वज्रपात से बचाव के उपायवज्रपात से कैसे बचें

रांची । जिंदगी जिंदाबाद

मानसून के दस्तक देते ही देश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) का कहर देखने को मिल रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनहित में एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इन साधारण सावधानियों को अपनाकर खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

यदि आप आंधी-तूफान के वक्त घर पर हैं, यात्रा कर रहे हैं या फिर खुले में हैं, तो आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसकी पूरी सूची नीचे दी गई है:

1. घर के अंदर हैं तो क्या करें और क्या न करें?

क्या करें:

यथासंभव घर के अंदर ही रहें और अनावश्यक यात्रा करने से बचें।

घर के दरवाजों, खिड़कियों, कंक्रीट के फर्श, चिमनियों, चूल्हे और अन्य विद्युतीय चालक वस्तुओं से उचित दूरी बनाए रखें।

घर के सभी विद्युतीय और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को मुख्य बिजली संपर्क से अनप्लग (Unplug) कर दें।

बच्चों और पालतू जानवरों को घर के भीतर ही सुरक्षित रखें।

जो किसान भाई गीले खेतों में कार्य कर रहे हैं, वे तुरंत किसी सूखे एवं सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

क्या न करें:

बिजली गिरने और आंधी-तूफान के दौरान घर में पाइप के माध्यम से बहते पानी (जैसे नल का पानी) से संपर्क न रखें।

तार वाले फोन या धातु के तार सहित किसी भी विद्युतीय/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग बिल्कुल न करें।

खुले वाहनों, खुली संरचनाओं, खेल के मैदान, पार्क, तालाब, झील, स्विमिंग पूल और समुद्री तटों से तुरंत दूरी बना लें।

2. यदि आप यात्रा के क्रम में (सड़क/बाहर) हैं

चेतावनी का रखें ध्यान: आंधी-तूफान की चेतावनी होने पर बाहर जाने की गतिविधियों को यथासंभव स्थगित कर दें।

वाहनों से उतरें: मोटरसाइकिल या कृषि वाहनों (ट्रैक्टर आदि) से यथाशीघ्र उतरकर किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

नौका विहार न करें: यदि आप पानी में हैं, तो नौका विहार तुरंत बंद करें और किनारे पर पहुंचकर सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

पेड़ों से दूरी: अपने वाहन को किसी सुरक्षित स्थान पर ऊंचे पेड़ों से दूर खड़ा करें। वाहन के अंदर रहें तथा दरवाजे व खिड़कियां पूरी तरह बंद रखें।

जंगलों और पहाड़ों से बचें: घने जंगलों से दूर किसी सुरक्षित खुले स्थान पर रहें। पहाड़ियों, टीलों, पर्वतों और चोटियों जैसे ऊंचे स्थानों से यथाशीघ्र उतरकर नीचे आ जाएं।

दूरी बनाए रखें: बिजली की लाइनों, टेलीफोन के तारों, धातु से बने फेंसिंग तार, ओवरहेड तार, रेल रोड ट्रैक, पवन चक्कियों और ऊंचे पेड़ों से यथासंभव दूरी बनाकर रखें।

समूह में न रहें: यदि आप कई लोग साथ हैं, तो एक जगह एकत्रित न हों। आपस में पर्याप्त दूरी (कम से कम 15 फीट) बनाए रखें।

सुरक्षित मुद्रा (Safe Position): यदि आप खुले वातावरण में हैं और सुरक्षित स्थान पर शरण लेने के लिए पर्याप्त समय नहीं है, तो जमीन पर ‘गेद जैसी मुद्रा’ (Squat position) में झुक जाएं। हाथ कान पर रखते हुए सिर अंदर की ओर झुकाएं तथा जमीन से न्यूनतम संपर्क की मुद्रा बनाएं।

छतरी का इस्तेमाल न करें: मोबाइल फोन और लोहे की डंडियों वाली छतरियों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।

3. बिजली गिरने पर प्राथमिक उपचार (First Aid)

यदि दुर्भाग्यवश किसी व्यक्ति पर बिजली गिर जाती है, तो चिकित्सा कर्मियों के आने से पहले ये कदम उठाएं:

भ्रम दूर करें: प्रभावित व्यक्ति को छूना पूर्णतया सुरक्षित है, इससे आपको करंट नहीं लगेगा।

सांस और नब्ज जांचें: सबसे पहले जांच करें कि पीड़ित की सांस चल रही है या नहीं। नब्ज की जांच करने के लिए सबसे अच्छी जगह जबड़े के नीचे गर्दन पर स्थित ‘कैरोटिड धमनी’ (Carotid Artery) है।

CPR शुरू करें: यदि सांस नहीं चल रही है, तो तुरंत मुंह लगाकर श्वसन (माउथ-टू-माउथ) देना शुरू करें। यदि नब्ज भी नहीं चल रही है, तो कार्डियक कंप्रेशन के साथ-साथ सीपीआर (CPR) शुरू करें।

गंभीर चोटों की जांच: बिजली गिरने से पीड़ित व्यक्ति की आंखों की रोशनी और सुनने की क्षमता में कमी, हड्डियों का टूटना, लकवा या गंभीर रक्तस्राव जैसी जटिलताएं हो सकती हैं। घायल व्यक्ति को जलने या सदमा लगने की भी जांच करें।

अस्पताल ले जाएं: प्राथमिक उपचार के बाद पीड़ित व्यक्ति को यथाशीघ्र इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाएं।

महत्वपूर्ण सूचना: Thunderstorm & Lightning से प्रभावित व्यक्ति की सूचना तत्काल अपने अंचल अधिकारी / जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी / अपर समाहर्ता को दें।

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