रांची : जिंदगी जिंदाबाद
भगवान जगन्नाथ रथमेला: 15 को नेत्रदान के साथ आरंभ हो जाएगा। 16 जुलाई को ऐतिहासिक रथ यात्रा निकाली जाएगी। इस दिन मौसीबाड़ी तक रौनक रहेगी। रांची में ऐतिहासिक रथ यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 15 जुलाई को शाम 4 बजे से नेत्रदान महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दिन भगवान एकांतवास से बाहर आएंगे और भक्तों को दर्शन देंगे।
रथ मेला का मुख्य आकर्षण:
रथ मेले में इस बार मौसीबाड़ी तक की रौनक देखते ही बनेगी। बच्चों और बड़ों के मनोरंजन के लिए मेले में डांसिंग फ्लाई, स्विंग पालना, मिकी माउस, और रोमांचक ‘मौत का कुआँ’ भी लगाया जा रहा है, जो लोगों के लिए मुख्य आकर्षण होंगे। इसके अलावा कपड़ों और खिलौनों के कई स्टॉल सजे हैं।
रथ यात्रा और दर्शन का समय:
16 जुलाई रथ यात्रा: 16 जुलाई की सुबह 4 बजे जगन्नाथपुर मंदिर का पट खुलेगा। सुबह 5 बजे मंगल आरती के बाद श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे। दोपहर 2:30 बजे तक आम लोगों के लिए दर्शन खुला रहेगा। दोपहर 3 बजे रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू होगी और शाम 6:45 बजे तक भगवान का रथ मौसीबाड़ी पहुंचेगा।
मौसीबाड़ी में पूजा: शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक मौसीबाड़ी में भगवान के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे, जहां लोग महाआरती और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
25 को घुरती रथ मेला, भगवान लौटेंगे मुख्य मंदिर:
भगवान नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में रहेंगे। 25 जुलाई को घुरती रथ मेला का आयोजन होगा, जिसके बाद भगवान वापस अपने मुख्य मंदिर लौटेंगे। इस दिन दोपहर 12:10 बजे भगवान को भोग लगाया जाएगा और दोपहर 3 बजे रथ खींचने की शुरुआत होगी, जो रात 8:30 बजे तक मुख्य मंदिर पहुंचेगी। 26 जुलाई से मुख्य मंदिर में आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन फिर से शुरू हो जाएंगे।
तैयारियां पूरी, रथ को दिया जा रहा अंतिम रूप:
रथ निर्माण और रंग-रोगन का काम लगभग पूरा हो चुका है। त्रिकलश को सुंदर रंगों से सजाया गया है। 15 जुलाई से पहले रथ को पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
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