झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक से जुड़ा न्यूज़ ग्राफिक, जिसमें जेपीएससी पुनर्गठन, जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच, श्वेता गुप्ता निलंबन और एसीएफ-रेंजर परीक्षा पर हाईकोर्ट के रुख को दिखाया गया है।झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक में जेपीएससी पुनर्गठन और परीक्षा सुधार समेत कई बड़े प्रस्तावों पर फैसला होने की संभावना।

मुख्य कीवर्ड: झारखंड कैबिनेट बैठक, जेपीएससी पुनर्गठन, जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा, श्वेता गुप्ता निलंबन, सुप्रीम कोर्ट सीबीआई जांच, झारखंड न्यूज

आज झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में राज्य कैबिनेट की होने वाली बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी प्रस्तावों पर मुहर लगने की पूरी संभावना है। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पुनर्गठन और परीक्षा सुधार से जुड़ा हुआ है।

आइए इस लेख के माध्यम से विस्तार से जानते हैं कि आज की कैबिनेट बैठक और अन्य जुड़ी खबरों में क्या कुछ खास रहने वाला है।

JPSC-JSSC विवाद: हाई कोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, जानिए इस पूरे मामले का नया एंगल
झारखंड कैबिनेट बैठक: जेपीएससी पुनर्गठन और परीक्षा सुधार पर बड़ा फैसला संभव

1. जेपीएससी पुनर्गठन और अध्यक्ष-सदस्यों की नियुक्ति का प्रस्ताव

आज की कैबिनेट बैठक का मुख्य आकर्षण जेपीएससी के पुनर्गठन का प्रस्ताव है। सूत्रों के अनुसार, आयोग के सुचारू संचालन और पारदर्शिता लाने के लिए इसके पुनर्गठन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इस प्रस्ताव के तहत जेपीएससी के अध्यक्ष से लेकर अन्य सदस्यों की नियुक्तियों की प्रक्रिया और प्रावधानों पर मुहर लग सकती है।

इसके साथ ही, पिछली विशेष कैबिनेट में आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार समिति बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। आज की बैठक में यह तय हो सकता है कि इस कमेटी में और कौन-कौन से अधिकारी या विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके अलावा, जेपीएससी और जेएसएससी (JSSC) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ (Internal Monitoring Cell) गठित किए जाने का भी प्रस्ताव संभावित है।

2. जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग

राज्य में पूर्व में आयोजित जेपीएससी और जेएसएससी की सीजीएल (CGL) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इन गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित किए जाने का प्रस्ताव भी आज लाया जा सकता है।

दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में 14वीं जेपीएससी झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई से स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग को लेकर याचिका पर सुनवाई चल रही है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर इस याचिका में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की सीबीआई से जांच कराने की पुरजोर मांग की गई है।

3. जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता निलंबित

भ्रष्टाचार और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आईं झारखंड लोक सेवा आयोग की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को आखिरकार गिरफ्तारी के एक महीने बाद निलंबित कर दिया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार विभाग ने सोमवार को उनके निलंबन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

ज्ञात हो कि जेपीएससी मामले में संलिप्तता के चलते श्वेता गुप्ता को 22 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद से वह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (होटवार जेल) में बंद हैं। मामले की जांच कर रही सीआईडी ने 22 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार किया था। नियमानुसार किसी भी सरकारी सेवक के गिरफ्तार होने या न्यायिक हिरासत में 48 घंटे से अधिक समय तक रहने पर उसे निलंबित करने का प्रावधान है। हालांकि, विभाग को गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना मिलने में वक्त लगने के कारण निलंबन आदेश अब जारी किया गया है।

4. सहायक वन संरक्षक और रेंजर प्रतियोगिता परीक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट का रुख

राज्य में चल रही अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी खबरों में, झारखंड हाईकोर्ट ने सहायक वन संरक्षक (ACF) प्रतियोगिता परीक्षा-2024 और वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) प्रतियोगिता परीक्षा-2024 की नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की है।

न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रार्थियों का पक्ष सुनने के बाद सरकार के आदेश पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को शपथ पत्र के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार नियुक्ति के लिए नया विज्ञापन जारी करती है, तो प्रार्थी उसमें हस्तक्षेप के लिए याचिका दाखिल कर सकते हैं। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है।

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC):https://www.jpsc.gov.in/

झारखंड हाईकोर्ट से JPSC अभ्यर्थियों को बड़ी राहत:https://zindagijindabaad.com/jharkhand-high-court-jpsc-judgement-read-all-copy/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed