रांची। जिंदगी जिंदाबाद
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए JSSC-CGL और CDPO परीक्षा के विज्ञापनों को रद्द करने के सरकारी आदेश पर रोक (Stay) लगा दी है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
कोर्ट की सुनवाई के मुख्य बिंदु:
- नियुक्तियों पर स्टे: अदालत ने JSSC-CGL और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) परीक्षा का विज्ञापन व नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है।
- सरकार और JPSC से जवाब तलब: JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) की नियुक्तियों को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और JPSC से जवाब मांगा है।
- याचिकाकर्ताओं का पक्ष: याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और पीएएस पति ने पैरवी करते हुए सरकार के रद्द करने के फैसले को अदालत में चुनौती दी।
क्या है पूरा मामला?
CID जांच में TDPL की भूमिका सामने आने के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके साथ ही वर्ष 2014 के बाद आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच की घोषणा की गई थी।
कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग की अधिसूचना के तहत:
- 22 परीक्षाएं रद्द की गई थीं।
- 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित की गई थी।
- 17 परीक्षाएं जांच के दायरे में रखी गई हैं।
अदालत के इस फैसले से परीक्षा रद्द होने के बाद अधर में लटके हजारों अभ्यर्थियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।
