रांची। राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जिले के प्रमुख जलप्रपातों में पानी का बहाव तेज हो गया है। जोन्हा फॉल, हुंडरू फॉल, दशम फॉल, सीता फॉल, रिमिक्स फॉल समेत अन्य जलप्रपातों और डैम में जलस्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने पर्यटकों, स्थानीय लोगों और अन्य आगंतुकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। जिला जनसम्पर्क कार्यालय, रांची की ओर से 23 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 560/2026 में लोगों से जलप्रपातों के आसपास अत्यधिक सावधानी बरतने और जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की गई है।
प्रशासन के अनुसार लगातार बारिश के कारण जलप्रपात इस समय तेज बहाव के साथ उफान पर हैं। चट्टानों से टकराकर बहती तेज जलधारा देखने में भले ही आकर्षक और मनोरम लग रही हो, लेकिन ऐसी स्थिति में जलप्रपातों के आसपास जाना गंभीर रूप से जोखिमपूर्ण हो सकता है। तेज बहाव, फिसलन भरी चट्टानें और अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकती है।
जिला प्रशासन ने साफ तौर पर लोगों से अपील की है कि वे केवल प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए जलधारा के बहुत करीब न जाएं और प्रशासन तथा मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई है जब लगातार बारिश के कारण रांची के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पानी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी तेज है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों ने भी 23 सितंबर को जोन्हा, हुंडरू, दशम, सीता और रिमिक्स फॉल समेत कई जलप्रपातों में बढ़े जलस्तर और प्रशासन की सुरक्षा अपील की पुष्टि की है।
लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर, कई जलप्रपातों में तेज बहाव
रांची को झारखंड के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में गिना जाता है। जिले और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में प्राकृतिक जलप्रपात हैं, जिन्हें देखने के लिए मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में इन जलप्रपातों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। पहाड़ों और चट्टानों के बीच से तेज गति से गिरता पानी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहता है।
लेकिन मानसून के दौरान यही प्राकृतिक खूबसूरती कई बार गंभीर खतरे का रूप भी ले लेती है। लगातार बारिश होने पर जलप्रवाह अचानक बढ़ सकता है। नदी और जलप्रपात के आसपास मौजूद चट्टानें पानी के कारण बेहद फिसलन भरी हो जाती हैं। कई स्थानों पर पानी की गहराई का अनुमान लगाना भी मुश्किल होता है।
रांची जिला प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी में इसी खतरे को देखते हुए लोगों को जलप्रपातों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि प्राकृतिक दृश्य देखने के दौरान लोग सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। जलप्रपात की तेज धारा के पास खड़े होकर फोटो या वीडियो बनाना, चट्टानों पर आगे बढ़ना अथवा पानी में उतरना जोखिम बढ़ा सकता है।
जोन्हा फॉल में विशेष सावधानी की जरूरत
जोन्हा फॉल रांची के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। इसे गौतमधारा के नाम से भी जाना जाता है। बारिश के मौसम में यहां पानी का प्रवाह काफी बढ़ जाता है।
23 सितंबर को जारी प्रशासनिक चेतावनी में जोन्हा फॉल को भी उन जलप्रपातों में शामिल किया गया है जहां वर्तमान परिस्थितियों में सावधानी जरूरी है।
मानसून के दौरान जोन्हा फॉल की ओर जाने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से फिसलन भरी चट्टानों और तेज पानी से बचने की सलाह दी गई है। 2025 में मानसून के दौरान जोन्हा फॉल के उफान की तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिसमें तेज जलधारा के कारण जलप्रपात का स्वरूप काफी उग्र दिखाई दे रहा था।
इस समय प्रशासन का संदेश है कि जलप्रपात की सुंदरता देखने के लिए सुरक्षित स्थान का इस्तेमाल किया जाए और पानी के नजदीक जाने से बचा जाए।
हुंडरू फॉल पर भी बढ़ा खतरा
रांची का हुंडरू फॉल भी लगातार बारिश के बाद तेज बहाव की स्थिति में है। जिला प्रशासन ने हुंडरू को भी सुरक्षा चेतावनी में शामिल किया है।
हुंडरू फॉल सुवर्णरेखा नदी पर स्थित है और रांची शहर से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर है। रांची जिला प्रशासन की आधिकारिक पर्यटन जानकारी के अनुसार यह झारखंड के प्रमुख जलप्रपातों में से एक है और यहां पानी लगभग 320 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है।
बारिश के दौरान यहां जलप्रवाह तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में चट्टानों पर उतरना या पानी के बहुत करीब जाना खतरनाक हो सकता है।
23 सितंबर को हुंडरू फॉल में दो पर्यटकों को तेज बहाव में फंसने के बाद पर्यटन मित्रों द्वारा बचाए जाने की खबर भी सामने आई। इस घटना के बाद जलप्रपातों की सुरक्षा चेतावनी और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
दशम फॉल में भी तेज जलधारा
रांची जिले का दशम फॉल भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। कांची नदी से बना यह जलप्रपात मानसून के दौरान काफी आकर्षक दिखाई देता है।
भारत सरकार के Incredible India पोर्टल के अनुसार दशम फॉल लगभग 44 मीटर यानी 144 फीट की ऊंचाई से गिरता है। पोर्टल पर यह भी बताया गया है कि यहां तेज जलधारा और असमान चट्टानी भूभाग के कारण पानी में उतरना सुरक्षित नहीं है।
भारी बारिश के दौरान यहां पानी की गति और बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी को देखते हुए पर्यटकों को पानी के करीब जाने से बचना चाहिए।
दशम फॉल की प्राकृतिक सुंदरता बारिश के मौसम में बढ़ जाती है, लेकिन इसी समय चट्टानों पर फिसलन भी अधिक होती है। इसलिए दूर से सुरक्षित स्थान से जलप्रपात का आनंद लेना ही उचित है।
सीता और रिमिक्स फॉल को लेकर भी चेतावनी
प्रशासन ने केवल जोन्हा, हुंडरू और दशम फॉल को लेकर ही चेतावनी नहीं दी है। सीता फॉल, रिमिक्स फॉल और अन्य जलप्रपातों तथा डैम को भी सुरक्षा चेतावनी में शामिल किया गया है।
इसका मतलब है कि केवल प्रसिद्ध और बड़े जलप्रपात ही नहीं, बल्कि रांची और आसपास के दूसरे जलप्रपातों में भी बारिश के कारण पानी का स्तर और बहाव बढ़ सकता है।
कई छोटे जलप्रपातों और प्राकृतिक जलधाराओं में सुरक्षा व्यवस्था बड़े पर्यटन स्थलों की तुलना में सीमित हो सकती है। ऐसे स्थानों पर अचानक बढ़ते पानी का खतरा और अधिक हो सकता है। इसलिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को किसी भी जलधारा को सामान्य समझकर उसके नजदीक नहीं जाना चाहिए।
देखने में खूबसूरत, लेकिन बेहद खतरनाक हो सकता है तेज बहाव
बारिश के दौरान जलप्रपात का उफान पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण होता है। तेज गति से गिरता पानी, धुंध और आसपास का हरा-भरा वातावरण प्राकृतिक दृश्य को बेहद खूबसूरत बना देता है।
लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्राकृतिक दृश्य के साथ जोखिम भी जुड़ा हुआ है। तेज पानी की ताकत का अनुमान आंखों से लगाना हमेशा संभव नहीं होता। पानी के नीचे मौजूद चट्टानें, गड्ढे और अचानक बदलती जलधारा दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
कई बार पानी की धारा कुछ मिनटों में ही बदल सकती है। ऊपर के इलाके में हुई बारिश का असर नीचे स्थित जलप्रपात में अचानक दिखाई दे सकता है। इसलिए जब प्रशासन लोगों को जलप्रपात से दूर रहने की सलाह देता है, तो उसका उद्देश्य पर्यटकों को प्राकृतिक स्थल से वंचित करना नहीं बल्कि संभावित दुर्घटना से बचाना है।
फिसलन भरी चट्टानों से भी बड़ा खतरा
जलप्रपातों पर दुर्घटना का एक बड़ा कारण तेज पानी के अलावा चट्टानों की फिसलन भी होती है।
बारिश के दौरान चट्टानों पर काई और पानी की परत बन सकती है। देखने में मजबूत और सूखी लगने वाली चट्टान भी पैर पड़ते ही फिसल सकती है। इसके अलावा तेज पानी के पास मौजूद चट्टानों पर संतुलन बनाना मुश्किल होता है।
इसलिए प्रशासन ने लोगों से जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले परिवारों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। परिवार के किसी सदस्य के पानी के करीब जाने पर दूसरे लोग भी उसे रोकने की कोशिश करते हैं, जिससे कई बार सामूहिक दुर्घटना की स्थिति बन सकती है।
अचानक बढ़ सकता है जलस्तर
प्रशासन की चेतावनी में सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
जलप्रपातों का पानी केवल उसी स्थान पर हुई बारिश पर निर्भर नहीं करता। ऊपरी कैचमेंट क्षेत्र में हुई बारिश का पानी भी नदियों और जलधाराओं के माध्यम से नीचे आता है। इसलिए जिस समय किसी जलप्रपात के पास बारिश नहीं हो रही हो, उस समय भी ऊपर के इलाके से पानी आने के कारण जलस्तर बढ़ सकता है।
यही कारण है कि पानी की वर्तमान स्थिति देखकर यह मान लेना सुरक्षित नहीं है कि कुछ समय बाद भी स्थिति वैसी ही रहेगी।
प्रशासन ने इसलिए मौसम की स्थिति और स्थानीय सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी है।
डैम में बोटिंग से बचने की अपील
जिला प्रशासन ने भारी बारिश के दौरान डैम में बोटिंग बिल्कुल नहीं करने की सलाह दी है।
बारिश के दौरान डैम और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ सकता है। तेज हवा, बारिश और पानी की बदलती स्थिति के बीच नाव चलाना जोखिम बढ़ा सकता है।
इसके अलावा जलाशय के आसपास अचानक पानी छोड़ने या जलस्तर में बदलाव की स्थिति भी हो सकती है। ऐसे में पर्यटकों को प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।
यदि किसी स्थान पर बोटिंग अस्थायी रूप से रोकी जाती है, तो पर्यटकों को इसे केवल पर्यटन संबंधी प्रतिबंध नहीं बल्कि सुरक्षा उपाय के रूप में समझना चाहिए।
नशे की हालत में जलप्रपात घूमने से बचें
जिला प्रशासन ने लोगों से नशा-पान करके जलप्रपात पर नहीं जाने और नशे की हालत में बोटिंग नहीं करने की अपील भी की है।
तेज जलधारा, फिसलन भरी चट्टानों और असमान रास्तों वाले स्थानों पर शरीर का संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है। नशे की स्थिति में निर्णय लेने की क्षमता और शारीरिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
इसलिए प्रशासन ने स्पष्ट रूप से लोगों से नशे से दूर रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा है।
पर्यटक मित्रों की बात मानने की अपील
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन और पर्यटक मित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
जिला प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौके पर मौजूद पर्यटक मित्रों की बात ध्यान से सुनें और उनके निर्देशों का पालन करें।
यदि किसी स्थान पर किसी रास्ते को बंद किया गया है, पानी के करीब जाने से रोका जा रहा है या किसी विशेष क्षेत्र को जोखिमपूर्ण बताया जा रहा है, तो वहां जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
पर्यटक मित्र स्थानीय परिस्थितियों और मौके की स्थिति से परिचित होते हैं। इसलिए उनके निर्देशों का पालन करना पर्यटकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
मौसम और प्रशासनिक सूचनाओं पर रखें नजर
जिला प्रशासन ने लोगों से स्थानीय समाचारों और प्रशासनिक सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है।
भारी बारिश के दौरान मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। किसी पर्यटन स्थल पर जाने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है।
यदि प्रशासन की ओर से किसी क्षेत्र के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई हो, तो उस चेतावनी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर आने वाली अपुष्ट सूचनाओं के बजाय जिला प्रशासन, पुलिस, पर्यटन विभाग और विश्वसनीय समाचार माध्यमों से प्राप्त जानकारी को प्राथमिकता देना उपयोगी होगा।
परिवार के साथ जाने वाले पर्यटकों के लिए खास सावधानी
मानसून में परिवार के साथ जलप्रपात देखने जाने का चलन बढ़ जाता है। लेकिन इस समय बच्चों को पानी के पास बिल्कुल अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।
बच्चों को चट्टानों पर दौड़ने या पानी के किनारे जाने से रोकना जरूरी है। परिवार के बड़े सदस्यों को भी सेल्फी या वीडियो बनाने के लिए खतरनाक जगहों पर जाने से बचना चाहिए।

कई दुर्घटनाएं केवल कुछ सेकंड की लापरवाही के कारण हो सकती हैं। इसलिए पर्यटन का उद्देश्य प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेना होना चाहिए, जोखिम लेना नहीं।
सेल्फी और वीडियो के चक्कर में न लें जोखिम
जलप्रपातों पर फोटो और वीडियो बनाना पर्यटकों की सामान्य गतिविधि है। लेकिन बारिश और तेज बहाव के समय फोटो लेने के लिए पानी के बहुत करीब जाना खतरनाक हो सकता है।
चट्टान के किनारे खड़े होकर फोटो लेना, तेज पानी के सामने सेल्फी लेना या सोशल मीडिया वीडियो बनाने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करना दुर्घटना का कारण बन सकता है।
सुरक्षित दूरी से फोटो और वीडियो लेना ही बेहतर है।
प्रशासन की सुरक्षा को लेकर अपील
रांची जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यटकों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रशासन की अपील है कि लोग प्राकृतिक स्थलों का आनंद जरूर लें, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता न करें। जलप्रपातों का आकर्षण बारिश के कारण बढ़ जाता है, लेकिन इसी समय पानी की ताकत और खतरा भी बढ़ जाता है।
इसलिए पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों से ही प्राकृतिक दृश्य देखने की सलाह दी गई है।
झारखंड के पर्यटन के लिए मानसून महत्वपूर्ण, लेकिन सावधानी जरूरी
झारखंड को जलप्रपातों और प्राकृतिक स्थलों के लिए जाना जाता है। खासकर रांची और उसके आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान जलप्रपातों का स्वरूप बेहद आकर्षक हो जाता है।
जोन्हा, हुंडरू और दशम जैसे जलप्रपात बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लेकिन मानसून पर्यटन के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है।
पर्यटन स्थलों पर प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने से दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
पर्यटकों के लिए प्रशासन की मुख्य सलाह
जिला प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी में लोगों से कई महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने को कहा गया है।
जलप्रपात के बहुत करीब न जाएं।
सुरक्षित स्थान पर रहें।
तेज बहाव वाले पानी में उतरने की कोशिश न करें।
फिसलन भरी चट्टानों पर न जाएं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
मौसम और प्रशासनिक सूचनाओं पर नजर रखें।
भारी बारिश के दौरान डैम में बोटिंग न करें।
नशे की हालत में जलप्रपात या डैम क्षेत्र में न जाएं।
नशे की हालत में बोटिंग न करें।
पर्यटन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
पर्यटक मित्रों की सलाह को गंभीरता से लें।
रांची जिला प्रशासन की अपील: सावधानी ही सुरक्षा है
रांची जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे वर्तमान मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिसावधानी बरतें। प्रशासन का कहना है कि प्रकृति का आनंद सुरक्षित दूरी से भी लिया जा सकता है।
जलप्रपातों में पानी का उफान देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, लेकिन इस समय जलधारा की गति सामान्य से अधिक है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से कहा है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
हुंडरू में पर्यटकों के बचाव की घटना से बढ़ी चिंता
23 सितंबर को हुंडरू फॉल में दो पर्यटकों को तेज बहाव में फंसने के बाद पर्यटन मित्रों द्वारा बचाए जाने की खबर भी सामने आई। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा समिति की मदद से दोनों को सुरक्षित निकाला गया।
यह घटना बताती है कि वर्तमान मौसम में जलप्रपातों के आसपास छोटी सी चूक भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
इसी तरह की परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से पहले से सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन की चेतावनी को हल्के में न लें
जलप्रपातों में पानी का तेज बहाव देखने के लिए आकर्षक लग सकता है, लेकिन पानी की वास्तविक ताकत का अनुमान लगाना मुश्किल होता है।
किसी भी जलप्रपात के पास यदि प्रशासन या सुरक्षा कर्मियों द्वारा आगे जाने से रोका जाता है, तो उस निर्देश का पालन करना चाहिए।
पर्यटन के दौरान सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करना किसी व्यक्ति के साथ-साथ उसके साथ आए परिवार और बचाव दल के लिए भी परेशानी पैदा कर सकता है।
अबुआ साथी नंबर भी जारी
जिला प्रशासन ने जन शिकायतों के लिए अपना आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर 9430328080 भी जारी किया है। इसे “अबुआ साथी” के नाम से बताया गया है।
नागरिक प्रशासन से संबंधित शिकायत या सूचना के लिए इस आधिकारिक माध्यम का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि आपातकालीन स्थिति में स्थानीय पुलिस और संबंधित आपातकालीन सेवाओं से तत्काल संपर्क करना चाहिए।
पर्यटकों के लिए जरूरी संदेश
रांची के जलप्रपात इस समय बारिश के कारण अपने प्राकृतिक सौंदर्य के चरम पर दिखाई दे सकते हैं, लेकिन प्रशासन की चेतावनी को देखते हुए पर्यटकों को जोखिम उठाने से बचना चाहिए।
जोन्हा, हुंडरू, दशम, सीता, रिमिक्स फॉल और अन्य जलप्रपातों के आसपास तेज पानी, फिसलन और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा है।
इसलिए पर्यटकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए, पानी में उतरने से बचना चाहिए, खतरनाक चट्टानों पर नहीं जाना चाहिए और स्थानीय सुरक्षा कर्मियों की सलाह माननी चाहिए।
एक नजर में पूरी खबर
प्रेस विज्ञप्ति: जिला जनसम्पर्क कार्यालय, रांची
प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 560/2026
तारीख: 23 सितंबर 2026
मुख्य कारण: लगातार मूसलाधार बारिश
प्रमुख जलप्रपात: जोन्हा, हुंडरू, दशम, सीता, रिमिक्स फॉल
मुख्य खतरे: तेज जलधारा, फिसलन भरी चट्टानें, अचानक जलस्तर बढ़ना
बोटिंग: भारी बारिश में न करें
नशे की हालत में पर्यटन: न करें
निर्देश: प्रशासन, पुलिस और पर्यटक मित्रों की बात मानें
हेल्पलाइन: अबुआ साथी – 9430328080
हुंडरू फॉल की तस्वीर:
Hundru Waterfall — Ranchi District Official Website
दशम फॉल की वास्तविक तस्वीर/जानकारी:
Dassam Falls — Incredible India
जोन्हा फॉल की मानसून तस्वीर:
Jonha Waterfall — Outlook India/PTI photo gallery
वर्तमान सुरक्षा चेतावनी की रिपोर्ट:
प्रभात खबर — रांची के वाटरफॉल्स में उफान और प्रशासन की चेतावनी
वर्तमान खबर की दूसरी रिपोर्ट:
दैनिक जागरण — जोन्हा-हुंडरू समेत झारखंड के जलप्रपातों पर सुरक्षा चेतावनी
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