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*विश्व तंबाकू निषेध* *दिवस-2026 पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित*—————————–*अभियान निदेशक ने कविता “धुएं से आज़ादी” के माध्यम से दिया नशामुक्त झारखंड का संदेश, तंबाकू नियंत्रण को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान*——————————विश्व तंबाकू निषेध दिवस-2026 के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को सुदृढ़ करना, विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त झारखंड के निर्माण हेतु सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करना था।श्री शशि प्रकाश झा, के अभियान निदेशक ,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने तंबाकू के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश देते हुए “धुएं से आज़ादी” शीर्षक से एक प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने युवाओं से तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कविता की प्रमुख पंक्तियां—”एक कश में क्या रखा है,ज़रा सोचो तो यारों।पल भर का नशा देकर,छीन लेता है बहारों।””बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा,मौत के चार हथियार।फेफड़ों को काला करके,कर दे जीवन बेकार।””आओ कसम खाएं आज,31 मई के दिन।ना खुद छुएंगे, ना छूने देंगे,दोस्तों को भी रोकेंगे, बिन।””धुआँ नहीं, अब उड़ान भरो,सेहत की पतंग आसमान छुए।तम्बाकू छोड़ो, जीवन चुनो,यही है सबसे बड़ी दुआ।”अपने संबोधन में श्री झा ने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख (ओरल) कैंसर से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है तथा समय रहते जागरूकता एवं रोकथाम के माध्यम से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।*कार्यक्रम का आयोजन आईपीएच प्रेक्षागृह में किया गया।*उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज का अभियान है। तंबाकू मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “*Whole of Government*” एवं “*Whole of Society*” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, एएनएम, पंचायती राज संस्थाएं, ग्रामीण विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं, शैक्षणिक संस्थान, नगरीय निकाय, सामुदायिक संगठन तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी कमजोर बनाता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती है। उन्होंने लोगों से नशे की लत छोड़कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।श्री झा ने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं तंबाकू त्याग सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवा संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, धार्मिक नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तंबाकू नियंत्रण को जनभागीदारी आधारित जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र एवं युवा क्लबों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता है।*राज्य भर मे कुल के 1680 स्कूलो मे तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।* *पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों के साथ 282  प्रशिक्षण दिया गया*। *पूरे राज्य मे 208701 टीटीसी काउन्सेलिंग किया गया एवं 43308* *Pharmacotherapy किया गया*।कार्यक्रम के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। *प्रथम कार्यशाला* में डॉ. अर्पिता राय, अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर, उसकी प्रारंभिक पहचान एवं रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि श्रीमती संताना कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।*द्वितीय कार्यशाला* में एनसीडी सेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए नशामुक्ति विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें समुदाय स्तर पर परामर्श सेवाओं एवं व्यवहार परिवर्तन संचार की रणनीतियों पर चर्चा की गई।*तृतीय कार्यशाला* में सहियाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा तंबाकू सेवन एवं नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। *कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने की सलाह दिया ।*कार्यक्रम में  दंत चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), राज्य एवं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में डॉ. रवि राज (सदर अस्पताल, रांची), डॉ. अर्पिता राय (अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची), डॉ. राजीव रंजन (सदर अस्पताल, खूंटी), डॉ. लाल मांझी (राज्य नोडल पदाधिकारी, एनसीडी), डॉ. राहुल किशोर सिंह (राज्य नोडल पदाधिकारी, आईईसी सेल), डॉ. विजय किशोर रजक (राज्य नोडल पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य एवं आरकेएसके), डॉ. मुकेश (राज्य नोडल पदाधिकारी, सीएम-सीपीएचसी सेल), डॉ. राजीव कुमार (आयुष चिकित्सक) सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैत्री क्लिनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन – 1800-11-2356 के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क परामर्श एवं सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।नारा“*तंबाकू को ना, जिंदगी को हाँ*”“*एक कश भी कैंसर तक ले जाए*” विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल , गोड्डा के परिसर से उपायुक्त गोड्डा एवं डॉo सुभाष चंद्र शर्मा, सिविल सर्जन, गोड्डा के द्वारा संयुक्त रूप से तंबाकू नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ कर, जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। साथ ही हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर डॉo तारा शंकर झा, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, श्री रवि रंजन, श्री मनोज कुमार महतो , प्रबंधक -NUHM, NCD कोषांग के कर्मी, सभी BTT, अर्बन सहिया एवं सभी अस्पताल कर्मी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय में ओडिशा के म्यूरभंज एवं सुंदरगढ़ से आये प्रतिनिधिमंडल ने औपचारिक मुलाकात की *मेरे देश के युवाओं, तुम जिंदगी चुनो-तम्बाकू नहींविश्व तम्बाकू निषेध दिवस 31 मई पर विशेष।डॉ राहुल किशोर सिंह *मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की।*

रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग में पीएचडी कोर्स वर्क का शुभारंभ

गुणवत्तापूर्ण शोध से ही समाज और ज्ञान की नई दिशा संभव : डॉ सुदेश कुमार साहु रांची : जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय, रांची विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय नागपुरी विभाग, रांची…

जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक संपन्न

डॉ. बीरेन्द्र कुमार महतो अध्यक्ष और डॉ. संजय तिर्की उपाध्यक्ष निर्वाचित राँची : राँची स्थित सत्यभारती सभागार में आज जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विकास मंच का स्थापना दिवस समारोह अत्यंत…

डॉ भीमराव अंबेडकर राष्ट्र गौरव अवार्ड – 2025 के लिए झारखंड के डॉ बीरेन्द्र महतो का चयनरांची : झारखंड में लुप्त होती कठपुतली कला व नागपुरी भाषा के संरक्षण व संवर्द्धन के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए टीआरएल संकाय, रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग के प्राध्यापक डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो का चयन “डॉ भीमराव अंबेडकर राष्ट्र गौरव अवार्ड – 2025” के लिए किया गया है. फतेहाबाद, आगरा में डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर 14 अप्रैल को इस सम्मान से डॉ महतो को सम्मानित किया जायेगा.डॉ महतो ने बताया कि बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी के मुख्य अध्यक्ष डॉ मुकेश कुमार ऋषि वर्मा ने पत्र जारी कर यह जानकारी दी है.

प्रोफेसर हिर्ला बलराम पाट पिंगुवा का रिम्स में निधन से पूरे हो समाज में शोक की लहर

सरल व सादगी पूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे प्रो पिंगुवा : डॉ हरि उराँवरांची : भारत वर्ष में ‘कोल हो’ भाषा एवं ‘वारङ चिति लिपि’ से रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय…

SKRIS NATIONAL CONTEST का मुख्य विनर हर्षिका को मिला पुरस्कार

रांची: मोराहबादी स्थित डिवाइन पब्लिक स्कूल की कक्षा यूकेजी में पढ़ने वाली रांची विश्वविद्यालय में कार्यरत सुधीर मंडल की छह साल की जानी मानी नन्ही कलाकार हर्षिका आज किसी नाम…

टीआरएल संकाय के नागपुरी विभाग में शोध विषय पर संगोष्ठी का आयोजन, जर्मनी के भाषा वैज्ञानिक प्रो डॉ नेत्रा पी पौडयाल ने कहा -रूचि के साथ शोध करना चाहिए

• रांची विश्वविद्यालय में हो रहे शोध से खुश नहीं हूँ : कुलपतिरांची : जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय के नागपुरी विभाग के तत्वावधान में शोध विषय पर संगोष्ठी का…

‌झारखण्ड राज्य घासी समाज संघ की बैठक सम्पन्न, केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ रीझु नायक ने कहा -घासी समाज को शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकतारांची : आज दिनांक 02/03/25 को झारखण्ड राज्य घासी समाज संघ की बैठक ऑक्सीजन पार्क, मोराबादी में डॉ. रीझु नायक की अध्यक्षता में केन्द्रीय कार्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन मजबुती, सदस्यता अभियान, जिला व प्रखंडावार अगियान चलाने का निर्णय लिया गया। मौके पर सामाजिक, राजनितिक, शैक्षणिक, आर्थिक व सांस्कृतिक रूप से समाज के लोगों को सशक्त बनाने पर गहन विचार मंथन किया गया। साथ ही सर्वसम्मति से आगामी 9 मार्च को संघ द्वारा फगुवा मिलन समारोह मनाने का निर्णय लिया गया। डॉ. रीझु नायक ने कहा कि घासी समाज को शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। शिक्षित व्यक्ति ही समाज को विकास की मुख्यधारा में ला सकता है।बिनिता नायक ने कहा कि आधी आबादी को अधिक से अधिक समाज में जोड़ कर संगठन को मजबुत बनाना है। शांति देवी ने कहा कि शहर से गाँव के प्रबुद्ध जनों को साथ मिलकर चलने की जरूरत है। संदीप टाइगर ने कहा कि युवा ही इतिहास बनाते हैं, इसलिए युवाओं को आगे आने की आवश्यकता है।संचालन अधिवक्ता सोनी नायक एवं धन्यवाद डॉ. इन्द्रजीत नायक ने किया। बैठक में मुख्य रूप से मनोज कुमार नायक, किरण नायक, नामक मुकुल नायक, विनिता पाठक नायक, मुकेश नायक एवं सुरेश नायक शामिल थे।

झारखंड की भाषाओं के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार करे पहल – टीएन साहू

भाषा एकेडमी के गठन के लिए हो संयुक्त प्रयास – डॉ हरि उरांव मातृभाषा दिवस के अवसर पर जुटे झारखंडी भाषाओं के लेखक, साहित्यकार और पत्रकार झारखंड ओपन यूनिवर्सिटी के…

Ranchi University के शहीद स्मृति सभागार में नागपुरी दिवस सह प्रफुल्ल जयंती का आयोजन,वक्ताओं ने कहा -प्रत्येक कवि साहित्यकार का जन्मदिवस का आयोजन किया जाना चाहिए जिससे आने वाला पीढ़ी याद रखेरांची : आज दिनांक 08 फरवरी 2025 को नागपुरी भाषा परिषद, रांची तथा रांची विश्वविद्यालय रांची के सौजन्य से केंद्रीय पुस्तकालय के सभाकक्ष में नागपुरी दिवस सह नागपुरी साहित्य के उद्भट कवि,साहित्यकार प्रफ्फुल कुमार राय का जयंती-प्रफ्फुल सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पद्मश्री मधु मंसूरी हसमुख,पद्मश्री मुकुंद नायक और इस वर्ष पद्मश्री से सम्मानित(घोषित) श्री महावीर नायक कि गरिमामयी उपस्थिति से आज का कार्यक्रम में चार चाँद लग गया । आज के पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में तीन पुस्तक का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया जिसमें डॉ.उमेश नन्द तिवारी लिखित आधुनिक नागपुरी साहित्य की विविध बिधाएं, लेखक द्वय डॉ.उमेश नन्द तिवारी और डॉ राम कुमार, श्री राकेश रमण कृत खोईर खेला के विविध आयाम है यह पुस्तक आने वाले पीढ़ी तथा नागपुरी प्रेमी छात्र-छात्रावों के लिए बहुत उपयोगी है ||नागपुरी दिवस के कार्यक्रम का सञ्चालन,अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश कराते हुए नागपुरी विभाग,रांची विश्वविद्यालय रांची के विभागाध्यक्ष डॉ.उमेश नन्द तिवारी ने बताया कि नागपुरी भाषा साहित्य में प्रफुल कुमार राय का बहुत योगदान था उनके जन्म दिन को याद कर नागपुरी भाषा साहित्य के श्रीबृद्धि के लिए आज के इस सुभ दिन को नागपुरी दिवस के रूप में स्व० डॉ.भुवनेश्वर अनुज घोषित किए थे जिससे आने वाला पीढ़ी याद कर सके | कार्यक्रम कि रूप रेखा बताते हुए डॉ.तिवारी द्वारा बताया गया कि वर्ष 2025 के लिए प्रफ्फुल सम्मान पूर्व प्राध्यापक गोसनर महाविद्यालय सह नागपुरी भाषा साहित्य के साहित्यकार डॉ. राम प्रसाद और नागपुरी भाषा कि प्रसिद्ध गायिका श्रीमती यशोदा देवी को दिया जा रहा है | आज के कार्यक्रम में नौ सहायक प्राध्यापक के साथ साथ तीन पूर्व सेवानिवृत्त प्राध्यापकों को भी सम्मान दिया गया | कार्यक्रम में नागपुरी भाषा परिषद् कि महासचिव डॉ. शकुंतला मिश्र के द्वारा बताया गया कि आर्य भाषा परिवार में प्राचीन काल से ही नागपुरी भाषा का विशिष्ट स्थान रहा है इस भाषा को साहित्य के रूप में स्थापित करने में यूँ तो कई महानुभवों, विद्वतजनों का महति योगदान रहा है उनमें प्रफ्फुल कुमार राय भी एक थे | इसके अथक प्रयास से ही कुछ अन्य विद्वतजन के सहयोग से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बिभाग स्थापित हुआ | बच्चे आज पाठ्यक्रम में नागपुरी भाषा में बिभिन्न स्कुल कॉलेज में अध्यनरत हैं और बहुतों को इस भाषा से रोजगार मिला हुआ है भविष्य में भी भाषा को यदि संवार कर रखी जाय तब पुरे राष्ट्र के स्तर कि भाषा बनने में देर नहीं लगेगी यह कल्पना प्रफुल दादा का था आज का दिन स्मरण के साथ प्रण करने का दिन भी है कि उनके द्वारा सुझाये गए मार्ग पर हम सब चले,अमल करें और साहित्य सृजन करें | पद्मश्री मुकुंद नायक ने प्रफ्फुल कुमार राय जी को स्मरण कर बताया कि प्रफुल्ल कुमार राय को नागपुरी पद्य साहित्य का अनमोल मोती माना जाता है। वे नागपुरी के ऐसे गौरव शिखर हैं, जिसे काल का दीमक भी नहीं खा सकता है और इतिहास हीरे की तरह संजोये रखता है। झारखंड आंदोलन में भाषायी व सांस्कृतिक अगुवाई कर आंदोलन को गति प्रदान किया | आज का दिन अविस्मरणीय है. हम ऐसे विद्वान की जयंती मना रहे हैं जिनकी बदौलत नागपुरी भाषा साहित्य को पहचान मिली और हम इस मुकाम पर पहुंच पाये। पद्मश्री मधु मंसूरी हसमुख ने बताया कि प्रफुल्ल कुमार राय,नागपुरी साहित्य के यशस्वी, लोकप्रिय साहित्य स्रष्टा, महान गायक और कुशल मार्गदर्शक थे। अपनी रचना एवं कर्म के कारण वे नागपुरी और झारखंडी समाज के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे। आज का मुख्य अतिथि महाबीर नायक ने युग द्रष्टा प्रफुल कुमार राय के बारे में बताया कि झारखंड की रत्नगर्भा भूमि में जन्में प्रफुल्ल कुमार राय नागपुरी भाषा, साहित्य जगत के ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र थे, जिनका कार्य हम सभी के लिए अनुकरणीय है। आज प्रफुल्ल कुमार राय को छोड़ कर नागपुरी साहित्य का इतिहास नहीं लिखा जा सकता है। नागपुरी भाषा साहित्य के विकास के लिए उन्होंने अथक श्रम किया। अनेक साहित्य सृजन किया वे एक साहित्यकार के साथ-साथ गायक, कुशल नेतृत्वकर्ता एवं प्रशासक भी थे कुलपति ने कहा कि प्रत्येक कवि साहित्यकार का जन्मदिवस का आयोजन ऐसे ही किया जाना चाहिए जिससे आने वाला पीढ़ी याद रख सके | विशिष्ठ अतिथि डॉ. गुरुचरण साहु, कुलसचिव रांची विश्वविद्यालय रांची, ने बताया कि प्रफुल्ल कुमार राय द्वारा साहित्य की जो रचना की गई वह नागपुरी भाषा को मजबूती के साथ खड़ा किया गया। इसी के कारण बड़े-बड़े विश्वविद्यालय में छात्र-छात्रा नागपुरी भाषा में शिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रफुल्ल कुमार राय के बहुआयामी व्यक्तित्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज का दिन संकल्प लेने का दिन है. नागपुरी भाषा साहित्य के प्रति,उनकी जो श्रद्धा और सोच थी, उस सपने को हम सभी को मिलकर, बगैर किसी भेदभाव के, नि:स्वार्थ भाव के साथ साकार रूप | सभी को मिलकर कोशिश करनी चाहिए कि वैश्विक स्तर पर झारखंडी भाषाओं का विकास सुनिश्चित हो | डॉ. सुदेश कुमार साहु, संकायाध्यक्ष, छात्र कल्याण संकाय,रांची विश्वविद्यालय रांची ने बताया कि इनका जन्म 8 फरवरी 1926 को गुमला जिला के सिसई पहाड़ बंगरू गाँव में हुआ था । उनके पिता का नाम पांडे रामकिशोर राय और माता का नाम सुचित्रबाला देवी था। उन्होंने वाणिज्य स्नातक की पढ़ाई की और एक सरकारी कर्मचारी के रूप में अपना करियर सी सी एल से शुरू किया । वे एक लेखक के अलावा गायक भी थे । उनकी रचनाएँ रांची टाइम्स रांची एक्सप्रेस जैसी विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित होती हैं। उन्होंने सोन झाइर (कहानियों का संग्रह), बरखा, बरखा खंड,अवसर नी मिले बुझू और किलकिला लिखे । नागपुरी भाषा में रचनाओं के प्रकाशन और 1960 में नागपुरी भाषा परिषद के गठन में उनकी प्रमुख भूमिका थी। डॉ राम प्रसाद ने बताया कि प्रफुल्ल दा जैसे शख्स का मिलना मुश्किल है. चूंकि ऐसे महापुरुष हमारे बीच कभी-कभार ही जन्म लेते हैं. उनके संघर्षों को हमारे नये पीढ़ी को जानना व समझना चाहिए. राय जी अपने आप में एक अथाह समुद्र थे. उनका मुकाबला नहीं l जो दायित्व प्रफुल्ल दा ने सौंपा है उस दायित्व को निश्छल भाव से पूरा करना चाहिए यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।आज के कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुखदेव साहू के द्वारा किया गया | कार्यक्रम में मुख्य रूप से पद्म श्री मुकुंद नायक,पद्म श्री मधुमंसुरी हसमुख पद्म श्री (घोषित ) महाबीर नायक, डॉ.सुदेश कुमार साहू, डॉ. गुरुचरण साहु कुलसचिव रांची विश्वविद्यालय रांची, डॉ. राम प्रसाद. डॉ. उमेश नंद तिवारी, डॉ.शकुंतला मिश्र, डॉ. संजय कुमार षाड़ंगी, हरिनन्दन महली, धनेंद्र प्रवाही, रामदेव बड़ाईक, पूनम कुमारी,डॉ.रामजय नायक, करमी मांझी, नन्दकिशोर रजक,संगीता तिग्गा, श्री अजय पाण्डेय, प्रमोद कुमार राय, डॉ. खालिक डॉ. राम कुमार, अहमद,सुश्री करमी मांझी,नवीन कुमार मिश्र,तनवीर मिरदाहा, सुभासिनी,एम. मोदस्सर, विकास कुमार सिन्हा, , मनपुरन नायक, डॉ.आदित्य कुमार जयविंद नागेश्वर, डॉ. सुभाष साहु,डॉ. अंजू कुमारी साहु, रविन्द्र साहु,सुश्री पूनम कुमारी, नेहा कुमारी, ईजुद्दीन मिरदाहा,डा.अनुपमा मिश्रा, अवधेश सिंह सुनीता कुमारी टोप्पो, बुधेश्वर बड़ाईक,श्रीमती सरोज कुमारी, इंद्रजीत राम,पूजा तिर्की,पूनम भगत, इंद्रभूषण भगत,बेबी कुमारी, संगीता तिग्गा, नंदकिशोर प्रसाद,जलेश्वर महतो, प्रवीण कुमार सिंह, रवि कुमार, सोनू सपरवार,अनुप गाड़ी , संजय कुमार, उषा कुमारी,रश्मि शिखा कुमारी, अनिता कुमारी सिंह,श्रीमती राजमुनी कुमारी, सुषमा कच्छप, बिराज चिक बड़ाईक, सीमा कुमारी,अरविन्द कुमार, शहला सरवर, मनोज कुमार, नागपुरी करूणा कुमारी,देवेंद्र साहु, नमिता पूनम,प्रवीण सिंह रावी कुमार तबरेज अनूप गाडी,नेहा कुमारी पूनम भगत,उषा कुमारी,सौरव आनंद बर्मन चन्द्रिका, नवल किशोर कंचन मुण्डा, तबरेज मंसुरी,मीना कुमारी,सीमा कुमारी डॉ. जयकांत इंदवार, धीरज नायक, , शंकर नायक डॉ. रेखा कुमारी, डॉ. आलम आरा,डॉ. सुमन कुमार, के अलावा बड़ी संख्या में भाषा प्रेमी, साहित्यकार, शोधार्थी और छात्र-छात्रायें मौजूद थे|

मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य में सामान्य कैंसर के वृहत रूप से स्क्रीनिंग कार्यक्रम का किया उद्घाटन

पूरे राज्य में सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कैंसर स्क्रीनिंग के तहत ओरल,ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की, की जाएगी जांच स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री…

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*विश्व तंबाकू निषेध* *दिवस-2026 पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित*—————————–*अभियान निदेशक ने कविता “धुएं से आज़ादी” के माध्यम से दिया नशामुक्त झारखंड का संदेश, तंबाकू नियंत्रण को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान*——————————विश्व तंबाकू निषेध दिवस-2026 के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को सुदृढ़ करना, विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त झारखंड के निर्माण हेतु सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करना था।श्री शशि प्रकाश झा, के अभियान निदेशक ,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने तंबाकू के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश देते हुए “धुएं से आज़ादी” शीर्षक से एक प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने युवाओं से तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कविता की प्रमुख पंक्तियां—”एक कश में क्या रखा है,ज़रा सोचो तो यारों।पल भर का नशा देकर,छीन लेता है बहारों।””बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा,मौत के चार हथियार।फेफड़ों को काला करके,कर दे जीवन बेकार।””आओ कसम खाएं आज,31 मई के दिन।ना खुद छुएंगे, ना छूने देंगे,दोस्तों को भी रोकेंगे, बिन।””धुआँ नहीं, अब उड़ान भरो,सेहत की पतंग आसमान छुए।तम्बाकू छोड़ो, जीवन चुनो,यही है सबसे बड़ी दुआ।”अपने संबोधन में श्री झा ने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख (ओरल) कैंसर से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है तथा समय रहते जागरूकता एवं रोकथाम के माध्यम से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।*कार्यक्रम का आयोजन आईपीएच प्रेक्षागृह में किया गया।*उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज का अभियान है। तंबाकू मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “*Whole of Government*” एवं “*Whole of Society*” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, एएनएम, पंचायती राज संस्थाएं, ग्रामीण विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं, शैक्षणिक संस्थान, नगरीय निकाय, सामुदायिक संगठन तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी कमजोर बनाता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती है। उन्होंने लोगों से नशे की लत छोड़कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।श्री झा ने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं तंबाकू त्याग सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवा संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, धार्मिक नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तंबाकू नियंत्रण को जनभागीदारी आधारित जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र एवं युवा क्लबों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता है।*राज्य भर मे कुल के 1680 स्कूलो मे तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।* *पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों के साथ 282  प्रशिक्षण दिया गया*। *पूरे राज्य मे 208701 टीटीसी काउन्सेलिंग किया गया एवं 43308* *Pharmacotherapy किया गया*।कार्यक्रम के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। *प्रथम कार्यशाला* में डॉ. अर्पिता राय, अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर, उसकी प्रारंभिक पहचान एवं रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि श्रीमती संताना कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।*द्वितीय कार्यशाला* में एनसीडी सेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए नशामुक्ति विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें समुदाय स्तर पर परामर्श सेवाओं एवं व्यवहार परिवर्तन संचार की रणनीतियों पर चर्चा की गई।*तृतीय कार्यशाला* में सहियाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा तंबाकू सेवन एवं नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। *कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने की सलाह दिया ।*कार्यक्रम में  दंत चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), राज्य एवं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में डॉ. रवि राज (सदर अस्पताल, रांची), डॉ. अर्पिता राय (अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची), डॉ. राजीव रंजन (सदर अस्पताल, खूंटी), डॉ. लाल मांझी (राज्य नोडल पदाधिकारी, एनसीडी), डॉ. राहुल किशोर सिंह (राज्य नोडल पदाधिकारी, आईईसी सेल), डॉ. विजय किशोर रजक (राज्य नोडल पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य एवं आरकेएसके), डॉ. मुकेश (राज्य नोडल पदाधिकारी, सीएम-सीपीएचसी सेल), डॉ. राजीव कुमार (आयुष चिकित्सक) सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैत्री क्लिनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन – 1800-11-2356 के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क परामर्श एवं सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।नारा“*तंबाकू को ना, जिंदगी को हाँ*”“*एक कश भी कैंसर तक ले जाए*”