शिक्षक दिवस विशेष: देश और व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों के योगदान पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विशेष लेख
नई दिल्ली। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबों का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं होता शिक्षक दिवस 2026:, बल्कि वह उनके जीवन को दिशा देने वाला मार्गदर्शक, प्रेरक और चरित्र निर्माता भी होता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश और व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करते हुए अपने विशेष लेख में शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों की गहराई और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम की जानकारी नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। वे विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, शुभचिंतक, मित्र और सहयोगी होते हैं। एक अच्छे शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन पर लंबे समय तक बना रहता है और उसके व्यक्तित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उन्हें भी अपने शिक्षकों से बहुत कुछ सीखने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला। राष्ट्रपति ने शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनके स्नेह का उल्लेख करते हुए कहा कि कई शिक्षक स्कूल की छुट्टी के बाद भी विद्यार्थियों की मदद करते हैं और जरूरत पड़ने पर उनके साथ खड़े रहते हैं।

अपने लेख में राष्ट्रपति ने शिक्षक की सफलता की एक अनूठी तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि शिक्षक का उद्देश्य केवल अपने विद्यार्थियों को अपने जैसा बनाना नहीं, बल्कि उन्हें उससे भी आगे बढ़ते देखना होना चाहिए। शिक्षक के लिए इससे बड़ी उपलब्धि क्या होगी कि उसका शिष्य उससे आगे निकल जाए शिक्षक दिवस विशेष: देश और व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों के योगदान पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विशेष लेख। यही भावना एक शिक्षक को महान बनाती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना या रोजगार प्राप्त करना नहीं है। शिक्षा के माध्यम से जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक तैयार करना भी जरूरी है। शिक्षक विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, स्वतंत्र विचार, रचनात्मकता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी पर निर्भर करता है और युवा पीढ़ी के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ-साथ उन्हें देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास भी कराते हैं।
विजेता होते हैं शिक्षक… लेकिन शिष्य से पराजित होने की इच्छा उन्हें महान बनाती है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
शिक्षक दिवस विशेष: देश और व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों के योगदान पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विशेष लेख

राष्ट्रपति ने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस हमें उन सभी गुरुजनों को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने हमारे जीवन को दिशा दी, हमारी गलतियों को सुधारा और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों का योगदान किसी एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संस्कार और शिक्षाएं पूरी जिंदगी विद्यार्थियों के साथ रहती हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: का यह विशेष लेख शिक्षक की उस भावना को सामने लाता है, जिसमें अपने शिष्य की सफलता को अपनी सफलता से भी बड़ा माना जाता है। वास्तव में, एक शिक्षक की सबसे बड़ी जीत तब होती है, जब उसका विद्यार्थी उससे आगे बढ़कर समाज और देश के लिए बेहतर योगदान देता है।
शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता केवल कक्षा तक सीमित नहीं
एक शिक्षक और विद्यार्थी के बीच का रिश्ता केवल स्कूल या कॉलेज की कक्षा तक सीमित नहीं रहता। शिक्षक की कही हुई छोटी-सी बात भी विद्यार्थी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। कठिन परिस्थितियों में शिक्षक का मार्गदर्शन विद्यार्थी को सही निर्णय लेने और असफलताओं से सीखने की प्रेरणा देता है।
शिक्षक दिवस विशेष: देश और व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों के योगदान पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विशेष लेख
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