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रांची: बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र का असर झारखंड के मौसम पर दिखाई देने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में बुधवार से बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं और मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, गरज, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। खासकर 24 सितंबर को दक्षिणी झारखंड के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 23 सितंबर के पूर्वानुमान में झारखंड के लिए 23 सितंबर को भारी बारिश और 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मंगलवार से ही झारखंड के मौसम में बदलाव देखने को मिला और कई जगहों पर बादल छाए रहे। राजधानी रांची समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, 23 सितंबर के बाद 24 और 25 सितंबर को भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
वर्तमान मौसम प्रणाली को लेकर IMD के ताजा पूर्वानुमान में 24 सितंबर को सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं रांची, खूंटी और गुमला समेत आसपास के जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से बदला मौसम
मौसम में अचानक आए बदलाव का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली है। IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य हिस्से में बना सिस्टम आगे बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से झारखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिस्टम ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से झारखंड के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में नमी बढ़ी है। यही वजह है कि कई जिलों में बादल बनने और बारिश की संभावना बढ़ गई है।
23 सितंबर को जारी IMD के आधिकारिक चेतावनी बुलेटिन में झारखंड के लिए भारी बारिश, गरज और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। 24 सितंबर के लिए बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। 25 सितंबर को भी भारी बारिश और गरज-वज्रपात का असर रह सकता है।
24 सितंबर को सबसे ज्यादा असर की संभावना
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 24 सितंबर को दक्षिणी झारखंड में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रह सकता है। सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रांची, खूंटी और गुमला में भी तेज बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम झारखंड में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 25 सितंबर को बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकती है।
इस दौरान कुछ इलाकों में थोड़े समय के लिए तेज बारिश हो सकती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जलजमाव, सड़क पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।
रांची समेत इन जिलों में बारिश का असर
ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 23 सितंबर को रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, रामगढ़, बोकारो और धनबाद समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना रही। 24 सितंबर को सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, रांची, खूंटी और गुमला में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है।
इसके बाद 25 सितंबर को राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश के साथ गरज और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है।
यानी अगले कुछ दिन झारखंड के अलग-अलग हिस्सों के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। बारिश सभी जिलों में एक जैसी नहीं होगी। कहीं हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
16 जिलों में वज्रपात की संभावना
अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि बंगाल की खाड़ी में दबाव बनने और उसके आगे बढ़ने के कारण 23 सितंबर को राजधानी रांची सहित राज्य के 16 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार इनमें रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया था। बारिश के साथ बिजली चमकने और गरजने की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
24 सितंबर को कई जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार 24 सितंबर को रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम समेत दक्षिणी झारखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। IMD के रांची केंद्र ने कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। रांची के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-वज्रपात की चेतावनी है।
इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
25 सितंबर को उत्तर-पश्चिम झारखंड की ओर बढ़ेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार 25 सितंबर को बारिश की गतिविधियां दक्षिणी हिस्से से धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिमी झारखंड की ओर बढ़ सकती हैं। हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बाकी जिलों में बारिश पूरी तरह खत्म हो जाएगी। राज्य के कई हिस्सों में बादल, गरज और हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
26 सितंबर को भी राज्य में गरज और वज्रपात की संभावना बनी रहने का अनुमान है। IMD के सब-डिविजन चेतावनी बुलेटिन में 26 सितंबर के लिए भी गरज-वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
रांची में भी बदला मौसम
राजधानी रांची में बुधवार को मौसम में बदलाव साफ दिखाई दिया। IMD के रांची स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार 23 सितंबर की सुबह तक पिछले 24 घंटों में 22 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दिन का तापमान भी बारिश और बादलों के कारण सामान्य से अलग रहा।
रांची के लिए जारी पूर्वानुमान में 23 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना बताई गई थी। इसके साथ भारी बारिश, गरज, बिजली और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी थी।
24 सितंबर को रांची में भी बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 25 और 26 सितंबर को गरज-वज्रपात के साथ बारिश हो सकती है।
बारिश से शहरों में बढ़ सकती है परेशानी
तेज बारिश का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहता। यदि कम समय में बड़ी मात्रा में बारिश होती है तो शहरों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। निचले इलाकों, अंडरपास और खराब जलनिकासी वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने की संभावना रहती है।
रांची समेत राज्य के अन्य शहरों में भारी बारिश के दौरान यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। सड़क पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है।
पिछले दिनों IMD की चेतावनी में भी भारी बारिश के कारण जलभराव, यातायात बाधित होने, कमजोर पुलों और बिजली से जुड़े ढांचे के आसपास जोखिम को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी।
ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
बिजली गिरने के दौरान विशेष सावधानी जरूरी
झारखंड में मानसून के दौरान वज्रपात एक महत्वपूर्ण मौसम संबंधी जोखिम है। बारिश के साथ जब तेज गरज और बिजली चमक रही हो, तब खुले मैदान में रहना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
ऐसे समय में पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित पक्के भवन के अंदर जाना बेहतर है। बिजली के खंभों, खुले विद्युत तारों और अन्य विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले स्थानों पर रहने वाले ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर खेत में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है मौसम का बदलाव
झारखंड में बड़ी संख्या में किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं। सितंबर के अंतिम दिनों में होने वाली बारिश फसलों के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में अलग प्रभाव डाल सकती है।
जहां पर्याप्त नमी की जरूरत वाली फसलों को बारिश से फायदा हो सकता है, वहीं बहुत अधिक पानी खेत में जमा होने पर नुकसान की स्थिति भी बन सकती है। लगातार बारिश की स्थिति में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी जरूरी हो सकती है।

मौसम विभाग ने पहले जारी चेतावनियों में किसानों को खेतों में जलनिकासी का ध्यान रखने, तेज बारिश के दौरान जरूरी कृषि कार्यों को मौसम के अनुसार करने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी थी।
इसलिए किसानों को बारिश की स्थिति देखकर ही कटाई, छिड़काव और खाद से जुड़े काम करने चाहिए।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले सक्रिय हुआ सिस्टम
सितंबर का अंतिम चरण मानसून के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। सामान्य तौर पर इस समय मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसम प्रणालियां पूर्वी भारत में फिर से बारिश बढ़ा सकती हैं।
इस बार भी बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण झारखंड में बारिश की गतिविधि बढ़ी है। IMD के अनुसार 22 से 26 सितंबर के बीच राज्य में व्यापक बारिश की संभावना रही और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया।
इस तरह मानसून के अंतिम चरण में भी राज्य में बारिश का एक और सक्रिय दौर देखने को मिल रहा है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम कैसे बदलता है झारखंड का मौसम?
बंगाल की खाड़ी में जब निम्न दबाव या डिप्रेशन जैसी मौसम प्रणाली बनती है, तो उसके साथ बड़ी मात्रा में नमी जुड़ी होती है। यह सिस्टम जब पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता है, तो ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इस तरह की प्रणाली के प्रभाव से हवा में नमी बढ़ती है और बादल तेजी से विकसित होते हैं। यदि वातावरण में अन्य परिस्थितियां भी अनुकूल हों, तो भारी बारिश के साथ गरज और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
वर्तमान सिस्टम के प्रभाव में भी झारखंड के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में बारिश बढ़ने का अनुमान है। 24 सितंबर को दक्षिणी झारखंड में इसका सबसे अधिक असर देखने की संभावना जताई गई है।
23 से 29 सितंबर तक मौसम की स्थिति
IMD के 23 सितंबर को जारी झारखंड चेतावनी बुलेटिन के अनुसार:
- 23 सितंबर: भारी बारिश, गरज और वज्रपात की संभावना।
- 24 सितंबर: बहुत भारी बारिश के साथ गरज, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना।
- 25 सितंबर: भारी बारिश तथा गरज-वज्रपात।
- 26 सितंबर: गरज-वज्रपात और कुछ स्थानों पर बारिश।
- 27 सितंबर: गरज-वज्रपात की संभावना।
- 28 सितंबर: सामान्य बारिश/बादल, विशेष चेतावनी नहीं।
- 29 सितंबर: कुछ स्थानों पर बारिश, लेकिन विशेष चेतावनी नहीं।
इससे साफ है कि 24 और 25 सितंबर मौसम के लिहाज से खास तौर पर महत्वपूर्ण रह सकते हैं।
स्कूल-कॉलेज और कार्यालय जाने वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
भारी बारिश के दौरान स्कूल, कॉलेज और कार्यालय जाने वाले लोगों को स्थानीय मौसम की जानकारी लेते रहना चाहिए। अगर बहुत तेज बारिश हो रही हो तो निचले रास्तों, अंडरपास और जलजमाव वाले क्षेत्रों से बचना जरूरी है।
दो पहिया वाहन चालकों के लिए तेज बारिश और बिजली के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। सड़क पर दृश्यता कम होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
तेज हवा के दौरान पेड़ों, पुराने भवनों, अस्थायी होर्डिंग और कमजोर संरचनाओं के आसपास रुकने से बचना चाहिए।
बिजली और तेज हवा के दौरान घर में भी सावधानी
वज्रपात के समय घर के अंदर रहने पर भी कुछ सामान्य सावधानियां जरूरी हैं। खुले तारों या क्षतिग्रस्त बिजली उपकरणों को छूने से बचना चाहिए। यदि तेज आंधी के कारण बिजली के तार टूटे हुए दिखाई दें तो उनके पास नहीं जाना चाहिए और संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए।
तेज हवा के दौरान खिड़की-दरवाजे ठीक से बंद रखना और बालकनी या छत पर रखी हल्की वस्तुओं को सुरक्षित करना भी उपयोगी हो सकता है।
16 जिलों में पहले ही जारी किया गया था अलर्ट
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक मौसम विभाग ने जिन 16 जिलों के लिए चेतावनी जारी की थी, उनमें दक्षिणी, मध्य और कोल्हान क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर और मध्य झारखंड के कुछ जिले भी शामिल हैं।
इन जिलों में रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं।
हालांकि मौसम की तीव्रता जिले के भीतर भी अलग-अलग हो सकती है। इसलिए जिला स्तर की चेतावनी और स्थानीय मौसम अपडेट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा पर विशेष नजर
24 सितंबर को सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में बहुत भारी बारिश की संभावना है। दोनों जिले दक्षिण-पश्चिम झारखंड में आते हैं और मौसम प्रणाली के प्रभाव में यहां बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है।
भारी बारिश के कारण ग्रामीण सड़कों, छोटे पुलों और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। स्थानीय प्रशासन को ऐसे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है।
रांची, खूंटी और गुमला में भी तेज बारिश
रांची, खूंटी और गुमला को लेकर भी मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी दी है। 24 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश हो सकती है। रांची में 23 सितंबर को भी बारिश दर्ज हुई और अगले दिन बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है।
शहरी क्षेत्र में इसका प्रभाव सड़क यातायात, बाजार और दैनिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और कच्ची सड़कों पर इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है।
मौसम विभाग की सलाह को गंभीरता से लेने की जरूरत
मौसम विभाग की चेतावनी का उद्देश्य लोगों को संभावित मौसम जोखिम के लिए पहले से तैयार करना है। भारी बारिश और वज्रपात के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
विशेष रूप से:
- तेज बारिश में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- जलभराव वाले रास्तों से वाहन लेकर न गुजरें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें।
- बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी रखें।
- किसानों को मौसम देखकर कृषि कार्य करना चाहिए।
- पशुओं को खुले और असुरक्षित स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगह रखें।
- नदी, नाला या तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें।
- स्थानीय प्रशासन और IMD के ताजा अपडेट पर नजर रखें।
अभी मौसम पूरी तरह साफ होने की उम्मीद नहीं
23 सितंबर को जारी IMD के पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि अगले कुछ दिनों तक झारखंड में मौसम पूरी तरह साफ नहीं होगा। 25 और 26 सितंबर को भी गरज-वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। 27 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर आंधी-वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
इसके बाद 28 और 29 सितंबर को विशेष चेतावनी नहीं है, हालांकि कुछ स्थानों पर बादल और बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
इसलिए अगले चार-पांच दिन झारखंड में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
निष्कर्ष
बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के प्रभाव से झारखंड में एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय हो गया है। 23 सितंबर से 26 सितंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है, जबकि 24 सितंबर को दक्षिणी झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा सबसे अधिक बताया गया है। सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में बहुत भारी बारिश तथा रांची, खूंटी और गुमला में तेज बारिश की संभावना है।
राजधानी रांची में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। IMD के स्थानीय रिकॉर्ड के अनुसार 23 सितंबर की सुबह तक पिछले 24 घंटों में 22 मिमी बारिश दर्ज हुई। 24 सितंबर को रांची में बहुत भारी बारिश, गरज और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूरी रखना, जलभराव वाले रास्तों से बचना और तेज हवा के दौरान कमजोर संरचनाओं के पास नहीं जाना महत्वपूर्ण है।
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IMD Jharkhand Weather Warning:
India Meteorological Department – Jharkhand Warning
23 सितंबर 2026 के IMD अलर्ट में 24 सितंबर के लिए Very Heavy Rain + Thunderstorm/Lightning की चेतावनी दी गई है।
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IMD Ranchi Weather Forecast
रांची के लिए IMD ने 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश, गरज-वज्रपात और 40–50 kmph तक तेज हवाओं की चेतावनी दी है।