झारखण्ड संघर्ष की एक गाथा का अंत | रूपी सोरेन के निधन पर रांची रिवोल्ट जनमंच और लक्ष्य डिफेंस एकेडमी द्वारा राजधानी रांची में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
रांची 14 अक्टूबर | अधिवक्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता और सामाजिक-वैचारिक संगठन रांची रिवोल्ट जनमंच के संयोजक डाॅ. प्रणव कुमार बब्बू ने कहा है कि रूपी सोरेन ने अपने जीवन में अपनी हर एक भूमिका को बखूबी निभाया | दिशोम गुरू शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन से न केवल अलग झारखण्ड प्रदेश के गठन बल्कि यहाँ रहने वाले लोगों की संघर्ष गाथा के एक वैसे अध्याय का भी अंत हो गया है जो सभी को हमेशा प्रेरित करता रहेगा | उन्होंने कहा कि विशेष रूप से झारखण्ड के आंदोलनकारियों के प्रति उनके सहयोग को हमेशा याद रखा जायेगा |
आज राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित मोरहाबादी क्रीड़ा केन्द्र के ग्राउंड में सामाजिक-वैचारिक संगठन रांची रिवोल्ट जनमंच और लक्ष्य डिफेंस एकेडमी द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा में रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात अपने संबोधन में संवेदना व्यक्त करते हुए डाॅ. बब्बू ने कहा कि रूपी सोरेन, जीवन के हर क्षण में अपनी पूरी क्षमता के साथ दिशोम गुरू की ताकत बनी रहीं | इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने पारिवारिक दायित्वों का भी जिस कुशलता के साथ निर्वहन किया वह उनकी क्षमता के साथ ही महिलाओं की सशक्तता को भी बताता है और यह हमेशा सभी को उत्प्रेरित करता रहेगा |
इस अवसर पर अपने संबोधन में बोकारो जिला चित्रगुप्त महापरिवार के संरक्षक जयशंकर जयपुरियार ने कहा कि रूपी सोरेन हमेशा जमीन से जुड़ी रहीं. उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन ने लाखों झारखण्डियों के दिलों पर अपनी अमिट छाप छोड़ दी है और उसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा |
कार्यक्रम के प्रारंभ में दो मिनट का मौन रखकर और पुष्पांजलि समर्पित कर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. शोक समा में लक्ष्य डिफेंस एकेडमी के प्रशिक्षक अनूप यादव एवं सुनील यादव के साथ ही अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये | आज के कार्यक्रम में सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और दिवंगत रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की |
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