विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयुष निदेशालय परिसर में श्री शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड द्वारा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर श्री झा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य सुरक्षा, जल संरक्षण तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए हरित वातावरण को बढ़ावा देना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और मानव स्वास्थ्य एक-दूसरे से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं तथा स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है।
उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “प्रकृति से प्रेरित जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, प्रदूषण को कम करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हरियाली बढ़ाकर और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।
श्री झा ने सभी नागरिकों से प्रकृति की रक्षा करने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास भी धरती को हरा-भरा और जीवन को स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर डॉ कृष्ण कुमार उपनिदेशक आयुर्वेद, डॉ नुजरत सुलताना उपनिदेशक यूनानी, डॉ कमलेश कुमार, डॉ राहुल किशोर सिंह, डॉ विजय रजक, डॉ पुष्प, डॉ प्रदीप कुमार सिंह तथा अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए हरित एवं स्वस्थ झारखण्ड के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।