्यक तेज गति से वाहन नहीं चलाना चाहिए।
राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लंबी दूरी की यात्रा से पहले मौसम की स्थिति और सड़क संबंधी जानकारी प्राप्त करना उपयोगी रहेगा।
बाजार और कारोबार पर भी पड़ सकता है मौसम का असर
मौसम में बदलाव का प्रभाव केवल आम लोगों की दिनचर्या तक सीमित नहीं रहता। इसका असर बाजार, छोटे कारोबार और स्थानीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
बारिश होने पर बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो सकती है। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को भी सामान को बारिश से सुरक्षित रखना पड़ता है।
सब्जी और फल बेचने वाले व्यापारियों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है, क्योंकि नमी और पानी के कारण सामान जल्दी खराब हो सकता है।
वहीं मौसम साफ होने के बाद बाजारों में लोगों की आवाजाही सामान्य हो सकती है।
रांची जैसे शहर में बाजार, कार्यालय और शैक्षणिक संस्थानों की दैनिक गतिविधियां मौसम के अनुसार प्रभावित होती हैं। इसलिए व्यापारियों और दुकानदारों को आने वाले दिनों के मौसम पर ध्यान रखना चाहिए।
झारखंड के अन्य जिलों में भी दिख सकता है मौसम का असर
रांची के अलावा झारखंड के अन्य जिलों में भी मौसम की स्थिति पर लोगों की नजर बनी हुई है। राज्य में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अलग-अलग जिलों में मौसम का प्रभाव एक जैसा नहीं रहता।
कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही अधिक हो सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर आसमान साफ रहने की संभावना रहती है। कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर गरज-चमक और हल्की बारिश भी हो सकती है।
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम की जानकारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। किसान, मजदूर और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को मौसम के अनुसार अपनी गतिविधियां तय करनी पड़ती हैं।
हालांकि, रांची के लिए जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान को पूरे झारखंड का मौसम नहीं माना जा सकता। प्रत्येक जिले की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, हजारीबाग, पलामू, गुमला और अन्य जिलों के लोगों को अपने स्थानीय मौसम अपडेट पर ध्यान देना चाहिए।
नवंबर की शुरुआत के साथ सर्दियों की आहट
अक्टूबर के अंतिम दिनों के बाद नवंबर की शुरुआत में मौसम धीरे-धीरे बदलने लगता है। झारखंड में इस समय दिन और रात के तापमान में अंतर महसूस किया जा सकता है।
राजधानी रांची में भी सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने की संभावना है। हालांकि, नवंबर की शुरुआत में दिन के समय तापमान सामान्य रूप से गर्म रह सकता है।
जैसे-जैसे नवंबर आगे बढ़ेगा, न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना रहती है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में सुबह के समय धुंध और कोहरे की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम में यह बदलाव सर्दियों के आगमन का संकेत हो सकता है। लोगों को अपने स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों के अनुसार तैयारी करनी चाहिए।
विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और खुले वातावरण में काम करने वाले लोगों को सुबह-शाम के मौसम का ध्यान रखना चाहिए।
मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देना जरूरी
मौसम का पूर्वानुमान लोगों को संभावित बदलावों के बारे में पहले से जानकारी देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे किसान, प्रशासन, वाहन चालक और आम नागरिक अपनी गतिविधियों की योजना बना सकते हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग समय-समय पर मौसम संबंधी अपडेट और चेतावनियां जारी करता है। लोगों को सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
यदि किसी क्षेत्र में गरज-चमक की संभावना हो, तो खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित इमारत के अंदर रहना बेहतर होता है।
बारिश के समय जलभराव वाले रास्तों से गुजरने में सावधानी बरतनी चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होने और बिजली के खंभों के पास जाने से भी बचना चाहिए।
मौसम की जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आने वाले दिनों का तापमान और मौसम एक नजर में
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 31 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार रांची की संभावित स्थिति इस प्रकार है। India Meteorological Department+1
| तारीख | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान | मौसम |
|---|---|---|---|
| 31 अक्टूबर | 20°C | 28°C | बादल और बारिश |
| 1 नवंबर | 20°C | 28°C | आंशिक बादल, बारिश की संभावना |
| 2 नवंबर | 19°C | 28°C | बादल और बौछारें |
| 3 नवंबर | 18°C | 28°C | आंशिक बादल |
| 4 नवंबर | 18°C | 28°C | बादल, बिजली चमकने की संभावना |
| 5 नवंबर | 18°C | 28°C | आंशिक बादल |
| 6 नवंबर | 18°C | 28°C | सुबह धुंध, बाद में साफ आसमान |
नोट: ये अनुमानित तापमान हैं। वास्तविक तापमान और स्थानीय मौसम में बदलाव हो सकता है।
निष्कर्ष: मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए रहें सतर्क
झारखंड की राजधानी रांची में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदलता रहने की संभावना है। 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आसमान में बादलों की आवाजाही, कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं 6 नवंबर को सुबह हल्की धुंध के बाद आसमान मुख्य रूप से साफ होने का अनुमान है।
मौसम में बदलाव के साथ सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ सकती है। किसानों को फसलों की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा, जबकि आम लोगों को बारिश, बिजली चमकने और सुबह की धुंध के दौरान सावधानी बरतनी होगी।
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार फिलहाल रांची के लिए इन सात दिनों में कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं की गई है। फिर भी स्थानीय स्तर पर मौसम अचानक बदल सकता है।
ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें और अपनी दैनिक गतिविधियों की योजना उसी के अनुसार बनाएं। नवंबर की शुरुआत के साथ मौसम में आने वाला यह बदलाव झारखंड में सर्दियों की आहट भी दे रहा है।
[…] https://zindagijindabaad.com/ranchi-weather-update-cloudy-sky-november-6/ […]