रांची । जिंदगी जिंदाबाद
Supreme Court ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वृद्ध या असाध्य रोग से ग्रसित कैदियों की शीघ्र या समय से पहले रिहाई के लिए व्यापक नीति बनाने और लागू करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने देश भर में ऐसे मामलों पर विचार करने के लिए एकसमान तंत्र सुनिश्चित करने हेतु नीति को तीन महीने के भीतर अधिसूचित करने का आदेश दिया।
Supreme Court के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के अंतर्गत अपनी असाधारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए वृद्ध और गंभीर रूप से बीमार कैदियों की रिहाई के लिए मानवीय और एकसमान ढांचा बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र या समय से पहले रिहाई के आवेदनों पर विचार करने की पूरी प्रक्रिया को ई-कारागार पोर्टल के साथ एकीकृत किया जाए।
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