
Ranchi Daltonganj MEMU Train: झारखंड के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। रांची रेल मंडल ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ और सुविधा को देखते हुए Ranchi Daltonganj MEMU Train (वाया लोहरदगा) चलाने का एक नया प्रस्ताव रेलवे मुख्यालय को भेजा है। इस नए रूट पर चलने वाली यह पांचवीं मेमू ट्रेन होगी, जिसके लिए 12 कोच वाले मेमू रैक की व्यवस्था भी कर ली गई है।
इस ट्रेन के शुरू होने से रांची और पलामू क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
Ranchi Daltonganj MEMU Train का रूट और स्टेशन लिस्ट
यह नई मेमू ट्रेन रांची से खुलकर लोहरदगा और टोरी होते हुए डालटनगंज तक जाएगी। रेलवे द्वारा तय किए गए रूट के अनुसार, इस ट्रेन के मुख्य पड़ाव निम्नलिखित होंगे:
पिस्का
नगड़ी
टांगरबसली
लोहरदगा
टोरी जंक्शन
लातेहार
बरवाडीह
डालटनगंज
क्या होगी ट्रेन की टाइमिंग? (Ranchi Daltonganj MEMU Train Time Table)
प्रस्तावित योजना के अनुसार, यह ट्रेन अप-डाउन शटल पैटर्न पर चलाई जाएगी।
रांची से प्रस्थान: यह ट्रेन शाम को करीब 6:30 बजे रांची से डालटनगंज के लिए रवाना होगी।
वापसी: डालटनगंज से चलकर यह ट्रेन सुबह रांची लौटेगी।
12 कोच की इस मेमू ट्रेन में करीब 1000 यात्रियों के बैठकर और लगभग 2500 यात्रियों के खड़े होकर सफर करने की क्षमता होगी, यानी एक बार में करीब 3500 यात्री इसमें यात्रा कर सकेंगे।
आखिर क्यों पड़ी इस रूट पर नई मेमू ट्रेन की जरूरत?
वर्तमान में इस रूट पर रोजाना चार मेमू ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें से तीन ट्रेनें केवल लोहरदगा तक और एक ट्रेन टोरी तक ही जाती है। इन ट्रेनों में हर दिन 10,000 से अधिक यात्री सफर करते हैं, जिससे ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है। इसी भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा देने के लिए Ranchi Daltonganj MEMU Train बेहद जरूरी हो गई थी।
सीनियर डीसीएम (रांची रेल मंडल) श्रेया सिंह के अनुसार:
“रांची-डालटनगंज के बीच प्रस्तावित मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रा अधिक सुलभ, सस्ती और नियमित होगी। इससे विशेष रूप से नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस सेवा को हरी झंडी मिलने के बाद रांची और पलामू क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा।”
कब तक मिलेगी मंजूरी?
धनबाद रेल मंडल से इस परियोजना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जल्द मिलने की संभावना है। जेडआरयूसीसी (ZRUCC) सदस्य अरुण जोशी ने बताया कि यह रेल मार्ग पूर्व-मध्य रेलवे के धनबाद मंडल से जुड़ा है, इसलिए एनओसी मिलने में कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी। अधिकारियों के अनुसार, अगले महीने तक धनबाद रेल डिवीजन से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है, जिसके बाद परियोजना तेजी से आगे बढ़ेगी।
418 किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क को भी मंजूरी
ट्रेन परिचालन के साथ-साथ रेलवे अपनी संचार व्यवस्था को भी हाईटेक बनाने जा रहा है। रेलवे मंत्रालय ने रांची रेल मंडल में डिजिटल संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 48-फाइबर ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क के अपग्रेडेशन को मंजूरी दे दी है।
यह करीब 200 करोड़ रुपये की मेगा योजना का हिस्सा है, जो दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के तहत लागू होगी। इसके तहत रांची मंडल के 418.6 रूट किलोमीटर में आधुनिक टेलीकॉम बैकबोन तैयार किया जाएगा। इस नई प्रणाली से ड्राइवर, गार्ड, स्टेशन और डिवीजन कंट्रोल के बीच संपर्क पहले से कहीं ज्यादा बेहतर और विश्वसनीय हो जाएगा।