A month-long special tobacco prohibition campaign will begin in Jharkhand from May 26.

*अभियान निदेशक ने जिलों को जारी की विस्तृत कार्य योजना*   

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स्वास्थ्य विभाग  द्वारा आगामी ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस’ 31 मई के अवसर पर पूरे राज्य में 26 मई से 26 जून 2026 तक अन्तरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरूपयोग एवं अवैध तस्करी दिवस तक एक महीने का विशेष तम्बाकू नियंत्रण और जन-जागरूकता  अभियान चलाया जाएगा । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने सभी सिविल सर्जन, सभी उपायुक्त, सभी जिला नोडल पदाधिकारी और सभी जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारियों को इस संबंध में गतिविधियों के सफल संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये हैं।  इस वर्ष विश्व तम्बाकू निषेध दिवस 2026 का मुख्य थीम आकर्षण का पर्दाफाश करना – निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला करना ” है। इसका उद्देश्य आम जनमानस, विशेषकर बच्चों, किशोरों और युवाओं को तम्बाकू व निकोटीन उत्पादों के दुष्प्रभावों, मुख कैंसर, हृदय एवं श्वसन रोगों के जोखिम के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसकी लत छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस एक माह के विशेष अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर निकाय, खाद्य सुरक्षा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, परिवहन विभाग, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र संगठन और स्थानीय सामुदायिक संगठनों के साथ बहु-विभागीय समन्वय स्थापित कर सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। अभियान को कुल पांच प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है, जिसके तहत राज्य के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सदर व जिला अस्पतालों, चिकित्सा व दंत चिकित्सा कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों, पंचायत भवनों और शहरी निकाय कार्यालयों जैसी सार्वजनिक जगहों पर अनिवार्य रूप से विशेष गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी। 

अभियान के तहत  स्कूलों और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध के प्रावधान को कड़ाई से लागू करने हेतु “पीली रेखा” द्वारा सीमांकन किया जाएगा और वहां स्पष्ट शब्दों में “तम्बाकू मुक्त क्षेत्र” लिखा जाएगा। इसके साथ ही, प्रति सप्ताह न्यूनतम 10 विद्यालयों का भ्रमण कर जानकारी प्रदान की जाएगी और मापदंडों को पूरा करने वाले 5 विद्यालयों से घोषणा पत्र प्राप्त किया जाएगा । स्कूली बच्चों के बीच वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया जाएगा । ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के लिए ‘तम्बाकू मुक्त ग्राम अभियान’ के तहत साइकिल रैली, दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक और पंचायत भवनों व आंगनबाड़ी जैसे सार्वजनिक स्थलों पर ‘तम्बाकू मुक्त/गैर धूम्रपान क्षेत्र’ के सूचना पट्ट  लगाए जाएंगे । इसके अलावा, ग्राम सभा की बैठकें कर मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्यों जैसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से गाँवों को तम्बाकू मुक्त घोषित करने हेतु प्रस्ताव प्राप्त किए जाएंगे । इस अभियान के दौरान व्यापक आईईसी गतिविधियाँ चलाई जाएंगी, जिसके तहत जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर रैलियां, संगोष्ठी,  वॉकथॉन और प्रभात फेरियां आयोजित होंगी । प्रमुख चौक-चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन होगा और सोशल मीडिया पर विशेष अभियान चलाकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी । साथ ही, सभी गतिविधियों के ऑडियो-वीडियो संदेश तैयार कर आम लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।  इस दौरान स्कूली बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को तम्बाकू का उपयोग न करने हेतु ‘तम्बाकू निषेध शपथ’ दिलाई जाएगी और हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा । विशेष रूप से, 21 जून 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ के अवसर पर भी धूम्रपान एवं किसी भी प्रकार के तम्बाकू व नशीले उत्पादों का उपयोग नहीं करने हेतु विशेष शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। जनमानस के स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर  में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा, जहाँ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा तम्बाकू की लत छोड़ने के लिए परामर्श  दिया जाएगा और साथ ही मधुमेह, हृदय रोग एवं कैंसर रोग विशेष जाँच की जाएगी।  इसके अलावा, झारखंड में तम्बाकू उद्योग, विशेषकर बीड़ी बनाने और निर्माण के कार्य में लगे मजदूरों और कारीगरों को तम्बाकू के स्थान पर वैकल्पिक फसलों के उत्पादन, विपणन और वैकल्पिक आजीविका के अवसर सृजित करने में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका पर विशेष प्रशिक्षण-सह-कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। झारखंड सरकार के आदेश संख्या 165 दिनांक 16.08.2019 के आलोक में सभी कार्यालयों, संस्थानों और परिसरों को पूर्व में ही तम्बाकू मुक्त घोषित किया जा चुका है, जिसके अनुपालन हेतु सभी सरकारी भवनों में ‘तम्बाकू मुक्त क्षेत्र’ का प्रदर्शन दीवार लेखन या फ्लेक्स पोस्टर के माध्यम से प्रमुखता से किया जाएगा। इसके साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों, हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और पेट्रोल/सीएनजी पंपों पर ‘तम्बाकू नियंत्रण पर रूपरेखा समझौता’ के अनुच्छेद 5.3 से संबंधित सूचना पट्ट और ‘गैर धूम्रपान क्षेत्र’ के बोर्ड प्रदर्शित किए जाएंगे। तम्बाकू निषेध से सम्बंधित नियमों के अनुपालन के लिए, सभी जिलों में त्रिस्तरीय तम्बाकू निरोधक छापामार दस्तों, थाना प्रभारियों और नगर निकायों के ‘नगर प्रवर्तन दस्ते’ द्वारा सघन छापामारी अभियान चलाया जाएगा। यह दस्ता सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा 2003), सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (झारखंड संशोधन) अधिनियम 2021 और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध कानून (पेका 2019) के विभिन्न प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएगा, विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। आम जनता को जागरूक करने के लिए इन कानूनों के प्रावधानों से संबंधित सार्वजनिक सूचना समाचार पत्रों में भी प्रकाशित कराए जाएंगे।

तम्बाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों की मदद के लिए राष्ट्रीय निःशुल्क सहायता नंबर 1800-11-2356  का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और सभी जिलों की आधिकारिक वेबसाइटों के होम पेज पर भी इसे स्क्रॉल के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।  युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक माध्यमों के माध्यम से सरकारी पदाधिकारियों, खिलाड़ियों, चिकित्सकों और विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों के साथ विशेष  टॉक शो भी आयोजित किए जायेंगे।

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जीआई के क्षेत्र में झारखंड ने मजबूत की अपनी उपस्थिति; राज्य के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग======*झारखंड सरकार राज्य की अनूठी कला, शिल्प, कृषि उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं को पहचान दिलाने, उन्हें सुरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, जीआई रजिस्ट्री ने हाल ही में राज्य के 11 और महत्वपूर्ण उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया है।  इन पहलों का मुख्य उद्देश्य झारखंड के पारंपरिक उत्पादों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना, बाजार में उनकी पहचान बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थापित करना है।  *ये हैं जीआई क्लब में शामिल**झारखंड के ये उत्पाद हुए जीआई (GI) क्लब में शामिल*हाल ही में जिन उत्पादों को जीआई दर्जा दिया गया है, उनमें कुचाई सिल्क साड़ी और कपड़े, भगैया साड़ी और कपड़े, दुमका चादर बदोनी पुतुल (कठपुतली), झारखंड पंछी परहान पंछी साड़ी और कपड़े, झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड डोकरा क्राफ्ट (धातु शिल्प)   झारखंड के आदिवासी आभूषण (Tribal Jewellery), झारखंड के बांस शिल्प (Bamboo Crafts), केसरिया कलाकंद, झारखंड बेनाम और झारखंड जादुपटुआ पेंटिंग् शामिल हैं। इन सभी नए जीआई टैगों का आधिकारिक प्रकाशन अगले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा। वर्ष 2019 तक झारखंड के पास केवल एक जीआई-टैग उत्पाद (सोहराई और खोवर पेंटिंग) था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जो जीआई परिदृश्य में राज्य की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।*झारक्राफ्ट की बड़ी उपलब्धि*उद्योग विभाग, झारखंड सरकार के तहत कार्यरत झारक्राफ्ट और मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड वर्ष 2019 से ही जीआई पंजीकरण गतिविधियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इसी प्रयास के तहत एक उल्लेखनीय मील का पत्थर तब हासिल हुआ, जब झारक्राफ्ट ने एक साथ तीन उत्पादों झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड के आदिवासी आभूषण और झारखंड के बांस शिल्प  के लिए जीआई पंजीकरण सुरक्षित किया है। ये पंजीकरण झारखंड के कारीगरों और पारंपरिक समुदायों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की दृश्यता, प्रामाणिकता और बाजार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे। *अन्य उत्पाद भी हैं कतार में*झारखंड की यह जीआई यात्रा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, कई अन्य अनूठे उत्पादों के आवेदन भी जीआई रजिस्ट्री में जमा किए गए हैं, इनमें मांदर, प्यतकर पेंटिंग, निमुचा/करनी शॉल, लाह की चूड़ियाँ, देवघर पेड़ा, रागी, रुगड़ा, धुस्का, कुसुमी लाहा, साल के बीज, महुआ का फूल और करंज के बीज शामिल हैं। राज्य में अभी भी कई और स्वदेशी उत्पादों को जीआई ढांचे के तहत लाने और राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों में उन्हें सही पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।===========================

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-*==================*★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत “नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)” हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★  श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।**★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।**★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।**★  Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।**★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★  श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।**###*==============

*छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करें : चमरा लिंडा, मंत्री**छात्रवृत्ति भुगतान दिसंबर से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश, योजनाओं की समीक्षा में मंत्री चमरा लिंडा सख्त*रांची।  माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।