रांची के बरियातू स्थित ग्लोबल अस्पताल (Global Hospital) में एक 23 वर्षीया युवती की मौत के बाद सोमवार को परिजनों और समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। मृतका की पहचान बोकारो जिले के लालपनिया निवासी काजल कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में भारी लापरवाही बरतने और गलत दवा देने का गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो भी परिजनों के समर्थन में पहुंचे और अस्पताल के मुख्य द्वार पर उनके साथ धरने पर बैठ गए। घटना के बाद से ही अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
गलत इलाज और दवा के रिएक्शन का आरोप
धरने पर बैठे परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा दी गई गलत दवा और इलाज में लापरवाही के कारण काजल के शरीर में गंभीर रिएक्शन हुआ, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों की कार्यशैली और इलाज की प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
मासूम बेटी की परवरिश को लेकर जताई चिंता
मृतका काजल के पति ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनके परिवार में उनकी एक छोटी बेटी और बुजुर्ग पिता हैं। काजल की असमय मौत के बाद अब बच्ची की देखरेख और पढ़ाई-लिखाई को लेकर गहरा संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन से मांग की है कि बच्ची के भविष्य और परवरिश को ध्यान में रखते हुए परिवार के लिए न्यायसंगत और उचित कदम उठाए जाएं।
अस्पताल प्रबंधन ने मांगी माफी, कार्रवाई का आश्वासन
परिजनों के कड़े विरोध के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उनसे बातचीत की और घटना को बेहद गंभीर माना। बातचीत के दौरान प्रबंधन के प्रतिनिधि ने अस्पताल के सीईओ (CEO) के दुर्व्यवहार को लेकर परिजनों से माफी भी मांगी। इसके साथ ही प्रबंधन ने आरोपी कर्मियों और सीईओ से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने, उनके वेतन में कटौती करने या उन्हें नौकरी से हटाने जैसी दंडात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मांगों पर अड़े परिजन, वार्ता जारी
अस्पताल प्रबंधन के आश्वासनों के बावजूद परिजन और देवेंद्र नाथ महतो अपनी ठोस मांगों पर अड़े हुए हैं। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित और उचित फैसला नहीं होता, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे और न ही शव को स्वीकार करेंगे। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात है और खबर लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन, देवेंद्र नाथ महतो और परिजनों के बीच वार्ता का दौर जारी था।
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