पलामू देश सेवा में प्राण न्योछावर करने वाले भारतीय सेना के वीर जवान अब जिंदगी खोने के बाद भी देश के ही काम आना चाहते हैं,दिन रात आपकी और हमारी सुरक्षा में तैनात ये वीर सपूत अपना अंग दान करके अपने शरीर को भी देश के नाम करना चाहते हैं दिन सोमवार को राष्ट्रीय परशुराम सेना भार्गव के संरक्षक मुकेश तिवारी एवं संरक्षक धनंजय शुक्ला ज़ी जो पूर्व में एक भारतीय सैनिक भी रहे हैं और वर्तमान में अपनी सेवा रामगढ़ कैंट में दे रहे हैं, इन्होने रांची रिम्स में जा कर अपनी सभी अंगों के दान करने की कागजी प्रक्रिया पूरी कर दी सामाजिक दृष्टि से भी अंगदान चमत्कार साबित हुआ है। अंगों के प्रत्यारोपण के उद्देश्य से गुर्दे, हृदय,आंखे, छोटी आंत, हड्डियों के ऊतकों, जैसे अंग दान किए जाते हैं। अंगदान करने वाला शख्स एक विश्वास खोए व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता हैं । सरकार भी अंग दान के लिए देश में लोगों को प्रोत्साहित लगातार करती आई हैं ।यहां तक की सरकार ने अंग दान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रणालियों को स्थापित किया है। हालांकि, उनकी आपूर्ति की तुलना में अंगों की मांग अभी भी काफी ज्यादा है,अंग दान के लिए पूरे विश्व में लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है। जिस प्रकार राक्षस से युद्ध मे देवताओं को शस्त्र बनाने हेतु महर्षि दधीचि ने अपने शरीर का दान किया था उसी प्रकार आज जब हरकोई खुद के लिए ही जिना चाह रहा हैं तब एक परशुराम वंशज ने अपनी इच्छा से अपने पूरे शरीर के अंगों का दान करने का फैसला किया और भार्गव सेना के सदस्यों की उपस्थिति में रिम्स रांची में अपने पूरे शरीर का अंग दान किया।
हम बात कर रहे हैं पलामू जिला के लेस्लीगंज प्रखंड के खैराट गांव निवासी धनन्जय शुक्ला पिता स्वर्गीय रामधारी शुक्ला की जो आर्मी से रिटायर होने के बाद वर्तमान में रामगढ़ में निवास कर रहे है।उन्होंने अपनी इच्छा से अपने पूरे शरीर के अंगों का दान रिम्स रांची में किया।उन्होंने बताया कि उनकी दिल से इच्छा थी कि वो इस कार्य को करें जो आज पूरा हुआ।मौके पर उपस्थित भार्गव सेना के प्रदेश संरक्षक मुकेश तिवारी ने कहा कि जब यैसे परशुराम वंशजो के साथ हम खड़े होते है तो हमे गर्व होता हैं कि हमारे समाज मे आज भी यैसे पुरोधा है जो देश सेवा करने के बाद जब जाए तो उसके बाद भी समाज को कुछ देने के लिए ही सोचते रहते हैं।प्रदेश संरक्षक कमलेश शुक्ला ने कहा कि बिना किसी आबो हवा के श्री शुक्ला जी द्वारा 119 बार रक्तदान करना और अब सम्पूर्ण अंगदान करने को मैं शब्दों में बखान नहीं कर सकता।धनन्जय शुक्ला जी के इस कार्य के लिए समस्त समाज की तरफ से भार्गव सेना परिवार उनका हार्दिक अभिनंदन करती है।मौके पर आलोक तिवारी राजू,टिंकू शुक्ला सहित काफी संख्या में भार्गव सेना परिवार की उपस्थिति रही।

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