*मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल बना गढ़वा प्रशासन, एंबुलेंस में दिलाई घायल अभ्यर्थी को परीक्षा*

*उपायुक्त की संवेदनशील पहल से नहीं टूटा अभ्यर्थी का हौसला*

*प्रशासनिक तत्परता और मानवीय पहल ने बचाया अभ्यर्थी का परीक्षा देने का सपना।*

*एंबुलेंस में भी सीसीटीवी की निगरानी में हुआ परीक्षा का संचालन, मजिस्ट्रेट व केन्द्राधीक्षक की रही कड़ी नजर*

गढ़वा जिला प्रशासन केवल कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संचालन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों एवं जरूरतमंदों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और त्वरित निर्णय लेने की प्रतिबद्धता भी उसकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक मिसाल रविवार को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET)-2026 के दौरान गढ़वा जिले में देखने को मिली, जहां जिला प्रशासन की मानवीय संवेदनशीलता एवं त्वरित पहल के कारण दुर्घटना में घायल एक अभ्यर्थी को परीक्षा देने का अवसर उपलब्ध कराया गया।

दरअसल, JTET परीक्षा-2026 में शामिल होने के लिए आर.के.वी.एस. संस्थान, रेहला रोड, सोनपुरवा, गढ़वा परीक्षा केंद्र पर पहुंचे अभ्यर्थी जावेद अंसारी दिनांक 13 अक्टूबर 2026 को हुई एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना में उनके कमर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई थीं, जिसके कारण उनके लिए सामान्य अभ्यर्थियों की तरह परीक्षा कक्ष में बैठकर परीक्षा देना संभव नहीं था।

इसके बावजूद परीक्षा देने की उनकी प्रबल इच्छाशक्ति एवं मेहनत को देखते हुए उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी शारीरिक असमर्थता के बावजूद परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद लेकर वे एंबुलेंस के माध्यम से परीक्षा केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी परेशानी से केंद्राधीक्षक एवं प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट को अवगत कराते हुए एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति का उल्लेख करते हुए जिस एंबुलेंस से वे परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, उसी में परीक्षा देने की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया।

*उपायुक्त ने दिखाई संवेदनशीलता, तत्काल मिली अनुमति*

अभ्यर्थी की परिस्थिति एवं उनकी परीक्षा देने की इच्छा को गंभीरता से लेते हुए केंद्र स्तर पर मामले से जिला प्रशासन को अवगत कराया गया। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अभ्यर्थी को एंबुलेंस में ही परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की।

उपायुक्त के इस संवेदनशील एवं त्वरित निर्णय के फलस्वरूप अभ्यर्थी जावेद अंसारी को परीक्षा से वंचित नहीं होना पड़ा। उनकी शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की और जिस एंबुलेंस से वे परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, उसी में उनके परीक्षा देने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई।

*सीसीटीवी कैमरे एवं प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुई परीक्षा*

परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अभ्यर्थी की परीक्षा एंबुलेंस में ही सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संपन्न कराई गई। इस दौरान केंद्राधीक्षक एवं प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट भी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए रहे। इस प्रकार जिला प्रशासन ने एक ओर घायल अभ्यर्थी की शारीरिक परिस्थितियों को समझते हुए उन्हें परीक्षा देने का अवसर उपलब्ध कराया, वहीं दूसरी ओर परीक्षा की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से भी कोई समझौता नहीं किया।

*प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की बनी मिसाल*

गढ़वा जिला प्रशासन की यह पहल इस बात का परिचायक है कि प्रशासनिक व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना ही नहीं, बल्कि विशेष परिस्थितियों में मानवीय संवेदनशीलता के साथ उचित समाधान उपलब्ध कराना भी है। दुर्घटना में घायल होने के बावजूद परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी की परेशानी को समझना, उनकी मांग पर त्वरित निर्णय लेना और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखते हुए उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सकारात्मक एवं जनहितकारी सोच के परिणाम को दर्शाता है।

उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की इस पहल ने यह संदेश दिया कि किसी भी अभ्यर्थी की वास्तविक परेशानी एवं विशेष परिस्थिति को संवेदनशीलता के साथ समझते हुए नियमानुसार हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। जिला प्रशासन की तत्परता एवं मानवीय दृष्टिकोण के कारण एक घायल अभ्यर्थी को अपनी मेहनत और तैयारी के आधार पर परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सका।

गढ़वा जिला प्रशासन की यह पहल सराहनीय होने के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण है। परिस्थिति के बावजूद परीक्षार्थी को अवसर प्रदान किये जाने, परीक्षा की निष्पक्षता एवं पवित्रता बनाये रखने की इस सराहनीय कार्य की परीक्षा केन्द्र के साथ-साथ जिले में सकारात्मक चर्चा का विषय बना है। वहीं जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की जा रही है।

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