आदिवासी महोत्सव 2026: सफल आयोजन को लेकर मोराबादी मैदान में सुरक्षा, स्वच्छता, पार्किंग और सांस्कृतिक व्यवस्थाओं का लिया जायजा, भव्य आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश
रांची। जिंदगी जिंदाबाद
AdivasiMahotsav2026: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा, कला और विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले आदिवासी महोत्सव 2026 की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इसी क्रम में गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल ने रांची के मोराबादी मैदान का विस्तृत निरीक्षण कर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की।
एसीएस ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि राज्य का यह प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन पूरी भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हो सके। विदित हो कि विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर 9 एवं 10 अगस्त को रांची के मोराबादी मैदान में यह कार्यक्रम आयोजित है।

आदिवासी महोत्सव 2026: तैयारियां अंतिम चरण में
मोराबादी मैदान का निरीक्षण करने पहुंचीं अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश” केवल प्रशासनिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करने की एक महत्वपूर्ण पहल थी कि झारखंड की आदिवासी संस्कृति का यह महापर्व देश-दुनिया के सामने अपनी समृद्ध पहचान के साथ प्रस्तुत हो।
Adivasi Mahotsav 2026: समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने आयोजन स्थल पर चल रहे प्रत्येक कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी निर्माण कार्य, मंच सज्जा, स्टॉल निर्माण, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं को तय समय के भीतर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि आदिवासी महोत्सव 2026 केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान और गौरव का प्रतीक है। इसलिए इसकी प्रत्येक व्यवस्था उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए।
आदिवासी महोत्सव 2026: सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर रहेगा विशेष फोकस
मोराबादी मैदान में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। निरीक्षण के दौरान वंदना दादेल ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि—
पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती हो।
सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी की जाए।
आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहे।
अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएं।
महिला, बुजुर्ग और दिव्यांग आगंतुकों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे प्रत्येक आगंतुक स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।
आदिवासी महोत्सव 2026: स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान स्वच्छता व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पूरे आयोजन स्थल पर नियमित सफाई, पर्याप्त संख्या में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, कूड़ेदान और साफ-सुथरा वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा विद्युत आपूर्ति, बैकअप पावर, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल की उपलब्धता को भी पूरी तरह व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
मंच निर्माण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारियों की समीक्षा

अपर मुख्य सचिव ने मुख्य मंच, सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल और विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मंच की डिजाइन झारखंड की पारंपरिक आदिवासी संस्कृति को दर्शाने वाली होनी चाहिए।
महोत्सव के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से आने वाले कलाकार पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, जनजातीय संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही हस्तशिल्प, हथकरघा, वन उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
पर्यटकों और आगंतुकों की सुविधा पर रहेगा विशेष ध्यान
“आदिवासी महोत्सव 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में: मोराबादी मैदान का निरीक्षण करने पहुंचीं अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश” के तहत आगंतुकों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
इसके लिए—
पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था
हेल्प डेस्कसूचना केंद्र
प्राथमिक चिकित्सा केंद्र
पेयजल केंद्र
मोबाइल शौचालय
दिशासूचक बोर्ड
दिव्यांगजन के लिए विशेष मार्ग
जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
वंदना दादेल ने कहा कि इतने बड़े आयोजन की सफलता सभी विभागों के समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने गृह विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन, बिजली विभाग, पेयजल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समस्या का समाधान तुरंत किया जाए और नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से तैयारियों की निगरानी की जाए।
आदिवासी महोत्सव 2026: झारखंड की संस्कृति को मिलेगी नई पहचान
आदिवासी महोत्सव झारखंड की सांस्कृतिक विविधता, परंपरा और जनजातीय विरासत को प्रदर्शित करने का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। इस आयोजन के माध्यम से राज्य के कलाकारों, शिल्पकारों और पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है।
Adivasi Mahotsav 2026: रोजगार और पर्यटन को मिलेगा लाभ
आदिवासी महोत्सव के आयोजन से—
स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा।
हस्तशिल्प और वन उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी।
पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
होटल, परिवहन और छोटे व्यापारियों को आर्थिक लाभ होगा।
राज्य की सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी, विशेष सचिव राजीव लोचन बक्शी, रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री, TRI निदेशक आलोक एस. कच्छप, नगर पुलिस अधीक्षक पारस राणा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी दी और समय पर कार्य पूरा करने का भरोसा दिलाया।
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