*निरीक्षण के दौरान OSC द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की दी गई जानकारी*
गढ़वा के उप विकास आयुक्त (DDC) प्रेमलता मुर्मू एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा द्वारा बीते दिन कल मंगलवार, 29 सितम्बर 2026 को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर (OSC), गढ़वा तथा सदर अस्पताल परिसर स्थित कुपोषण उपचार केंद्र (MTC) का निरीक्षण किया गया।
वन स्टॉप सेंटर पहुंचने पर OSC स्टाफ राना तबस्सुम द्वारा उप विकास आयुक्त एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को केंद्र का भ्रमण कराया गया तथा वहां उपलब्ध विभिन्न मूलभूत सुविधाओं एवं सेवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस दौरान बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर, मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिए संचालित महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हिंसा अथवा संकट से प्रभावित महिलाओं को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता, कानूनी सहायता, मनोसामाजिक परामर्श तथा अस्थायी आश्रय सहित विभिन्न सेवाओं से जोड़ा जाता है। घरेलू हिंसा, शारीरिक अथवा मानसिक प्रताड़ना, लैंगिक हिंसा, उत्पीड़न, मानव तस्करी अथवा अन्य प्रकार की हिंसा एवं संकट की स्थिति में प्रभावित महिलाओं को OSC के माध्यम से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।
निरीक्षण के दौरान OSC द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, पीड़ित महिलाओं तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया तथा आवश्यकतानुसार OSC वाहन के माध्यम से प्रभावित महिला तक पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी गई।
उप विकास आयुक्त द्वारा OSC में संधारित फाइल एवं रजिस्टरों का अवलोकन किया गया तथा केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
इस दौरान उप विकास आयुक्त द्वारा OSC परिसर के बाहर पोषण वाटिका विकसित करने का सुझाव दिया गया, जिससे परिसर में स्वच्छता, हरियाली एवं सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिल सके। साथ ही परिसर में आने वाली महिलाओं एवं उनके परिजनों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया गया।
इसके पश्चात अधिकारियों द्वारा सदर अस्पताल परिसर स्थित 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए संचालित कुपोषण उपचार केंद्र (MTC) का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त द्वारा उपचाररत बच्चों की माताओं से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन, दवाइयों एवं उपचार व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली गई। साथ ही केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
केंद्र में उपस्थित कर्मियों को स्वच्छता एवं हाइजीन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। बच्चों के बेड पर बिछाई जाने वाली बेडशीट को प्रत्येक उपयोग के बाद साफ कर आवश्यकतानुसार बदलने तथा केंद्र में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान बच्चों को दिए जा रहे भोजन एवं दवाइयों के संबंध में भी जानकारी ली गई तथा उपचाररत बच्चों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
SAAMAR अभियान के फील्ड मैनेजर द्वारा कुपोषित बच्चों के MTC Referral से संबंधित प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि सहिया के माध्यम से बच्चों को MTC में रेफर किए जाने पर निर्धारित प्रावधान के अनुसार बच्चे एवं उनके माता-पिता/अभिभावक को प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जाता है। MTC से उपचार के बाद बच्चे के घर लौटने पर भी उसके स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति की निगरानी हेतु फॉलो-अप किया जाता है, ताकि बच्चे को स्वस्थ एवं पोषणयुक्त स्थिति में बनाए रखने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहे।
निरीक्षण के दौरान OSC एवं MTC में उपलब्ध सेवाओं तथा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के समन्वय से WhatsApp Group का गठन किया गया, जिसके माध्यम से केंद्रों से संबंधित आवश्यक जानकारी, प्रगति, समस्याओं एवं किए गए कार्यों की नियमित जानकारी साझा की जाएगी तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों द्वारा संबंधित कर्मियों को निर्देशित किया गया कि केंद्र में उपचाररत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ वातावरण एवं आवश्यक दवाइयां समय पर उपलब्ध कराते हुए उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता सेवाओं तथा कुपोषित बच्चों के उपचार एवं पुनर्वास की व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेना, नियमित निगरानी सुनिश्चित करना तथा सेवाओं की गुणवत्ता में आवश्यक सुधार करना रहा।