JPSC भर्ती परीक्षा झारखंड:
रांची: झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़ी खबर चिंता बढ़ाने वाली है। आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद रिक्त रहने से भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। नई नियुक्तियों के विज्ञापन, लंबित परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की निगाहें अब राज्य सरकार और आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं। अक्टूबर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, 21 जुलाई से आयोग में नियुक्ति प्रक्रिया ठप पड़ी है।
JPSC में पद खाली रहने से क्यों प्रभावित हो रही भर्ती?
झारखंड लोक सेवा आयोग राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में अधिकारियों और अन्य पदों पर नियुक्ति के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है। आयोग की जिम्मेदारी परीक्षा आयोजित करने से लेकर चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तक होती है।
ऐसे में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली रहने से आयोग के कामकाज और महत्वपूर्ण निर्णयों पर असर पड़ सकता है। इसके कारण अभ्यर्थियों को परीक्षाओं की अगली तारीख, परिणाम और नई नियुक्तियों से संबंधित जानकारी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
राज्य में लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया में देरी एक बड़ी चिंता है। उम्मीदवार चाहते हैं कि लंबित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जाए और नई भर्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।
हाईकोर्ट ने नियुक्ति के लिए सरकार को दिया था दो महीने का समय
JPSC में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों का मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। सितंबर 2026 में अदालत ने राज्य सरकार को आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया था।
अदालत ने सरकार को 18 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने और मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित करने की जानकारी भी सामने आई थी। सुनवाई के दौरान आयोग में लंबे समय से पद खाली रहने और सरकारी विभागों में नियुक्तियों पर पड़ने वाले असर का मुद्दा उठा था।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सरकार की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, नियुक्तियों की वास्तविक स्थिति और भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की तारीख की पुष्टि आधिकारिक सूचना से ही की जानी चाहिए।
नई भर्तियों के विज्ञापन का भी इंतजार
JPSC में पद रिक्त रहने का असर केवल पहले से चल रही परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। नई नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी होने को लेकर भी अभ्यर्थियों में असमंजस बना हुआ है।
सितंबर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, आयोग की ओर से 847 नए पदों पर नियुक्ति के विज्ञापन का इंतजार था। वहीं, पहले से विज्ञापित पदों की चयन प्रक्रिया भी विभिन्न स्तरों पर लंबित थी।
ऐसे में अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि आयोग में रिक्त पदों को भरने के बाद भर्ती संबंधी गतिविधियों में तेजी आएगी। हालांकि, किसी भी परीक्षा या नई भर्ती की निश्चित तारीख तभी मान्य होगी, जब आयोग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
अभ्यर्थियों को आधिकारिक अपडेट का इंतजार
JPSC की भर्ती प्रक्रिया में देरी के बीच उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस, परीक्षा कार्यक्रम और परिणाम संबंधी सूचनाओं पर नजर रखें। बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी संभावित परीक्षा तिथि या नियुक्ति संबंधी दावे पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि राज्य सरकार आयोग के रिक्त पदों पर नियुक्ति कब तक पूरी करती है और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। इससे न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को स्पष्टता मिलेगी, बल्कि राज्य के विभिन्न विभागों में नियुक्तियों की प्रक्रिया को गति देने में भी मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष: JPSC में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली रहने से झारखंड में सरकारी नियुक्तियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अब अभ्यर्थियों की उम्मीद सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया और आयोग की अगली आधिकारिक घोषणाओं पर टिकी है।
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