*व्यवहार परिवर्तन और जागरूकता से सामाजिक बदलाव संभव : उपायुक्त नितिश कुमार सिंह*
*‘वार्तालाप’ पत्रकारों और सरकार के बीच संवाद का महत्वपूर्ण सेतु : अपर महानिदेशक अखिल कुमार मिश्रा*
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), रांची द्वारा सरायकेला-खरसावां में “वार्तालाप-2026” मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026, स्वच्छता ही सेवा और पोषण माह” रहा। इसमें संबंधित विषयों के विभिन्न पहलुओं पर प्रशासन, विशेषज्ञों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के बीच संवाद हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। विषय प्रवेश कराते हुए पीआईबी रांची के कार्यालय प्रमुख गौरव कुमार पुष्कर ने पत्रकारों को पीआईबी की भूमिका एवं कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने पत्रकार कल्याण योजनाओं तथा आरएनआई और केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) की कार्यशैली के बारे में भी विस्तार से बताया।
पीआईबी रांची/भुवनेश्वर के अपर महानिदेशक अखिल कुमार मिश्रा ने “वार्तालाप” को पत्रकारों और सरकार के बीच एक ऐसे सेतु के रूप में बताया, जो पत्रकारों को उनके कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने समाज में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए व्यवहार परिवर्तन और जागरूकता को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कुपोषण, स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में संस्थानों से अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर प्रस्तुति देते हुए अनिल कुमार शर्मा ने नए नियमों के तहत क्षेत्र कवरेज में विस्तार, अपशिष्ट प्रबंधन की कार्यप्रणाली तथा इसके प्रभावी प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। चांडिल की सीडीपीओ सुप्रिया शर्मा ने 9वें पोषण माह के विषय “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” पर जानकारी साझा की। उन्होंने अभियान के पांच महत्वपूर्ण स्तंभों, मातृ स्वास्थ्य, बाल पोषण, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा स्थानीय भोजन एवं सब्जियों के महत्व पर प्रकाश डाला।
दूरदर्शन झारखंड के सहायक निदेशक दिवाकर कुमार ने तीनों विषयों को जनभागीदारी अभियान के रूप में देखने की आवश्यकता बताई तथा पोषण, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को आपस में जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने सरायकेला-खरसावां में पोषण के लिए विशेष प्रयासों का आह्वान किया।
पद्मश्री छुटनी महतो ने डायन प्रथा जैसी कुरीति के विरुद्ध अपने संघर्ष के अनुभव साझा किए। डीपीआरओ अविनाश कुमार ने आयोजन को उपयोगी बताते हुए इसे परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया।
गौरांग बेरा ने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के प्रथम चरण की उपलब्धियों तथा वर्ष 2026 में स्वच्छता के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
पीआईबी रांची के शिवेंद्र नाथ तिवारी एवं शिवानी केशरी ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से पीआईबी की भूमिका और कार्यशाला के विषयों की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन पीआईबी रांची के सूचना सहायक प्रिंस कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।