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Ranchi University के शहीद स्मृति सभागार में नागपुरी दिवस सह प्रफुल्ल जयंती का आयोजन,वक्ताओं ने कहा -प्रत्येक कवि साहित्यकार का जन्मदिवस का आयोजन किया जाना चाहिए जिससे आने वाला पीढ़ी याद रखेरांची : आज दिनांक 08 फरवरी 2025 को नागपुरी भाषा परिषद, रांची तथा रांची विश्वविद्यालय रांची के सौजन्य से केंद्रीय पुस्तकालय के सभाकक्ष में नागपुरी दिवस सह नागपुरी साहित्य के उद्भट कवि,साहित्यकार प्रफ्फुल कुमार राय का जयंती-प्रफ्फुल सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री मधु मंसूरी हसमुख,पद्मश्री मुकुंद नायक और इस वर्ष पद्मश्री से सम्मानित(घोषित) श्री महावीर नायक कि गरिमामयी उपस्थिति से आज का कार्यक्रम में चार चाँद लग गया । आज के पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में तीन पुस्तक का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया जिसमें डॉ.उमेश नन्द तिवारी लिखित आधुनिक नागपुरी साहित्य की विविध बिधाएं, लेखक द्वय डॉ.उमेश नन्द तिवारी और डॉ राम कुमार, श्री राकेश रमण कृत खोईर खेला के विविध आयाम है यह पुस्तक आने वाले पीढ़ी तथा नागपुरी प्रेमी छात्र-छात्रावों के लिए बहुत उपयोगी है ||नागपुरी दिवस के कार्यक्रम का सञ्चालन,अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश कराते हुए नागपुरी विभाग,रांची विश्वविद्यालय रांची के विभागाध्यक्ष डॉ.उमेश नन्द तिवारी ने बताया कि नागपुरी भाषा साहित्य में प्रफुल कुमार राय का बहुत योगदान था उनके जन्म दिन को याद कर नागपुरी भाषा साहित्य के श्रीबृद्धि के लिए आज के इस सुभ दिन को नागपुरी दिवस के रूप में स्व० डॉ.भुवनेश्वर अनुज घोषित किए थे जिससे आने वाला पीढ़ी याद कर सके | कार्यक्रम कि रूप रेखा बताते हुए डॉ.तिवारी द्वारा बताया गया कि वर्ष 2025 के लिए प्रफ्फुल सम्मान पूर्व प्राध्यापक गोसनर महाविद्यालय सह नागपुरी भाषा साहित्य के साहित्यकार डॉ. राम प्रसाद और नागपुरी भाषा कि प्रसिद्ध गायिका श्रीमती यशोदा देवी को दिया जा रहा है | आज के कार्यक्रम में नौ सहायक प्राध्यापक के साथ साथ तीन पूर्व सेवानिवृत्त प्राध्यापकों को भी सम्मान दिया गया | कार्यक्रम में नागपुरी भाषा परिषद् कि महासचिव डॉ. शकुंतला मिश्र के द्वारा बताया गया कि आर्य भाषा परिवार में प्राचीन काल से ही नागपुरी भाषा का विशिष्ट स्थान रहा है इस भाषा को साहित्य के रूप में स्थापित करने में यूँ तो कई महानुभवों, विद्वतजनों का महति योगदान रहा है उनमें प्रफ्फुल कुमार राय भी एक थे | इसके अथक प्रयास से ही कुछ अन्य विद्वतजन के सहयोग से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बिभाग स्थापित हुआ | बच्चे आज पाठ्यक्रम में नागपुरी भाषा में बिभिन्न स्कुल कॉलेज में अध्यनरत हैं और बहुतों को इस भाषा से रोजगार मिला हुआ है भविष्य में भी भाषा को यदि संवार कर रखी जाय तब पुरे राष्ट्र के स्तर कि भाषा बनने में देर नहीं लगेगी यह कल्पना प्रफुल दादा का था आज का दिन स्मरण के साथ प्रण करने का दिन भी है कि उनके द्वारा सुझाये गए मार्ग पर हम सब चले,अमल करें और साहित्य सृजन करें | पद्मश्री मुकुंद नायक ने प्रफ्फुल कुमार राय जी को स्मरण कर बताया कि प्रफुल्ल कुमार राय को नागपुरी पद्य साहित्य का अनमोल मोती माना जाता है। वे नागपुरी के ऐसे गौरव शिखर हैं, जिसे काल का दीमक भी नहीं खा सकता है और इतिहास हीरे की तरह संजोये रखता है। झारखंड आंदोलन में भाषायी व सांस्कृतिक अगुवाई कर आंदोलन को गति प्रदान किया | आज का दिन अविस्मरणीय है. हम ऐसे विद्वान की जयंती मना रहे हैं जिनकी बदौलत नागपुरी भाषा साहित्य को पहचान मिली और हम इस मुकाम पर पहुंच पाये। पद्मश्री मधु मंसूरी हसमुख ने बताया कि प्रफुल्ल कुमार राय,नागपुरी साहित्य के यशस्वी, लोकप्रिय साहित्य स्रष्टा, महान गायक और कुशल मार्गदर्शक थे। अपनी रचना एवं कर्म के कारण वे नागपुरी और झारखंडी समाज के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे। आज का मुख्य अतिथि महाबीर नायक ने युग द्रष्टा प्रफुल कुमार राय के बारे में बताया कि झारखंड की रत्नगर्भा भूमि में जन्में प्रफुल्ल कुमार राय नागपुरी भाषा, साहित्य जगत के ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र थे, जिनका कार्य हम सभी के लिए अनुकरणीय है। आज प्रफुल्ल कुमार राय को छोड़ कर नागपुरी साहित्य का इतिहास नहीं लिखा जा सकता है। नागपुरी भाषा साहित्य के विकास के लिए उन्होंने अथक श्रम किया। अनेक साहित्य सृजन किया वे एक साहित्यकार के साथ-साथ गायक, कुशल नेतृत्वकर्ता एवं प्रशासक भी थे कुलपति ने कहा कि प्रत्येक कवि साहित्यकार का जन्मदिवस का आयोजन ऐसे ही किया जाना चाहिए जिससे आने वाला पीढ़ी याद रख सके | विशिष्ठ अतिथि डॉ. गुरुचरण साहु, कुलसचिव रांची विश्वविद्यालय रांची, ने बताया कि प्रफुल्ल कुमार राय द्वारा साहित्य की जो रचना की गई वह नागपुरी भाषा को मजबूती के साथ खड़ा किया गया। इसी के कारण बड़े-बड़े विश्वविद्यालय में छात्र-छात्रा नागपुरी भाषा में शिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रफुल्ल कुमार राय के बहुआयामी व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज का दिन संकल्प लेने का दिन है. नागपुरी भाषा साहित्य के प्रति,उनकी जो श्रद्धा और सोच थी, उस सपने को हम सभी को मिलकर, बगैर किसी भेदभाव के, नि:स्वार्थ भाव के साथ साकार रूप | सभी को मिलकर कोशिश करनी चाहिए कि वैश्विक स्तर पर झारखंडी भाषाओं का विकास सुनिश्चित हो | डॉ. सुदेश कुमार साहु, संकायाध्यक्ष, छात्र कल्याण संकाय,रांची विश्वविद्यालय रांची ने बताया कि इनका जन्म 8 फरवरी 1926 को गुमला जिला के सिसई पहाड़ बंगरू गाँव में हुआ था । उनके पिता का नाम पांडे रामकिशोर राय और माता का नाम सुचित्रबाला देवी था। उन्होंने वाणिज्य स्नातक की पढ़ाई की और एक सरकारी कर्मचारी के रूप में अपना करियर सी सी एल से शुरू किया । वे एक लेखक के अलावा गायक भी थे । उनकी रचनाएँ रांची टाइम्स रांची एक्सप्रेस जैसी विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित होती हैं। उन्होंने सोन झाइर (कहानियों का संग्रह), बरखा, बरखा खंड,अवसर नी मिले बुझू और किलकिला लिखे । नागपुरी भाषा में रचनाओं के प्रकाशन और 1960 में नागपुरी भाषा परिषद के गठन में उनकी प्रमुख भूमिका थी। डॉ राम प्रसाद ने बताया कि प्रफुल्ल दा जैसे शख्स का मिलना मुश्किल है. चूंकि ऐसे महापुरुष हमारे बीच कभी-कभार ही जन्म लेते हैं. उनके संघर्षों को हमारे नये पीढ़ी को जानना व समझना चाहिए. राय जी अपने आप में एक अथाह समुद्र थे. उनका मुकाबला नहीं l जो दायित्व प्रफुल्ल दा ने सौंपा है उस दायित्व को निश्छल भाव से पूरा करना चाहिए यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।आज के कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुखदेव साहू के द्वारा किया गया | कार्यक्रम में मुख्य रूप से पद्म श्री मुकुंद नायक,पद्म श्री मधुमंसुरी हसमुख पद्म श्री (घोषित ) महाबीर नायक, डॉ.सुदेश कुमार साहू, डॉ. गुरुचरण साहु कुलसचिव रांची विश्वविद्यालय रांची, डॉ. राम प्रसाद. डॉ. उमेश नंद तिवारी, डॉ.शकुंतला मिश्र, डॉ. संजय कुमार षाड़ंगी, हरिनन्दन महली, धनेंद्र प्रवाही, रामदेव बड़ाईक, पूनम कुमारी,डॉ.रामजय नायक, करमी मांझी, नन्दकिशोर रजक,संगीता तिग्गा, श्री अजय पाण्डेय, प्रमोद कुमार राय, डॉ. खालिक डॉ. राम कुमार, अहमद,सुश्री करमी मांझी,नवीन कुमार मिश्र,तनवीर मिरदाहा, सुभासिनी,एम. मोदस्सर, विकास कुमार सिन्हा, , मनपुरन नायक, डॉ.आदित्य कुमार जयविंद नागेश्वर, डॉ. सुभाष साहु,डॉ. अंजू कुमारी साहु, रविन्द्र साहु,सुश्री पूनम कुमारी, नेहा कुमारी, ईजुद्दीन मिरदाहा,डा.अनुपमा मिश्रा, अवधेश सिंह सुनीता कुमारी टोप्पो, बुधेश्वर बड़ाईक,श्रीमती सरोज कुमारी, इंद्रजीत राम,पूजा तिर्की,पूनम भगत, इंद्रभूषण भगत,बेबी कुमारी, संगीता तिग्गा, नंदकिशोर प्रसाद,जलेश्वर महतो, प्रवीण कुमार सिंह, रवि कुमार, सोनू सपरवार,अनुप गाड़ी , संजय कुमार, उषा कुमारी,रश्मि शिखा कुमारी, अनिता कुमारी सिंह,श्रीमती राजमुनी कुमारी, सुषमा कच्छप, बिराज चिक बड़ाईक, सीमा कुमारी,अरविन्द कुमार, शहला सरवर, मनोज कुमार, नागपुरी करूणा कुमारी,देवेंद्र साहु, नमिता पूनम,प्रवीण सिंह रावी कुमार तबरेज अनूप गाडी,नेहा कुमारी पूनम भगत,उषा कुमारी,सौरव आनंद बर्मन चन्द्रिका, नवल किशोर कंचन मुण्डा, तबरेज मंसुरी,मीना कुमारी,सीमा कुमारी डॉ. जयकांत इंदवार, धीरज नायक, , शंकर नायक डॉ. रेखा कुमारी, डॉ. आलम आरा,डॉ. सुमन कुमार, के अलावा बड़ी संख्या में भाषा प्रेमी, साहित्यकार, शोधार्थी और छात्र-छात्रायें मौजूद थे|

मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य में सामान्य कैंसर के वृहत रूप से स्क्रीनिंग कार्यक्रम का किया उद्घाटन

पूरे राज्य में सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कैंसर स्क्रीनिंग के तहत ओरल,ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की, की जाएगी जांच स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री…

टीआरएल संकाय : नागपुरी विभाग के विभागाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया डॉ उमेश नन्द तिवारी, कहा -सबके सहयोग से अपने दायित्व का निर्वहन करूँगारांची : रांची विश्वविद्यालय के टीआरएल संकाय के स्नातकोत्तर नागपुरी विभाग में आज नये विभागाध्यक्ष के रूप में डॉ उमेश नन्द तिवारी ने पदभार ग्रहण किया. बता दे कि डॉ तिवारी डॉ सविता केशरी के सेवानिवृत्त होने के पश्चात् उनका स्थान लेंगे. डॉ केशरी 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुईं. इस मौके पर विभाग के डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो एवं डॉ रीझू नायक की अगुवाई में विभाग के शिक्षक, छात्र, शोधार्थी एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से बुके देकर डॉ तिवारी का स्वागत किया. डॉ तिवारी ने कहा कि मुझे खुशी है कि मुझे दोबारा विभागाध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया है. मेरी कोशिश होगी कि हम सब मिलजुल कर अपने-अपने दायित्व का निर्वहण करेंगे. मौके पर बुद्धेश्वर बड़ाईक, सोनू सपवार व शोधार्थियों ने स्वागत गान प्रस्तुत किया.मौके पर टीआरएल संकाय के बंधु भगत, डॉ कुमारी शशि, डॉ गीता कुमारी सिंह, डॉ बीरेन्द्र कुमार सोय, करम सिंह मुण्डा, डॉ नरेन्द्र कुमार दास, डॉ राम कुमार, डॉ संतोष कुमार भगत, सुबास साहु, करमी मांझी, डॉ अनुराधा मुण्डू, मनय मुण्डा, डॉ उपेन्द्र कुमार, रवि कुमार, आलोक कुमार मिश्रा, प्रवीण कुमार, नेहा भगत, सोनू सपवार, अनुप गाड़ी, उषा कुमारी, पूनम कुमारी, धनंजय नायक, आनन्द विजय, राजकुमार, बसंती मुण्डा, प्रभा हेमरोम, चन्दा देवी के आलवा कई शिक्षकों, शोधार्थियों व छात्रों ने माला पहनाकर एवं बुके देकर बधाईयाँ दी साथ ही नयी जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएँ दी.

नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर का नियमितीकरण करे सरकार : संघ

झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर कांट्रैक्टच्युल एसोसियेशन (JAPCA) की 31 जनवरी को ऑनलाइन संपन्न बैठक में संघ के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ०एस०के०झा ने कहा कि राज्य अधीनस्थ विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत…

TRL संकाय : नागपुरी विभागाध्यक्ष डॉ सविता केशरी सेवानिवृत्त, हुई भावुक, कहा – सेवानिवृत्त जरूर हुई हूँ पर सेवा के दायित्वों से नहीं

रांची : जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय, रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर नागपुरी विभाग में पदस्थापित विभागाध्यक्ष डॉ सविता केशरी के सेवनिवृत्ति उपरांत विभागीय परिसर में विदाई सह सम्मान समारोह का…

बीपीएल बच्चों के नामांकन में गड़बड़ी का आरोप : अजय राय

रांची। बीपीएल बच्चों के नामांकन में गड़बड़ी का आरोप झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूलों में बीपीएल बच्चों के नामांकन…

कोविड जैसी वैश्विक महामारी में की गई त्वरित कार्रवाई आपदा प्रबंधन का बेहतर उदाहरण है – अबु इमरान

पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी एंड डिजास्टर मैनेजमेंट-प्रोफेनशल डेवलपमेंट प्रोग्राम विषय पर दिया जा रहा है प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक अबु इमरान ने कहा है कि कोविड जैसी…

जटिल गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें एफआरयू से टैग करें – डॉ पुष्पा

मातृत्व स्वास्थ्य एवं पोषण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन  रांची। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मातृत्व स्वास्थ्य कोषांग की राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ पुष्पा ने कहा है कि गर्भवती…

सोशल मीडिया पर प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले पोस्टों के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किया गया है विशेष दिशा निर्देश

किसी भी प्रकार की चुनाव संबंधी जानकारी को सार्वजनिक करने से पूर्व समाचार पत्र, टीवी चैनल और मीडिया के अन्य माध्यम तथ्यों की पूरी तरह से जांच कर लें राँची।…

सभी स्वास्थ्य संस्थान लक्ष्य के मानकों पर खरा उतरें – डॉ चंद्रकिशोर शाही

सिजेरियन सेक्शन में गुणवत्ता और सुरक्षा विषय पर समीक्षा सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन रांची। राज्यभर के सभी स्वास्थ्य संस्थान गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरें। इसके लिए आवश्यक चेक…

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जीआई के क्षेत्र में झारखंड ने मजबूत की अपनी उपस्थिति; राज्य के 11 नए उत्पादों को मिला जीआई टैग======*झारखंड सरकार राज्य की अनूठी कला, शिल्प, कृषि उत्पादों और पारंपरिक वस्तुओं को पहचान दिलाने, उन्हें सुरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, जीआई रजिस्ट्री ने हाल ही में राज्य के 11 और महत्वपूर्ण उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया है।  इन पहलों का मुख्य उद्देश्य झारखंड के पारंपरिक उत्पादों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना, बाजार में उनकी पहचान बढ़ाना और उन्हें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर स्थापित करना है।  *ये हैं जीआई क्लब में शामिल**झारखंड के ये उत्पाद हुए जीआई (GI) क्लब में शामिल*हाल ही में जिन उत्पादों को जीआई दर्जा दिया गया है, उनमें कुचाई सिल्क साड़ी और कपड़े, भगैया साड़ी और कपड़े, दुमका चादर बदोनी पुतुल (कठपुतली), झारखंड पंछी परहान पंछी साड़ी और कपड़े, झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड डोकरा क्राफ्ट (धातु शिल्प)   झारखंड के आदिवासी आभूषण (Tribal Jewellery), झारखंड के बांस शिल्प (Bamboo Crafts), केसरिया कलाकंद, झारखंड बेनाम और झारखंड जादुपटुआ पेंटिंग् शामिल हैं। इन सभी नए जीआई टैगों का आधिकारिक प्रकाशन अगले कुछ दिनों में कर दिया जाएगा। वर्ष 2019 तक झारखंड के पास केवल एक जीआई-टैग उत्पाद (सोहराई और खोवर पेंटिंग) था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जो जीआई परिदृश्य में राज्य की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।*झारक्राफ्ट की बड़ी उपलब्धि*उद्योग विभाग, झारखंड सरकार के तहत कार्यरत झारक्राफ्ट और मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड वर्ष 2019 से ही जीआई पंजीकरण गतिविधियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहे हैं। इसी प्रयास के तहत एक उल्लेखनीय मील का पत्थर तब हासिल हुआ, जब झारक्राफ्ट ने एक साथ तीन उत्पादों झारखंड की टसर सिल्क साड़ियाँ और कपड़े, झारखंड के आदिवासी आभूषण और झारखंड के बांस शिल्प  के लिए जीआई पंजीकरण सुरक्षित किया है। ये पंजीकरण झारखंड के कारीगरों और पारंपरिक समुदायों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की दृश्यता, प्रामाणिकता और बाजार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे। *अन्य उत्पाद भी हैं कतार में*झारखंड की यह जीआई यात्रा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, कई अन्य अनूठे उत्पादों के आवेदन भी जीआई रजिस्ट्री में जमा किए गए हैं, इनमें मांदर, प्यतकर पेंटिंग, निमुचा/करनी शॉल, लाह की चूड़ियाँ, देवघर पेड़ा, रागी, रुगड़ा, धुस्का, कुसुमी लाहा, साल के बीज, महुआ का फूल और करंज के बीज शामिल हैं। राज्य में अभी भी कई और स्वदेशी उत्पादों को जीआई ढांचे के तहत लाने और राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों में उन्हें सही पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।===========================

*मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :-*==================*★ पथ प्रमण्डल, राँची अंतर्गत “नामकुम से डोरण्डा पथ (MDR-002) (कुल लंबाई-6. 70 कि०मी०) के चार लेन में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)” हेतु रू० 162,82,22,100/- (एक सौ बासठ करोड़ बयासी लाख बाईस हजार एक सौ) मात्र की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★  श्री मुरारी भगत, सेवानिवृत अभियंता प्रमुख द्वारा सेवा काल में धारित उच्चतर प्रभारी पदों के विरूद्ध वेतन एवं अन्य लाभ देय करने की स्वीकृति दी गई।**★ Widening and Reconstruction to 4 Lane/4 Lane With Service Road including structures from Pokharia More at km 47.600 (Ex. Km 50.230) to Govindpur at km 62.949 (Ex. Km 65.325) of NH-419 में अपयोजित होने वाली भूमि के एवज में धनबाद जिला अंतर्गत पूर्वी टुण्डी अंचलांतर्गत मौजा-बलारडीह में कुल रकबा-5.84 एकड़ पुरानी परती गैर आबाद भूमि क्षतिपूरक वनरोपण हेतु वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्थायी हस्तांतरण की स्वीकृति दी गई।**★ राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर के सृजित पद का वेतनमान तथा संविदा राशि भुगतान की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सरकार के अन्तर्गत सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधायें, अग्रिम वेतन, बीमा उत्पाद एवं अन्य मूल्यवर्धित सेवाओं की स्वीकृति दी गई।**★  Jharkhand State Wide Area Network (JharNet 2.0) परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 01.01.2024) से वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) के लिए विस्तारित करने तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 (दि. 31.07.2026 तक) में रु. 65.50 करोड़ व्यय की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त/कार्यरत 05 (पाँच) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  झारखण्ड राज्य में जंगली जानवरों द्वारा क्षति के फलस्वरूप मुआवजा भुगतान संबंधी आदेश में संशोधन की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला अन्तर्गत चन्दनकियारी अंचल के पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मौजा-केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तेलगड़िया, देवग्राम, पर्बतपुर, तिलटाँड़, अमलाबाद, करमाटाँड, नयावन, सिलफोर, फतेहपुर के रकवा-2174.52 एकड़ (880 हे०) क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ केन्द्र प्रायोजित मिशन शक्ति (सम्बल) के तहत् संचालित महिला हेल्पलाईन 181 के निर्बाध कार्यशीलता हेतु तत्समय के सेवा प्रदाता एजेंसी MICA Educational Comp (P) Ltd. के अनुबंध को दिनांक-31.10.2025 तक के अवधि विस्तार दिनांक-21.12.2024 के भूतलक्षी प्रभाव से निर्गमण की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ पलामू जिलान्तर्गत अमानत बराज योजना का यथाप्रस्तावित पद्धति से क्रियान्वयन हेतु रू० 947.2671 करोड़ (रूपये नौ सौ सैंतालिस करोड़ छब्बीस लाख इकहत्तर हजार) मात्र के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के क्रियान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-2 (निष्पादन लेखा परीक्षा) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वर्ष 2024-25 के लिए राज्य वित्त पर प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या 03 (राज्य वित्त लेखा परीक्षा प्रतिवेदन ) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत बोकारो समाहरणालय एवं सम्बद्ध कार्यालय में अनियमित रूप से नियुक्त / कार्यरत 02 (दो) कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।**★  बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत झारखण्ड राज्य में वृहद् एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत विनिर्दिष्ठ बाँधों तथा उनके जलाशयों की स्थिति अवधारित करने के प्रयोजन के निमित विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल (Independent Panel of Experts) के गठन की स्वीकृति दी गई।**★ वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अन्तर्गत कार्यों के कार्यान्वयन हेतु हाईब्रिड मॉडल (विभागीय / पीस वेजेज एवं ठेकेदार पद्धति लागू किये जाने) को अंगीकृत करने की स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय, अधिवक्ता की नियुक्ति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।**★ झारखण्ड राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा क्षतिपूरक वनरोपण के निमित्त वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखण्ड को सरकारी भूमि / गैरमजरूआ Deemed Forest (जंगल-झाड़ी, जंगल-सखुआ, जंगल-साल, जंगल इत्यादि) किस्म की भूमि के निःशुल्क स्थायी हस्तांतरण एवं इससे संबंधित सभी मामलों के निस्तार की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।**★ बोकारो जिला के चन्दनकियारी अंचल अंतर्गत सीतानाला कोल ब्लॉक के मौजा-सीतानाला, डकबेरा, पत्थरगढ़ा, शिवबाबुडीह, बनसारा, भौंरा के Cadastral Survey के अनुसार कुल रकवा-792.568 एकड़ एवं Revisional Survey के अनुसार कुल रकवा-792.1434 एकड़ तथा Georeference Cadastral Map के अनुसार कुल रकबा 316.94 हे0 क्षेत्र पर धारित कोयला खनिज के खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★ पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत हरियान, बारूनमूति, चडरीबुरू एवं गुड़ाबांधा एमराल्ड खनिज ब्लॉक के रकबा 24.47 वर्ग कि०मी० को MMDR Act, 1957 (यथा संशोधित) की धारा 17 (A) (2) के आलोक में आरक्षित करने हेतु केन्द्र सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ गोड्डा जिला के सुन्दरपहाड़ी अंचल अन्तर्गत जीतपुर कोल ब्लॉक के रकवा 497.10 हेक्टेयर क्षेत्र पर M/s Terri Mining Pvt. Ltd. को कोयला खनन पट्टा की स्वीकृति दी गई।**★  श्री अच्युत केशव, अपर महाधिवक्ता संख्या-V, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद को उत्कमित करते हुए वरीय अपर महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी गई।**★ माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड, राँची द्वारा Cont. Case (Civil) No.-997 of 2024 ज्योति लाल महतो बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-999 of 2024 अरूण कुमार दास बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-977 of 2024 मृणाल कुमार राय बनाम राज्य सरकार एवं अन्य, Cont. Case (Civil) No.-1056 of 2024 अजय कुमार बनाम राज्य सरकार एवं अन्य तथा Cont. Case (Civil) No.-1076 of 2025 चन्द्र प्रकाश सिंह बनाम राज्य सरकार वादों में पारित आदेश के अनुपालन में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग का विज्ञापन सं०-18/2016 अंतर्गत अनुशंसित अभ्यर्थियों/वादियों को मोटरयान निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।**###*==============

*छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करें : चमरा लिंडा, मंत्री**छात्रवृत्ति भुगतान दिसंबर से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश, योजनाओं की समीक्षा में मंत्री चमरा लिंडा सख्त*रांची।  माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।