गढ़वा जिले के स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत लिए जाने से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल खबर के मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा द्वारा मामले की जाँच हेतु संयुक्त जाँच दल का गठन किया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल खबर के अनुसार, विभिन्न प्रखंडों में आउटसोर्सिंग एजेंसी समानता कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में लैब टेक्नीशियन, ओटी असिस्टेंट, एएनएम, जीएनएम एवं एमपीडब्ल्यू के पदों पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से कथित रूप से प्रति अभ्यर्थी दो से तीन लाख रुपये तक रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाया गया है। वायरल खबर में असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय में कार्यरत लिपिक रौशन कुमार एवं धीरज पाठक की कथित संलिप्तता का भी उल्लेख किया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा द्वारा वायरल खबर में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जाँच एवं संबंधित तथ्यों के सत्यापन के लिए विकास कुमार राय, अपर समाहर्त्ता को अध्यक्ष तथा कुमार मयंक भूषण, अनुमंडल पदाधिकारी, गढ़वा को सदस्य के रूप में नामित करते हुए संयुक्त जाँच दल का गठित किया गया है।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी द्वारा गठित जाँच दल को निर्देश दिया गया है कि मामले की गहन एवं निष्पक्ष जाँच करते हुए सभी संबंधित तथ्यों का सत्यापन किया जाए तथा एक सप्ताह के अंदर स्पष्ट मंतव्य के साथ संयुक्त जाँच प्रतिवेदन अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराया जाए।
जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात मामले में नियमानुसार आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। जाँच पूरी होने तक वायरल खबर में लगाए गए आरोपों को कथित आरोप के रूप में ही देखा जाएगा।