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रांची, 10 अगस्त 2026: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। राज्य में SWASTH कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ डिजिटल हेल्थ सिस्टम, मातृ एवं किशोर स्वास्थ्य, स्वास्थ्य केंद्रों की गुणवत्ता और डेटा प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
SWASTH कार्यक्रम का पूरा नाम Statewide Alliance for Sustainable Transformation in Health है। इस राज्यव्यापी अभियान को टाटा स्टील फाउंडेशन और पिरामल फाउंडेशन संयुक्त रूप से संचालित करेंगे। कार्यक्रम को गेट्स फाउंडेशन का वित्तीय सहयोग भी प्राप्त होगा। यह पहल झारखंड के साथ-साथ ओडिशा में भी संचालित की जाएगी।

13 और 11 जिलों में चलेगा SWASTH कार्यक्रम
SWASTH कार्यक्रम के तहत झारखंड के अलग-अलग जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत टाटा स्टील फाउंडेशन राज्य के 13 जिलों में और पिरामल फाउंडेशन 11 जिलों में अभियान का क्रियान्वयन करेगा।
इस पहल के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की मौजूदा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, योजनाओं की प्रभावी निगरानी करने और आम लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
NHM सभागार में हुई उच्चस्तरीय बैठक
SWASTH कार्यक्रम को लेकर 10 अगस्त 2026 को रांची के नामकुम स्थित RCH सभागार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में उच्चस्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अभियान निदेशक एवं MD-NHM श्री शशि प्रकाश झा, IAS ने की।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कोषांगों के राज्य प्रभारी, चिकित्सा अधिकारी, राज्य समन्वयक और सलाहकार शामिल हुए। बैठक में राज्य की स्वास्थ्य कार्ययोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों ने अपने सुझाव साझा किए।
डिजिटल हेल्थ पोर्टल पर डेटा की शत-प्रतिशत एंट्री पर जोर
बैठक में MD-NHM शशि प्रकाश झा ने राज्य में संचालित स्वास्थ्य गतिविधियों की डिजिटल रिपोर्टिंग को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यों की शत-प्रतिशत प्रविष्टि डिजिटल पोर्टल्स पर सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से प्रसव केंद्रों पर पोर्टल के माध्यम से डेटा प्रबंधन को और मजबूत करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य सेवाओं की सही निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सटीक डेटा को महत्वपूर्ण माना गया।
SWASTH कार्यक्रम के तहत डिजिटल डेटा प्रबंधन को मजबूत करना स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और बेहतर मॉनिटरिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर को किया जाएगा मजबूत
बैठक में आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को AAM केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ जन आरोग्य समितियों (JAS) को सशक्त करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय यानी Convergence सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
मातृ स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
SWASTH कार्यक्रम में मातृ स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी गई है। बैठक में PMSMA के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं यानी High Risk Pregnancy (HRP) की समय पर पहचान करने और जरूरत के अनुसार रेफरल की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।
गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। बैठक में 25 मानकों पर काउंसलिंग और बर्थ वेटिंग होम की स्थापना को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना और प्रसव के दौरान संभावित जोखिम को कम करना है।
किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
SWASTH कार्यक्रम के तहत किशोरों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। राज्य के Adolescent Friendly Health Centres (AFHC) को मजबूत करने, उनकी बेहतर ब्रांडिंग करने और ऑनलाइन रिपोर्टिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
युवा मैत्री केंद्रों के माध्यम से किशोरों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
NQAS मानकों के अनुसार गुणवत्ता सुधार
बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों को NQAS (National Quality Assurance Standards) के अनुरूप स्वास्थ्य संस्थानों की सेवाओं को मजबूत करने का निर्देश दिया गया।
इसके तहत जिला अस्पताल (DH), अनुमंडलीय अस्पताल (SDH), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (UCHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) में गुणवत्ता सुधार पर काम किया जाएगा।
SWASTH कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता को मानकों के अनुरूप बनाना है, ताकि मरीजों को बेहतर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
स्वास्थ्य व्यवस्था में समन्वय पर जोर
SWASTH कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग, फाउंडेशन और जमीनी स्तर पर काम करने वाली टीमों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और राज्य स्तर के विशेषज्ञों ने कार्यक्रम की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया।
इस दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे अच्छे कार्यों की रिपोर्टिंग और उनकी निगरानी को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
कई अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में राज्य प्रभारी डॉ. रंजीत प्रसाद, डॉ. कमलेश कुमार, डॉ. मुकेश कुमार मिश्रा, डॉ. लाल मांझी, डॉ. विजय किशोर रजक, डॉ. पुष्पा माल्टो और डॉ. राहुल कुमार सिंह सहित सभी राज्य समन्वयक और कंसल्टेंट मौजूद रहे।
वहीं टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से अनूप होरे, राजेश रंजन, विजय भास्कर और विजय दुबे ने बैठक में हिस्सा लिया।
झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई दिशा
राज्य में SWASTH कार्यक्रम की शुरुआत को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। डिजिटल डेटा प्रबंधन से लेकर मातृ स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता तक कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को इस अभियान में शामिल किया गया है।
यदि कार्ययोजना को प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू किया जाता है, तो इससे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी, गुणवत्ता और सेवा वितरण में सुधार आने की उम्मीद है। आने वाले समय में SWASTH कार्यक्रम के तहत किए जाने वाले कार्यों और उनके परिणामों पर विशेष नजर रहेगी।