वित्त एवं लेखा समिति की बैठक में सात एजेंडों पर हुई चर्चा
अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को रिम्स के वित्त एवं लेखा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में रिम्स निदेशक डॉ. डी.के. सिंह, अपर निदेशक बाघमारे प्रसाद कृष्ण सहित समिति के अन्य सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कुल सात एजेंडों पर चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों एवं उनके अनुपालन की समीक्षा से हुई। अपर मुख्य सचिव ने रिम्स में आधुनिक कैंटीन विकसित करने के लिए विस्तृत एस्टीमेट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कैंटीन की व्यवस्था को बेहतर अस्पतालों की तर्ज पर विकसित करने के लिए आवश्यक सुधारों पर मंथन कर प्रस्ताव तैयार किया जाए।
बैठक में पैरामेडिकल छात्रों के हॉस्टल के निर्माण एवं साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि सफाई केवल फर्श तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरी बिल्डिंग के अंदर और बाहर बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने रिम्स में एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर छात्रों को स्टाइपेंड दिए जाने के पूर्व निर्णय के अनुपालन पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही, नीट-यूजी कोचिंग की शुरुआत पर भी प्रसन्नता जताई।
रेडियोथेरेपी की स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रतिदिन करीब 40 मरीजों को रेडियोथेरेपी की सुविधा दी जा रही है। अपर मुख्य सचिव ने टेक्नीशियनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने चिकित्सा उपकरणों की खरीद को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उपकरण खरीद जेम पर उपलब्ध रेट की तुलना करते हुए उपकरण खरीदे जाएं। यदि जेम पर उपलब्ध नहीं हों तो एम्स से प्राप्त दर पर उपकरणों की खरीद की जाए।
इसके लिए रिम्स में उपलब्ध मशीनों और आवश्यक मशीनों की विस्तृत मैपिंग कर सूची तैयार की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार नए उपकरणों की खरीद की जाए। उन्होंने विभागवार उपकरणों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही पुरानी एवं अनुपयोगी मशीनों को नियमानुसार डिस्पोज करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में पांच पदों पर भर्ती की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा सर्जरी विभाग के बर्न वार्ड के लिए उपकरणों की खरीद हेतु वित्तीय स्वीकृति, रोबोटिक सर्जरी शुरू करने, विभिन्न भवनों में स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम के वार्षिक रखरखाव, रिम्स क्रय समिति के बाहरी सदस्यों को प्रति बैठक मानदेय, प्रोक्योरमेंट सेल के पीएमओ के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों तथा जेनेटिक्स एवं जीनोमिक्स विभाग में वैज्ञानिकों को एम्स नई दिल्ली की तर्ज पर एकेडमिक अलाउंस देने से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
निर्माणाधीन भवन एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने रिम्स के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने रिम्स के ड्रेनेज सिस्टम, पुरानी बिल्डिंग के बेसमेंट एवं विभिन्न वार्डों की स्थिति का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कई मरीजों से बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया और भोजन की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तत्काल भोजन के रखरखाव, स्वच्छता एवं वितरण व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
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