एंटीबायोटिक और दूध:
रांची: एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल संक्रमण के इलाज में किया जाता है, लेकिन इनके साथ खान-पान का भी ध्यान रखना जरूरी हो सकता है। अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, भारत और जर्मनी समेत कई देशों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अध्ययन में एंटीबायोटिक दवाओं और भोजन के बीच संबंध को लेकर महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। खासतौर पर दूध और कुछ डेयरी उत्पादों में मौजूद कैल्शियम कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के शरीर में अवशोषण को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, यह प्रभाव सभी एंटीबायोटिक्स पर समान नहीं होता। उदाहरण के लिए, कुछ दवाओं के साथ डेयरी उत्पादों या कैल्शियमयुक्त खाद्य पदार्थों से अंतर रखने की सलाह दी जाती है। MedlinePlus के अनुसार कुछ एंटीबायोटिक्स के साथ कैल्शियम दवा के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है।
दूध और कुछ एंटीबायोटिक्स के बीच अंतर जरूरी
रिपोर्ट में बताया गया है कि दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों में कैल्शियम पाया जाता है। कुछ एंटीबायोटिक्स कैल्शियम के साथ जुड़ सकते हैं, जिससे दवा का शरीर में अवशोषण कम हो सकता है एंटीबायोटिक और दूध।
उदाहरण के तौर पर ciprofloxacin के संबंध में MedlinePlus निर्देश देता है कि इसे डेयरी उत्पाद या कैल्शियम-फोर्टिफाइड जूस के साथ अकेले नहीं लेना चाहिए। वहीं कुछ अन्य एंटीबायोटिक्स के लिए भी कैल्शियमयुक्त खाद्य पदार्थों से समय का अंतर रखने की सलाह दी जाती है।
इसलिए किसी भी एंटीबायोटिक को दूध या कॉफी के साथ लेने से पहले उसकी दवा संबंधी जानकारी और डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह देखना जरूरी है।
हर एंटीबायोटिक पर एक जैसा नियम लागू नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी एंटीबायोटिक्स के लिए दूध से दूरी बनाने का नियम एक जैसा नहीं है। दवा का नाम, उसकी श्रेणी और डॉक्टर द्वारा बताए गए सेवन के तरीके के आधार पर निर्देश अलग-अलग हो सकते हैं।
इसलिए केवल अखबार की खबर के आधार पर अपनी निर्धारित दवा बंद करना या उसके सेवन का समय बदलना उचित नहीं है। दवा वही तरीके से लेनी चाहिए, जैसा डॉक्टर ने बताया है।

एंटीबायोटिक के दौरान प्रोबायोटिक को लेकर भी चर्चा
रिपोर्ट में प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थों का भी उल्लेख किया गया है। एंटीबायोटिक दवाएं आंतों में मौजूद बैक्टीरिया के संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ अध्ययनों में प्रोबायोटिक्स को एंटीबायोटिक से जुड़ी दस्त की समस्या के जोखिम को कम करने से जोड़ा गया है, हालांकि इसका लाभ हर व्यक्ति और हर प्रोबायोटिक उत्पाद में समान नहीं होता।
NIH के अनुसार कुछ विशिष्ट प्रोबायोटिक स्ट्रेन एंटीबायोटिक-एसोसिएटेड डायरिया के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनके प्रभाव, स्ट्रेन और उपयोग की स्थिति के आधार पर परिणाम अलग हो सकते हैं।
दवा लेते समय किन बातों का रखें ध्यान?
एंटीबायोटिक और दूध
अखबार की रिपोर्ट में दवा लेने के दौरान खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। इसमें उम्र के अनुसार सावधानी बरतने की बातें भी बताई गई हैं।
बच्चों के मामले में दूध के साथ दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
युवाओं को कॉफी और शराब के सेवन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर यदि उनकी दवा के साथ कोई विशेष interaction बताया गया हो।
गर्भवती महिलाओं को एंटीबायोटिक या अन्य दवा डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए।
बुजुर्गों को किसी भी दवा के साथ भोजन, डेयरी उत्पाद और दूसरी दवाओं के संभावित interaction को लेकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
दवा और भोजन के बीच कितना अंतर रखें?
यह पूरी तरह दवा के प्रकार पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए कुछ tetracycline दवाओं में कैल्शियम वाले खाद्य पदार्थों से अंतर रखने की सलाह दी जाती है, जबकि ciprofloxacin के लिए भी डेयरी/कैल्शियमयुक्त उत्पादों के सेवन से संबंधित विशेष निर्देश हैं।
इसलिए किसी भी एंटीबायोटिक के लिए एक सामान्य “2 घंटे का नियम” सभी दवाओं पर लागू करना सही नहीं होगा। दवा के पैकेट/प्रिस्क्रिप्शन में दिए निर्देश या डॉक्टर/फार्मासिस्ट की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।
एंटीबायोटिक खुद से बंद न करें
एंटीबायोटिक लेने वाले मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना बीच में बंद नहीं करना चाहिए। MedlinePlus भी कुछ एंटीबायोटिक्स के लिए निर्धारित कोर्स पूरा करने की सलाह देता है, क्योंकि गलत तरीके से दवा रोकने से संक्रमण पूरी तरह ठीक न होने और antibiotic resistance का जोखिम हो सकता है।
एंटीबायोटिक और दूध: दूध-कॉफी कम कर रहे एंटीबायोटिक का असर? विशेषज्ञों ने खाने-पीने को लेकर दी सावधानी की सलाह
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