रांची। जिंदगी जिंदाबाद
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा को लेकर जारी अनिश्चितता और विवाद के बीच मामला अब औपचारिक रूप से झारखंड हाई कोर्ट पहुंच गया है। अभ्यर्थियों के हितों और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी रमेश उरांव की ओर से Jharkhand High Court में एक याचिका (WPC) दायर की गई है। अदालत के ई-कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार याचिका का फाइलिंग नंबर 10762/2026 और CNR नंबर JHHC01-030509-2026 दर्ज किया गया है। याचिका में राज्य सरकार को मुख्य सचिव के माध्यम से प्रतिवादी (Respondent) बनाया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि हाई कोर्ट की सिंगल बेंच में आज ही दोपहर 3:30 बजे इस पर प्राथमिक सुनवाई हो सकती है। याचिकाकर्ता की ओर से वकीलों का एक बड़ा पैनल पैरवी कर रहा है, जिनमें अधिवक्ता अर्पण मंजेश एक्का, इंद्रजीत सिन्हा, आशीष चौधरी, कुमार अभिषेक, अर्पण मिश्रा, अंकित विशाल और अमृतांश वत्स शामिल हैं। वहीं राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता अच्युत केशव पक्ष रखेंगे।
CGL परीक्षा के आयोजन और परिणाम को लेकर लंबे समय से परीक्षार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। ऐसे में मामला अदालत में जाने के बाद राज्यभर के हजारों अभ्यर्थियों की नजरें अब हाई कोर्ट की कार्यवाही और दोपहर में होने वाली संभावित सुनवाई पर टिक गई हैं। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि अदालत के हस्तक्षेप से इस भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी।
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