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*विश्व तंबाकू निषेध* *दिवस-2026 पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित*—————————–*अभियान निदेशक ने कविता “धुएं से आज़ादी” के माध्यम से दिया नशामुक्त झारखंड का संदेश, तंबाकू नियंत्रण को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान*——————————विश्व तंबाकू निषेध दिवस-2026 के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को सुदृढ़ करना, विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त झारखंड के निर्माण हेतु सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करना था।श्री शशि प्रकाश झा, के अभियान निदेशक ,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने तंबाकू के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश देते हुए “धुएं से आज़ादी” शीर्षक से एक प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने युवाओं से तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कविता की प्रमुख पंक्तियां—”एक कश में क्या रखा है,ज़रा सोचो तो यारों।पल भर का नशा देकर,छीन लेता है बहारों।””बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा,मौत के चार हथियार।फेफड़ों को काला करके,कर दे जीवन बेकार।””आओ कसम खाएं आज,31 मई के दिन।ना खुद छुएंगे, ना छूने देंगे,दोस्तों को भी रोकेंगे, बिन।””धुआँ नहीं, अब उड़ान भरो,सेहत की पतंग आसमान छुए।तम्बाकू छोड़ो, जीवन चुनो,यही है सबसे बड़ी दुआ।”अपने संबोधन में श्री झा ने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख (ओरल) कैंसर से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है तथा समय रहते जागरूकता एवं रोकथाम के माध्यम से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।*कार्यक्रम का आयोजन आईपीएच प्रेक्षागृह में किया गया।*उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज का अभियान है। तंबाकू मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “*Whole of Government*” एवं “*Whole of Society*” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, एएनएम, पंचायती राज संस्थाएं, ग्रामीण विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं, शैक्षणिक संस्थान, नगरीय निकाय, सामुदायिक संगठन तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी कमजोर बनाता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती है। उन्होंने लोगों से नशे की लत छोड़कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।श्री झा ने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं तंबाकू त्याग सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवा संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, धार्मिक नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तंबाकू नियंत्रण को जनभागीदारी आधारित जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र एवं युवा क्लबों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता है।*राज्य भर मे कुल के 1680 स्कूलो मे तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।* *पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों के साथ 282  प्रशिक्षण दिया गया*। *पूरे राज्य मे 208701 टीटीसी काउन्सेलिंग किया गया एवं 43308* *Pharmacotherapy किया गया*।कार्यक्रम के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। *प्रथम कार्यशाला* में डॉ. अर्पिता राय, अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर, उसकी प्रारंभिक पहचान एवं रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि श्रीमती संताना कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।*द्वितीय कार्यशाला* में एनसीडी सेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए नशामुक्ति विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें समुदाय स्तर पर परामर्श सेवाओं एवं व्यवहार परिवर्तन संचार की रणनीतियों पर चर्चा की गई।*तृतीय कार्यशाला* में सहियाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा तंबाकू सेवन एवं नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। *कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने की सलाह दिया ।*कार्यक्रम में  दंत चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), राज्य एवं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में डॉ. रवि राज (सदर अस्पताल, रांची), डॉ. अर्पिता राय (अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची), डॉ. राजीव रंजन (सदर अस्पताल, खूंटी), डॉ. लाल मांझी (राज्य नोडल पदाधिकारी, एनसीडी), डॉ. राहुल किशोर सिंह (राज्य नोडल पदाधिकारी, आईईसी सेल), डॉ. विजय किशोर रजक (राज्य नोडल पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य एवं आरकेएसके), डॉ. मुकेश (राज्य नोडल पदाधिकारी, सीएम-सीपीएचसी सेल), डॉ. राजीव कुमार (आयुष चिकित्सक) सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैत्री क्लिनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन – 1800-11-2356 के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क परामर्श एवं सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।नारा“*तंबाकू को ना, जिंदगी को हाँ*”“*एक कश भी कैंसर तक ले जाए*” विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल , गोड्डा के परिसर से उपायुक्त गोड्डा एवं डॉo सुभाष चंद्र शर्मा, सिविल सर्जन, गोड्डा के द्वारा संयुक्त रूप से तंबाकू नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ कर, जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। साथ ही हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर डॉo तारा शंकर झा, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, श्री रवि रंजन, श्री मनोज कुमार महतो , प्रबंधक -NUHM, NCD कोषांग के कर्मी, सभी BTT, अर्बन सहिया एवं सभी अस्पताल कर्मी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय में ओडिशा के म्यूरभंज एवं सुंदरगढ़ से आये प्रतिनिधिमंडल ने औपचारिक मुलाकात की *मेरे देश के युवाओं, तुम जिंदगी चुनो-तम्बाकू नहींविश्व तम्बाकू निषेध दिवस 31 मई पर विशेष।डॉ राहुल किशोर सिंह *मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की।*

गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी संतोष कुमार को किया गया सम्मानित

संतोष कुमार ने पूरे विश्व में भारतवर्ष एवं झारखंड के गौरव एवं मान को बढ़ाया: संजय सर्राफ सेंट जेवियर्स स्कूल डोरंडा के कंप्यूटर साइंस शिक्षक एवं प्लस टू के समन्वयक…

झारखंड मंत्रालय रांची झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन की अध्यक्षता में 12 फरवरी 2024 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय :- ★ झारखण्ड राज्य…

सीएम चम्पाई सोरेन कल पहुंचेंगे पलामू,पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना का करेंगे शिलान्यास

मुख्यमंत्री के परिभ्रमण को लेकर उपायुक्त ने की बैठक माननीय मुख्यमंत्री श्री चम्पाई सोरेन का पलामू परिभ्रमण को लेकर उपायुक्त शशि रंजन ने अपने कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय पदाधिकारियों…

नागपुरी भाषा के अनन्य सेवक प्रफुल्ल कुमार राय जब मंच पर होते थे तो वही अखरा बन जाता था नागपुरी भाषा परिषद और झारखंड सरकार के संस्कृति कार्य निदेशालय की ओर से बुधवार को मोराबादी स्थित जनजातीय संग्रहालय में नागपुरी दिवस सह सम्मान समारोह एवं पुस्तक लोकार्पण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नागपुरी के पुरोधा प्रफुल्ल कुमार राय के 98वें जन्मदिवस के मौके पर आयोजित किया गया था। इस मौके पर नागपुरी साहित्य की सेवा में लगे पार्थनंद तिवारी और नागपुरी लोक गायिका जानकी देवी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में क्षितिज राय की लिखी पुस्तक रूपू, डॉ उमेश नंद के संपादकत्व और डॉ राम कुमार के सह संपादकत्व में लिखी पुस्तक पारंपरिक औषधीय ज्ञान सहित अन्य लेखकों की लिखी पुस्तक नागपुरी नाट्य साहित्य का उद्भव और विकास, नागपुरी एवं हिन्दी का रूप वैज्ञानिक अध्ययन और नागपुरी काव्य कर विविध आयाम का लोकार्पण किया गया। अध्यक्षीय भाषण में डॉ राम प्रसाद ने कहा कि नौजवान पीढ़ी को नागपुरी साहित्य की सेवा में लग जाना चाहिए न की पढ़ लिख कर बैठ जाय। टीआरआई के निदेशक रणेंद्र ने कहा कि प्रफुल्ल कुमार राय ने अपनी रचनाओं में लोगों की पीड़ा और वेदना को स्थान दिया, जिस कारण वह जन जन के ह्रदय में बस गए। पद्मश्री मधुमंसूरीन ने कहा कि उन्हें प्रफुल्ल कुमार राय ने ही उन्हें नागपुरी गीत गाने के लिए प्रेरित किया था। पद्मश्री मुकुंद नायक ने कहा कि प्रफुल्ल कुमार राय जब मंच पर होते थे, तब वह अखरा बन जाता था। नागपुरी गीत, संगीत और नृत्य में वह रमे हुए व्यक्ति थी। उनकी रचनाओं में झारखंड के लोगों का दर्द और व्यथा का वर्णन होता था। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को बचाने के लिए अखरा को बचाना होगा। इसके लिए स्कूल, कॉलेज और गांवों में अखरा बनाना होगा। कार्यक्रम में मंच का संचालन शकुंतला मिश्रा ने किया। इस मौके पर झारखंड आंदोलनकारी रतन तिर्की, डॉ उमेश नंद तिवारी, डॉ खालिक अहमद ने भी अपने उद्गार व्यक्त किए। कार्यक्रम में कलाकारों ने मांदर की थाप पर कई गीत और नृत्य पेश किए। मौके पर नागपुरी भाषा प्रेमी, शोधार्थी, लेखक, विद्यार्थी और गणमान्य लोग मौजूद थे।

रांची में रचनात्मक लेखन सह कार्यशाला कल से

डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान द्वारा सात दिवसीय ‘रचनात्मक लेखन कार्यशाला’ का आयोजन 27 जनवरी से (02 फरवरी तक) किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्घाटन अनुसूचित जनजाति,…

पलामू – उपायुक्त ने झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के सफल संचालन को लेकर की बैठक

28 जनवरी व 4 फरवरी को जिले के 17 केंद्रों पर तीन पाली में आयोजित होगी परीक्षा उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में गुरुवार को झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त…

उपायुक्त ने की अनुकंपा समिति की बैठक,21 मामलों की समीक्षा में कुल 17 आवेदकों को नौकरी देने का निर्णय

पलामू उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी शशि रंजन ने बुधवार को अनुकंपा समिति की बैठक की.उपायुक्त कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में कुल 17 आवेदकों को नौकरी देने का निर्णय लिया…

रांची जीपीओ में लगी भगवान श्रीराम के डाक टिकटों की प्रदर्शनी, विश्वभर में श्रीराम पर जारी डाक टिकट है उपलब्ध22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम होना है जिसको लेकर पूरा देश राममय है। प्राण प्रतिष्ठा को देखते हुए रांची जीपीओ के फिलाटेली ब्यूरो में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से संबंधित डाक टिकट एवं विशेष आवरण की प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में भगवान राम से संबंधित समस्त विश्व के डाक टिकट की  प्रदर्शनी लगी हुई है l इस डाक टिकट प्रदर्शनी में लगभग 21 से ज्यादा देश की डाक टिकट दिख गया है l डाक टिकट प्रदर्शनी का उद्घाटन झारखंड डाक परिमंडल के निदेशक  पंकज कुमार मिश्रा और रांची डाक मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक उदय भान सिंह ने किया l फिलाटेली ब्यूरो में भगवान श्री राम से आधारित 11 डाक टिकट मात्र 65 रुपये में आम जनता के लिए उपलब्ध है l डाक निदेशक  पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि डाक विभाग हमेशा डाक टिकट के माध्यम से देश और दुनिया की संस्कृति को संजोता रहा हैl  डाक टिकट ही एक ऐसा माध्यम है जिसे हम अपनी संस्कृति को अपने बच्चों को उपहार दे सकते हैं l

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लेता है बहारों।””बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा,मौत के चार हथियार।फेफड़ों को काला करके,कर दे जीवन बेकार।””आओ कसम खाएं आज,31 मई के दिन।ना खुद छुएंगे, ना छूने देंगे,दोस्तों को भी रोकेंगे, बिन।””धुआँ नहीं, अब उड़ान भरो,सेहत की पतंग आसमान छुए।तम्बाकू छोड़ो, जीवन चुनो,यही है सबसे बड़ी दुआ।”अपने संबोधन में श्री झा ने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख (ओरल) कैंसर से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है तथा समय रहते जागरूकता एवं रोकथाम के माध्यम से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।*कार्यक्रम का आयोजन आईपीएच प्रेक्षागृह में किया गया।*उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज का अभियान है। तंबाकू मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “*Whole of Government*” एवं “*Whole of Society*” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, एएनएम, पंचायती राज संस्थाएं, ग्रामीण विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं, शैक्षणिक संस्थान, नगरीय निकाय, सामुदायिक संगठन तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी कमजोर बनाता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती है। उन्होंने लोगों से नशे की लत छोड़कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।श्री झा ने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं तंबाकू त्याग सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवा संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, धार्मिक नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तंबाकू नियंत्रण को जनभागीदारी आधारित जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र एवं युवा क्लबों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता है।*राज्य भर मे कुल के 1680 स्कूलो मे तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।* *पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों के साथ 282  प्रशिक्षण दिया गया*। *पूरे राज्य मे 208701 टीटीसी काउन्सेलिंग किया गया एवं 43308* *Pharmacotherapy किया गया*।कार्यक्रम के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। *प्रथम कार्यशाला* में डॉ. अर्पिता राय, अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर, उसकी प्रारंभिक पहचान एवं रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि श्रीमती संताना कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।*द्वितीय कार्यशाला* में एनसीडी सेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए नशामुक्ति विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें समुदाय स्तर पर परामर्श सेवाओं एवं व्यवहार परिवर्तन संचार की रणनीतियों पर चर्चा की गई।*तृतीय कार्यशाला* में सहियाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा तंबाकू सेवन एवं नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। *कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने की सलाह दिया ।*कार्यक्रम में  दंत चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), राज्य एवं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में डॉ. रवि राज (सदर अस्पताल, रांची), डॉ. अर्पिता राय (अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची), डॉ. राजीव रंजन (सदर अस्पताल, खूंटी), डॉ. लाल मांझी (राज्य नोडल पदाधिकारी, एनसीडी), डॉ. राहुल किशोर सिंह (राज्य नोडल पदाधिकारी, आईईसी सेल), डॉ. विजय किशोर रजक (राज्य नोडल पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य एवं आरकेएसके), डॉ. मुकेश (राज्य नोडल पदाधिकारी, सीएम-सीपीएचसी सेल), डॉ. राजीव कुमार (आयुष चिकित्सक) सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैत्री क्लिनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन – 1800-11-2356 के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क परामर्श एवं सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।नारा“*तंबाकू को ना, जिंदगी को हाँ*”“*एक कश भी कैंसर तक ले जाए*”