झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीटें बढ़ाने की तैयारीझारखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीटें बढ़ाने की तैयारी शुरू।

फैकल्टी और स्टाफ का होगा पुनर्गठन:

रांची: झारखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल शिक्षा के विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में UG और PG की सीटों में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। सीटों की संख्या बढ़ने के साथ ही फैकल्टी, डॉक्टर, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के पदों का भी पुनर्गठन किया जाएगा। इसके लिए राज्य के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों फैकल्टी और स्टाफ का होगा पुनर्गठनसे वर्तमान मानव संसाधन और भविष्य की जरूरतों का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट मांगी गई है।

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के राजकीय मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों, फैकल्टी और भविष्य में सीटों के विस्तार को लेकर चर्चा की गई। सभी मेडिकल कॉलेजों को अपनी वर्तमान स्थिति और आने वाले वर्षों में आवश्यक मानव संसाधन का आकलन कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया।

मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी UG और PG सीटें

फैकल्टी और स्टाफ का होगा पुनर्गठन:

अपर मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेजों में अधिकतम संभव संख्या में UG और PG सीटें बढ़ाने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेजों का विस्तार केवल भवन और अन्य सिविल वर्क तक सीमित नहीं होना चाहिए। सीटों में वृद्धि के साथ पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता भी जरूरी है।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में वर्तमान मानव संसाधन और भविष्य की आवश्यकता का विस्तृत आकलन किया जाएगा। बढ़ी हुई सीटों के अनुसार शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी की जाएगी।

मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी UG और PG सीटें

संविदा पर प्रोफेसरों की नियुक्ति का विकल्प

बैठक में फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए कई विकल्पों पर भी चर्चा हुई। आवश्यकता पड़ने पर संविदा के आधार पर प्रोफेसरों की नियुक्ति की जा सकती है। इसके अलावा सेवानिवृत्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेने और दूसरे राज्यों व शहरों से योग्य प्रोफेसरों को नियुक्त करने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया गया।

योग्य प्राध्यापकों को आकर्षित करने के लिए इन नियुक्तियों का पूरे देश में व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। साथ ही नियमित रूप से वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि प्रोफेसर, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों को जल्द भरा जा सके।

धनबाद मेडिकल कॉलेज ने 2030 तक की योजना बनाई

समीक्षा बैठक के दौरान एसएनएमएमसीएच धनबाद की ओर से वर्ष 2030 तक की कार्ययोजना की जानकारी दी गई। इसमें UG की 250 और PG की 200 सीटें बढ़ाने का प्रस्तावित लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज के सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को पुनर्गठित करने का निर्देश दिया गया।

धनबाद के अलावा दुमका, हजारीबाग, पलामू समेत राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन संस्थानों में UG की 200 और PG की 150 सीट तक बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया। इसके लिए आवश्यक फैकल्टी, पैरामेडिकल स्टाफ और इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता का भी आकलन किया जाएगा।

बोकारो और चाईबासा मेडिकल कॉलेजों की भी समीक्षा

बैठक में बोकारो और चाईबासा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि दोनों मेडिकल कॉलेजों के भवन अगले वर्ष तक तैयार होने की संभावना है।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि यदि आवश्यक फैकल्टी और अन्य संसाधन समय पर उपलब्ध हो जाते हैं और मेडिकल कॉलेजों के लिए निर्धारित मानक पूरे किए जाते हैं, तो अगले वर्ष से दोनों स्थानों पर पढ़ाई शुरू करने की दिशा में प्रयास किया जा सकता है।

राज्य सरकार की इस योजना से आने वाले वर्षों में झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल शिक्षा की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सीटों में संभावित वृद्धि के साथ फैकल्टी और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अभी से मानव संसाधन की योजना तैयार की जा रही है।

फैकल्टी और स्टाफ का होगा पुनर्गठन

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