Category: दुनिया

*विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश*

*—————————-* विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयुष निदेशालय परिसर में श्री शशि प्रकाश…

*झारखण्ड में 28 जून को 61 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पल्स पोलियो की दवा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अभियान निदेशक ने जारी जारी किए आवश्यक निर्देश———— स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड ने राज्य में आगामी पल्स पोलियो दिवस की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं. आगामी 28 जून 2026 को पूरे राज्य में एक साथ 0 से 5 वर्ष तक के 61 लाख से अधिक बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाई जाएगी. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा  ने राज्य के सभी सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश और जिलावार लक्ष्य जारी कर दिया है. यह अभियान 28 जून को बूथ स्तर पर दवा पिलाने से शुरू होकर 30 जून 2026 तक घर-घर जाकर चलाया जाएगा.इस वृहद राष्ट्रीय अभियान के तहत झारखण्ड के कुल 61,26,679 बच्चों को पोलियो सुरक्षा कवच देने का लक्ष्य है. 28 जून को दवा पिलाने के लिए राज्य भर में कुल 24,507 बूथ एक्टिव रहेंगे, जिन पर 49,013 टीमें तैनात की गई हैं. इस पूरे अभियान की कड़ी निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए 4,901 सुपरवाइजरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विजय किशोर रजक ने बताया कि बोकारो में 3,53,072 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है; चतरा में 2,20,048 बच्चों के लिए; देवघर में 3,30,033 बच्चों के लिए; धनबाद में 4,24,729 बच्चों के लिए; दुमका में 2,30,074 बच्चों के लिए; पूर्वी सिंहभूम में 3,97,194 बच्चों के लिए; गढ़वा में 3,03,885 बच्चों के लिए; जबकि गिरिडीह में सबसे अधिक 4,89,227 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.इसी प्रकार गोड्‌डा जिले में 2,85,788 बच्चों के लिए; गुमला में 1,49,571 बच्चों के लिए; हजारीबाग में 3,12,306 बच्चों के लिए; जामताड़ा में 1,28,055 बच्चों के लिए; खूँटी में 98,008 बच्चों के लिए; कोडरमा में 1,56,731 बच्चों के लिए; लातेहार में 1,56,643 बच्चों के लिए; लोहरदगा में 84,035 बच्चों के लिए; पाकुड़ में 1,89,512 बच्चों के लिए; पलामू में 3,80,579 बच्चों के लिए; रामगढ़ में 1,71,477 बच्चों के लिए; राज्य की राजधानी राँची में 5,05,524 बच्चों के बड़े लक्ष्य के साथ; साहिबगंज में 2,64,166 बच्चों के लिए; सरायकेला में 1,76,653 बच्चों के लिए; सिमडेगा में 81,711 बच्चों के लिए और पश्चिमी सिंहभूम में 2,37,658 बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने  लक्ष्य तय किया गया है. आईईसी कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि 28 जून को अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलिया की ‘दो बूंद जिंदगी की’ जरूर पिलवाएं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महर्षि पतंजलि को नमन किया और योग के गहन लाभों को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। श्री मोदी ने उल्लेख किया कि योग का नियमित अभ्यास शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से जीवन संतुलित और ऊर्जावान बनता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया: “योग का नियमित अभ्यास तन को स्वस्थ और मन को शांत रखता है। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से जीवन संतुलित और ऊर्जावान बनता…

रांची सदर अस्पताल बना झारखण्ड का पहला मुस्कान सर्टिफाइड हॉस्पिटल

*96.61% के उत्कृष्ट स्कोर के साथ बाल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लहराया परचम*  *एनएचएम झारखण्ड के मिशन डायरेक्टर ने दी सदर अस्पताल की टीम को बधाई* ———— झारखंड राज्य…

 मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खान एवं भू-तत्व विभाग तथा भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की।_*

======================= *_⦿ मुख्यमंत्री ने राज्य में राजस्व सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देते हुए 300 बालू घाटों को शीघ्र संचालित करने का निर्देश दिया, जिससे लगभग 3 हज़ार करोड़ रुपये का राजस्व…

झारखंड मंत्रालय में खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन।

मुख्यमंत्र हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों की उपस्थिति में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की ===========================*मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को दिए कई अहम दिशा-निर्देश।*===========================*मुख्यमंत्री ने कहा – स्वास्थ्य व्यवस्था को करें मजबूत, मैनेजमेंट सिस्टम हो दुरूस्त,  बच्चों सहित सभी का हेल्थ प्रोफाइल तैयार करें।*===========================*★ प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता**★ एम्बुलेंस सेवाओं के मॉनिटरिंग के लिए एआई कंट्रोल रूम स्थापित करें**★ आपातकालीन सेवाओं में करें सुधार**★ एएनएम, जीएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया में लायें तेजी*          *श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखण्ड।* ===========================मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में आज अधिकारियों की उपस्थिति में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों की बुनियादी ढांचे, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था तथा विभिन्न स्वास्थ्य संबंधित योजनाओं के संचालन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, अस्पतालों के विकास, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता एवं स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा स्वास्थ्य संरचना से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग काफी महत्वपूर्ण विभाग है। यह विभाग सीधे तौर पर आम जनमानस से जुड़ा हुआ है, अतएव यह जरूरी है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता से जोड़ते हुए प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के भीतर बच्चे सहित सभी का हेल्थ प्रोफाइल सिस्टम तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। बैठक में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री डॉ० इरफान अंसारी उपस्थित रहे।*एम्बुलेंस सेवाओं के मॉनिटरिंग के लिए एआई कंट्रोल रूम स्थापित करें*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के भीतर वर्तमान में   एम्बुलेंस सेवा के संचालन को लेकर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता में हर हाल में सुधार दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री एम्बुलेंस सेवाओं के मॉनिटरिंग के लिए एआई कंट्रोल रूम स्थापित करने की बातें कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दुर्घटना या आपातकाल स्थिति में किसी भी मनुष्य के जीवन के लिए एक-एक मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए एम्बुलेंस सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षित प्रसव व्यवस्था और गरीब मरीजों के इलाज को लेकर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों से टैग किए गए एम्बुलेंस पूरी तरह क्रियाशील हो, यह सुनिश्चित करें। एम्बुलेंस सेवाओं में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि चिकित्सा सुविधाओं में मरीजों के प्रति संवेदनहीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने तकनीकी सहयोग के साथ एम्बुलेंस सेवा का विस्तार किए जाने की बात कही।*आपातकालीन स्थिति में उबर कॉन्सेप्ट की सुविधा का अध्ययन करें*मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए। आपातकालीन स्थिति में मरीज को त्वरित रूप से अस्पताल तक पहुंचाने को लेकर उबर कॉन्सेप्ट की सुविधा की व्यवस्था को देखने, अवलोकन करने,  अध्ययन करने और भविष्य में उसके तर्ज पर विस्तार करने का निर्देश दिया। *एएनएम, जीएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया में लायें तेजी*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में एएनएम, जीएनएम की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव संसाधन की कमी की वजह से मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सोच है कि हम सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा आम लोगों तक पहुंचाएं। *स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शहरी एवं ग्रामीण दो भागों में बांटकर कार्य योजना बनाएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं अलग-अलग है, इसे दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दो भागों में बांटकर कार्य योजना बनाएं। राज्य के भौगोलिक संरचना के अनुरूप हेल्थ फैसिलिटीज को डिजाइन करें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अध्ययन करें। कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, शुगर आदि से संबंधित आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था बनाएं। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं  अर्थव्यवस्था पर असर डालती है। स्वास्थ्य चेकअप को दुरुस्त रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को आवश्यकतानुसार पीपीपी मोड पर संचालित करने का निर्देश दिया।*अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराएं*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, मरीजों को समय पर उपचार कराने तथा अस्पतालों में स्वच्छता एवं आवश्यक सुविधाएं सुदृढ़ करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने आपातकालीन सेवाओं को लेकर गंभीरता दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं, उच्च कोटि के दवाओं की उपलब्धता एवं जांच सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए, ताकि आमलोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। *मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाएं, पैरालाइसिस अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए अच्छी व्यवस्था हो*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में संचालित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा के दौरान कॉलेजों में पीजी, यूजी आदि के सीटों बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही राज्य में पैरालाइसिस अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में अच्छी व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य के लोगों को इसका लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने राज्य के कोडरमा, बोकारो, चाईबासा, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग आदि जिलों में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्याल के कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यो में तेजी लाकर शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। *राज्य में खुलेगा अबुआ दवाखाना*राज्य सरकार द्वारा राज्य में मुख्यमंत्री अबुआ दवाखाना की स्थापना एवं संचालन की जायेगी। यह एकीकृत औषधि केन्द्र होगा, जिसका संचालन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में होगा। अबुआ दवाखाना से ग्रामीण जनता को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्ध प्रणाली की आवश्यक औषधियां एक ही स्थान पर सुलभता पूर्वक नि:शुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी।*अंगदान के लिए करें जागरूक*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने किडनी, लीवर, कॉर्निया आदि अंगदान के लिए लोगों को जागरूक करने और इसके लिए अस्पताल में व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में कार्यशाला का आयोजन कर चिकित्सकों का ज्ञान विकसित कराने का निर्देश दिया।  उन्होंने रोटेशन वाइज बड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाकर इंटरेक्शन कराने का निर्देश दिया। *ब्लड बैंक की व्यवस्था को करें दुरुस्त*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ब्लड बैंक की व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी तरह के टॉल फ्री और हेल्पलाइन नंबरों को एआई वेस्ड करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले के उपायुक्त को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कैंप लगाने, ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर ब्लड बैंक में रक्त संग्रह प्रणाली को मजबूत करने पर बल दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि खुशी की बात है कि सदर अस्पताल, रांची में सेंट्रल रेडियोलॉजी हब बनाया गया है, जो किसी सरकारी सेटअप में देश का पहला ऐसा सेटअप है। इस सेटअप से राज्य के सभी जिलों को जोड़ा गया है।*अस्पताल को एयर कूल बनाने की कार्ययोजना बनाएं*मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अस्पतालों को एयर कूल बनाने की कार्य योजना बनाएं। उन्होंने वर्न यूनिट को दुरूस्त करने एवं सभी आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि जले हुए मरीजों का समूचित इलाज हो सके। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजनाओं, मुख्यमंत्री अबुवा स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना आदि विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की।*मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से अस्पताल के व्यवस्था व गतिविधियों का लिया जायजा*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ऑनलाइन माध्यम से जामताड़ा जिला के आम डुमरिया में अवस्थित हेल्थ सब सेंटर से जुड़े। मुख्यमंत्री ने वहां कार्यरत चिकित्सक,  एएनएम, जीएनएम, स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, अस्पताल में मरीजों की संख्या, मरीजों को दी जाने वाली सेवाएं, गर्भवती महिलाओं की संख्या, पिछले कुछ दिनों में उप स्वास्थ्य केंद्र (हेल्थसबसेंटर) में गर्भवती महिलाओं का प्रसव आदि की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सुरक्षित प्रसव की सभी सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। *डुमरी रेफरल अस्पताल से भी ऑनलाइन जुड़े*मुख्यमंत्री गिरिडीह के डुमरी रेफरल अस्पताल से भी ऑनलाइन जुड़े। मुख्यमंत्री ने वीडियोकॉल के माध्यम से वहां कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी से सीधा बातचीत की और व्यवस्था एवं गतिविधियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित चिकित्सकों से इमर्जेंसी वार्ड, ओपीडी, जेनरल वार्ड, ऑपरेशन थियेटर आदि के संचालन की जानकारी ली।*मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को दिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं..*▪️ANM और GNM के रिक्त पदों की तुरंत बहाली करें। स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स और डॉक्टर्स की नियुक्तियां भी जल्द पूरी करें।▪️ प्रेगनेंट महिलाओं से जुड़ी खबरें सुनने को मिलती है, एम्बुलेंस सेवा को लेकर बहुत शिकायत आ रही हैं, यह भी अत्यंत चिंता का विषय है। ▪️AI based call centre को शुरू करने का प्लान बनाएं। ओला, उबर जैसे कांसेप्ट पर राज्य भर में एम्बुलेंस शुरू करने का काम करें। इस कांसेप्ट पर एक हफ्ते पर प्लान बनाकर सबमिट करें।▪️राज्य भर में जो रेफरल सिस्टम है उनका ऑडिट करा कर रिपोर्ट सबमिट करें।▪️ स्वास्थ्य विभाग अपने निदेशालयों को restructure करने का प्लान सबमिट करें।▪️ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतें अलग-अलग होती हैं। इसलिए विभाग दोनों क्षेत्रों को अलग-अलग देखते हुए उनकी कार्ययोजना बना कर सबमिट करें। ▪️ अस्पताल में गंदगी न रहे, इन्हें स्वस्छ रखें। इनके मेंटेनेंस का अपडेट देने का काम करें।▪️राज्य भर में 4-5 दिवसीय eye-checkup कैंप लगाने का काम करें।▪️ABHA कार्ड का ड्राइव पूरे राज्य स्तर पर कैंपेन मोड में चलाने का काम करें। इसे स्कूल, आंगनवाड़ी और कॉलेजों में भी करने का काम करें।▪️राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लेटेस्ट मेडिकल टेक्नोलॉजीज का अध्ययन कर प्लान सबमिट करें।▪️ मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के अंतर्गत सदर अस्पतालों को बेहतर बनाने का काम करें।▪️ राज्य में मेडिकल कॉलेज में UG और PG की सीटें बढ़ाने पर विभाग आगे बढ़े।▪️ ब्लड सेपरेशन यूनिट को स्थापित करें। ब्लड बैंक के लिए जरूरी लाइसेंस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का काम करें। पारदर्शिता रखने के लिए इसे भी App बेस्ड बनाने का काम करे। सरकारी ऑफिस और पुलिस कर्मियों के बीच ब्लड डोनेशन का निरंतर कैंप आयोजित कराने का काम करें।▪️आयुष्मान योजना से निबंधित अस्पतालों का अभी ऑडिट कराकर विभाग रिपोर्ट प्रस्तुत करे।▪️ सदर अस्पतालों में एयर कूल कांसेप्ट भी शुरू करने का काम करें।▪️सभी मेडिकल कॉलेजों में rehab और therapy सेंटर भी शुरू करने का प्लान सबमिट करें।▪️ निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में पेमेंट में देरी न हो, समय सीमा पर इनका काम पूरा करने का काम करें।▪️अबुआ दवाखाना को जल्द चालू करने की ओर विभाग बढ़े।▪️ राज्य के मेडिकल कॉलेजों में देश के प्रसिद्ध डॉक्टर्स को गेस्ट फैकल्टी के रूप में अभी आमंत्रित करने का काम करें।▪️केरल की तर्ज पर राज्य में ऑर्गन डोनेशन (अंगदान) को लेकर विभाग आगे बढ़े।*बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग श्री अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग श्रीमती नेहा अरोड़ा, एमडी एनएचएम श्री शशि प्रकाश झा, अपर सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण श्री शशि प्रकाश सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।*===========================

*झारखंड और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच JJM 2.0 पर MOU हस्ताक्षर कार्यक्रम हुआ संपन्न।*

=========================== *ऑनलाइन माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन समारोह में हुए सम्मिलित।* ===========================  जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत झारखंड सरकार और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय…

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की।*

=========================== *मुख्यमंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष के कार्य प्रगति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्य योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए।* =========================== *★ तकनीक आधारित…

झारखंड मंत्रालय में आयोजित स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति से संबंधित समीक्षात्मक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन।

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जीआई के क्षेत्र में झारखंड ने मजबूत की अपनी उपस्थिति; राज्य के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग======*झारखंड सरकार राज्य की अनूठी कला, शिल्प, कृषि उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं को पहचान दिलाने, उन्हें सुरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, जीआई रजिस्ट्री ने हाल ही में राज्य के 11 और महत्वपूर्ण उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया है।  इन पहलों का मुख्य उद्देश्य झारखंड के पारंपरिक उत्पादों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना, बाजार में उनकी पहचान बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थापित करना है।  *ये हैं जीआई क्लब में शामिल**झारखंड के ये उत्पाद हुए जीआई (GI) क्लब में शामिल*हाल ही में जिन उत्पादों को जीआई दर्जा दिया गया है, उनमें कुचाई सिल्क साड़ी और कपड़े, भगैया साड़ी और कपड़े, दुमका चादर बदोनी पुतुल (कठपुतली), झारखंड पंछी परहान पंछी साड़ी और कपड़े, झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड डोकरा क्राफ्ट (धातु शिल्प)   झारखंड के आदिवासी आभूषण (Tribal Jewellery), झारखंड के बांस शिल्प (Bamboo Crafts), केसरिया कलाकंद, झारखंड बेनाम और झारखंड जादुपटुआ पेंटिंग् शामिल हैं। इन सभी नए जीआई टैगों का आधिकारिक प्रकाशन अगले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा। वर्ष 2019 तक झारखंड के पास केवल एक जीआई-टैग उत्पाद (सोहराई और खोवर पेंटिंग) था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जो जीआई परिदृश्य में राज्य की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।*झारक्राफ्ट की बड़ी उपलब्धि*उद्योग विभाग, झारखंड सरकार के तहत कार्यरत झारक्राफ्ट और मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड वर्ष 2019 से ही जीआई पंजीकरण गतिविधियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इसी प्रयास के तहत एक उल्लेखनीय मील का पत्थर तब हासिल हुआ, जब झारक्राफ्ट ने एक साथ तीन उत्पादों झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड के आदिवासी आभूषण और झारखंड के बांस शिल्प  के लिए जीआई पंजीकरण सुरक्षित किया है। ये पंजीकरण झारखंड के कारीगरों और पारंपरिक समुदायों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की दृश्यता, प्रामाणिकता और बाजार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे। *अन्य उत्पाद भी हैं कतार में*झारखंड की यह जीआई यात्रा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, कई अन्य अनूठे उत्पादों के आवेदन भी जीआई रजिस्ट्री में जमा किए गए हैं, इनमें मांदर, प्यतकर पेंटिंग, निमुचा/करनी शॉल, लाह की चूड़ियाँ, देवघर पेड़ा, रागी, रुगड़ा, धुस्का, कुसुमी लाहा, साल के बीज, महुआ का फूल और करंज के बीज शामिल हैं। राज्य में अभी भी कई और स्वदेशी उत्पादों को जीआई ढांचे के तहत लाने और राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों में उन्हें सही पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।===========================

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-*==================*★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत “नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)” हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★  श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।**★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।**★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।**★  Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।**★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★  श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।**###*==============

*छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करें : चमरा लिंडा, मंत्री**छात्रवृत्ति भुगतान दिसंबर से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश, योजनाओं की समीक्षा में मंत्री चमरा लिंडा सख्त*रांची।  माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।