आज दिनांक 13 मई 2026 को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में पैथोलॉजी जांच हेतु मशीन बनाने वाली Meril कंपनी का प्रेजेंटेशन आयोजित किया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव के साथ अवर सचिव धीरंजन शर्मा, मेरिल कंपनी के पदाधिकारी तथा C-DAC के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रेजेंटेशन के दौरान मेरिल कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में पूर्व से अधिष्ठापित कंपनी की सेमी ऑटोमेटिक पैथोलॉजिकल मशीनों को बदलकर नई फुली ऑटोमेटिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन मशीनों की विशेषता यह होगी कि एक साथ 50 सैंपलों की जांच की जा सकेगी। कंपनी की ओर से मशीनों पर 10 वर्षों तक मेंटेनेंस सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
नई मशीनों के माध्यम से यूरिन और ब्लड से संबंधित लगभग सभी पैथोलॉजिकल जांचें की जा सकेंगी। मशीन से प्राप्त जांच रिपोर्ट सीधे मरीज के मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जा सकेगी। कंपनी द्वारा संबंधित मैनपावर को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ सॉफ्टवेयर संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाई जाएगी।
बैठक के दौरान कंपनी के द्वारा एक लाइव डेमो दिया गया इसके माध्यम से बताया गया कि किस प्रकार मशीन काम करती है और कैसे तत्काल रिपोर्ट देती है
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रथम चरण में इन मशीनों को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों एवं जिला अस्पतालों में स्थापित किया जाए। इसके बाद दूसरे चरण में राज्य के सभी सीएचसी एवं पीएचसी स्तर तक इसका विस्तार किया जाएगा। उन्होंने 15 जून 2026 तक सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मशीनों की स्थापना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसी दिन इन मशीनों का औपचारिक लॉन्च भी किया जाएगा।