JSSC CGL धांधली मामला: CID ने जांच की तेज, आयोग कार्यालय में छापेमारी कर खंगाले दस्तावेजJSSC CGL धांधली मामला: CID ने जांच की तेज, आयोग कार्यालय में छापेमारी कर खंगाले दस्तावेज

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा में धांधली और अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष टीम ने अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। CID की टीम ने JSSC कार्यालय में अचानक छापेमारी कर पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। छापेमारी के दौरान टीम ने आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से घंटों गहन पूछताछ की और परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सीलबंद दस्तावेज, ओएमआर शीट और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले।

आवास के बाद अब दफ्तर में दबिश

सूत्रों के अनुसार, CID की टीम ने JSSC कार्यालय पहुंचने से पहले सचिव सुधीर गुप्ता के सरकारी आवास पर भी छापेमारी की थी। आवास से मिले सुरागों और इनपुट्स के आधार पर ही टीम सीधे आयोग के मुख्यालय पहुंची। पूछताछ के दौरान CID अधिकारियों ने CGL परीक्षा के आयोजन से जुड़ी फाइलों, ओएमआर शीट के रख-रखाव, परीक्षा संचालन करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन की प्रक्रिया और परिणाम जारी करने तक की पूरी व्यवस्था पर सचिव से तीखे सवाल पूछे।

सभी सफल अभ्यर्थियों की होगी गहन स्क्रूटनी

मामले में बड़ा अपडेट यह है कि CID अब JSSC CGL परीक्षा में सफल घोषित किए गए सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और ओएमआर शीट्स की नए सिरे से गहन जांच (Scrutiny) करने जा रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मेधावी छात्रों के अधिकारों पर डाका डालकर किसी प्रकार की ‘सेटिंग’ या अनुचित साधनों के जरिए अयोग्य उम्मीदवारों को सफलता दिलाई गई है। जांच टीम सफल अभ्यर्थियों के ओएमआर शीट्स, अटेंडेंस शीट और डिजिटल ट्रेल का मिलान करेगी।

दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

CID के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में जो भी अभ्यर्थी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। धांधली में शामिल पाए जाने वाले अभ्यर्थियों पर तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा, साथ ही उन्हें भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से हमेशा के लिए निष्कासित (Debar) कर दिया जाएगा।

एजेंसी के प्रतिनिधि भी जांच के घेरे में

इधर, JSSC CGL परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई इस कार्रवाई के बाद से लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें जांच के नतीजों पर टिकी हैं। सूत्रों का कहना है कि सचिव से पूछताछ और दस्तावेजों की जब्ती के बाद अब CID परीक्षा आयोजित कराने वाली बाहरी एजेंसी के निदेशकों और अधिकारियों को भी समन भेजने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े रसूखदारों पर गाज गिर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed