झारखंड में डॉक्टरों की बहाली:
रांची, 9 अक्टूबर 2026: झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने डॉक्टरों की कमी दूर करने और सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में 306 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर और 200 मेडिकल ऑफिसर समेत कुल 506 चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज की जा रही है। इसके अलावा दक्षिण भारत से करीब 1,200 अतिरिक्त डॉक्टरों को झारखंड लाने की पहल भी शुरू की गई है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि राज्य के ग्रामीण, पहाड़ी और दूरदराज झारखंड में डॉक्टरों की बहाली के क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों या राज्यों की ओर जाने की मजबूरी कम होगी।
दक्षिण भारत से डॉक्टर लाने के लिए दो टीमें गठित
नेपाल हाउस स्थित स्वास्थ्य विभाग में हुई उच्चस्तरीय बैठक में डॉक्टरों की नियुक्ति, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, अस्पतालों के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की गई। बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे झारखंड में डॉक्टरों की बहाली:झारखंड में 506 डॉक्टरों की बहाली की तैयारी तेज, 1200 अतिरिक्त डॉक्टर लाने की पहल।
डॉ. इरफान अंसारी के अनुसार, चेन्नई, केरल, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे क्षेत्रों से चिकित्सकों को झारखंड लाने के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है। पहली टीम का नेतृत्व विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा करेंगी, जबकि इसमें संयुक्त सचिव ललित शुक्ला शामिल होंगे। दूसरी टीम की जिम्मेदारी एनएचएम अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा को दी गई है।
दोनों टीमें चिकित्सकों की उपलब्धता, नियुक्ति की संभावनाओं और झारखंड में उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को लेकर काम करेंगी। सरकार डॉक्टरों को बेहतर कार्य वातावरण, सुरक्षा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है।
सरकारी अस्पतालों में बढ़ेंगी आधुनिक जांच सुविधाएं
राज्य सरकार डॉक्टरों की नियुक्ति के साथ सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। इसके तहत सीटी स्कैन, एमआरआई, डिजिटल एक्स-रे और पैथोलॉजी लैब जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि केवल मशीनें खरीदना पर्याप्त नहीं है। उनके नियमित रखरखाव, प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता और समय पर जांच रिपोर्ट मिलना भी जरूरी है। सरकार चाहती है कि मरीजों को सामान्य और गंभीर बीमारियों की जांच के लिए निजी अस्पतालों या दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।

पुराने अस्पतालों को बेहतर तरीके से संचालित करने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में कई स्थानों पर अस्पतालों के भवन तैयार हैं, लेकिन डॉक्टर, नर्स और तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण उनका पूरी क्षमता से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। सरकार अब ऐसी स्वास्थ्य संस्थाओं को आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराकर प्रभावी ढंग से संचालित करने पर काम कर रही है।
इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों में रिक्त फैकल्टी पदों और बैकलॉग रिक्तियों को भरने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे। इससे चिकित्सा शिक्षा और मरीजों के इलाज, दोनों की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
डॉक्टरों की सुरक्षा और 108 एंबुलेंस सेवा पर भी चर्चा
डॉ. अंसारी ने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी कठिन परिस्थितियों में मरीजों की सेवा करते हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण मिलना चाहिए।
वहीं 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों की संभावित हड़ताल को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं पर बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल से बचने की अपील की, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
15 अक्टूबर को रिम्स गवर्निंग बॉडी की बैठक
मंत्री ने बताया कि रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की गवर्निंग बॉडी की बैठक 15 अक्टूबर को प्रस्तावित है। बैठक में संस्थान के कामकाज, चिकित्सा सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता डॉक्टरों की बहाली, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की नियुक्ति और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। सरकार का लक्ष्य ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है, जहां झारखंड के हर नागरिक को समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
झारखंड में डॉक्टरों की बहाली:झारखंड में 506 डॉक्टरों की बहाली की तैयारी तेज, 1200 अतिरिक्त डॉक्टर लाने की पहल
https://zindagijindabaad.com/deadline-extended-again-for-the-sir-process/
