रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) रविवार को राज्यभर में शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हो गई। लगभग 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुई इस परीक्षा में राज्यभर से 5.65 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा के सफल संचालन को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
राजधानी में 3 हजार सुरक्षा बल तैनात, धारा 144 लागूपरीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए केवल रांची जिले में ही करीब 3,000 पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर पुलिस अधिकारियों की विशेष निगरानी रही। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए रांची के सभी 101 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू रखी गई।
दो पालियों में हुई परीक्षा, CCTV से रखी गई नजरपरीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित हुई। राज्यभर में बनाए गए 986 परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए 18 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच (बायोमेट्रिक व फ्रिस्किंग) के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
प्रशासन की सतर्कता और फ्लाइंग स्क्वॉडझारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) और जिला प्रशासन की ओर से सभी जिलों में उपायुक्तों को परीक्षा नियंत्रक बनाया गया था। किसी भी तरह के कदाचार, अफवाह या अव्यवस्था से निपटने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को अलर्ट पर रखा गया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षार्थियों की आवाजाही को देखते हुए प्रमुख चौराहों और रेलवे स्टेशनों पर यातायात नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहे।
