RIMS Ranchi में युवाओं में बढ़ते हृदय रोग को लेकर World Heart Day पर जागरूकतारांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS)।

युवाओं में दिल की बीमारी:

रांची: विश्व हृदय दिवस के मौके पर दिल की बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आई है। रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) के कार्डियोलॉजी विभाग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, युवाओं में हृदय संबंधी समस्याओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, रिम्स में सालभर में करीब 7,800 युवा हृदय संबंधी समस्या को लेकर परामर्श के लिए पहुंचे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि युवाओं में हृदय रोग के मामलों में करीब 10 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने इसके पीछे बदलती जीवनशैली, तनाव, काम का दबाव, खान-पान और शारीरिक गतिविधियों में कमी जैसे कारणों को महत्वपूर्ण बताया है।

विश्व हृदय दिवस पर जागरूकता जरूरी

हर वर्ष 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य हृदय रोगों और उनसे बचाव को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

रिपोर्ट में इस वर्ष की थीम “दिल की एक भी धड़कन न चूके” बताई गई है। इस मौके पर हृदय स्वास्थ्य को लेकर लोगों को सतर्क रहने और समय पर जांच कराने का संदेश दिया जा रहा है।

RIMS की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार संस्थान में कार्डियोलॉजी विभाग संचालित है और यहां छह दिन OPD तथा 24×7 कैथ लैब की सुविधा उपलब्ध है।

युवाओं में बढ़ रही चिंता

रिपोर्ट के अनुसार RIMS के कार्डियोलॉजी विभाग में हर महीने 3,500 से अधिक हृदय रोगियों को परामर्श दिया जाता है। इनमें युवाओं की संख्या भी उल्लेखनीय है।

अखबार में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, सालभर में करीब 7,800 युवा हृदय संबंधी समस्या को लेकर कार्डियोलॉजी विभाग पहुंचे। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2025 में RIMS कार्डियोलॉजी विभाग में लगभग 30 हजार से 32 हजार हृदय रोगियों ने परामर्श लिया, जिनमें करीब 6,000 से 6,400 युवा बताए गए हैं।

वर्ष 2024 में यह संख्या लगभग 28 हजार से 30 हजार के बीच बताई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें करीब 4,200 से 4,500 युवा शामिल थे।

नोट: ये आंकड़े आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई अखबार की रिपोर्ट के हैं। इन्हें RIMS की वेबसाइट पर उपलब्ध सामान्य patient statistics से अलग समझना चाहिए।

तनाव और वर्क प्रेशर भी बड़ी वजह

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजेश झा के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि युवाओं में बढ़ता अनावश्यक तनाव और वर्क प्रेशर हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार कई युवा सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं और काम के दौरान समय पर भोजन नहीं कर पाते। लंबे समय तक ऐसी जीवनशैली रहने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इसके अलावा लंबे समय तक बैठे रहना, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं करना, असंतुलित खान-पान और लगातार मानसिक दबाव भी हृदय स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं।

संतुलित भोजन और नियमित दिनचर्या पर जोर

विशेषज्ञों ने युवाओं को संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव कम करने वाली स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की सलाह दी है।

रिपोर्ट में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत कुमार के हवाले से बताया गया है कि OPD में आने वाले युवा हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार दो साल पहले कुल OPD में युवा हृदय रोगियों की हिस्सेदारी करीब 15 प्रतिशत थी, जबकि इस साल यह 22 से 25 प्रतिशत तक पहुंचने की बात कही गई है।

WHO भी गैर-संचारी बीमारियों में cardiovascular diseases को प्रमुख स्वास्थ्य चिंता के रूप में शामिल करता है और रोकथाम तथा दीर्घकालिक देखभाल पर जोर देता है।

RIMS में कार्डियोलॉजी की सुविधाएं

RIMS की आधिकारिक जानकारी के अनुसार कार्डियोलॉजी विभाग में सप्ताह में छह दिन OPD की सुविधा है और कैथ लैब 24×7 संचालित होती है। विभाग का उद्देश्य हृदय रोगियों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ तैयार करना भी है।

RIMS की केंद्रीय इमरजेंसी में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों के मरीजों का उपचार भी किया जाता है। संस्थान की वेबसाइट के अनुसार यहां 24×7 एंबुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

युवाओं के लिए जरूरी संदेश

युवाओं में हृदय संबंधी समस्याओं को लेकर बढ़ती चिंता के बीच नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित भोजन, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। किसी भी गंभीर या लगातार बने रहने वाले लक्षण की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

https://rimsranchi.ac.in/

https://zindagijindabaad.com/dumka-medical-college-mbbs-seats-admission/

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