*★ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने माँ दिउड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना कर समस्त राज्य वासियों की सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं उन्नति की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज अपनी धर्मपत्नी विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ तमाड़ स्थित प्राचीन शक्तिपीठ सोलहभुजी माँ दिउड़ी मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में माता रानी की विधिवत् पूजा-अर्चना कर समस्त राज्य वासियों की सुख, शांति, समृद्धि, खुशहाली एवं उन्नति की कामना की। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन अपनी धर्मपत्नी विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन संग पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना करते हुए माता रानी के दरबार में मत्था टेक आशीर्वाद लिया। पूजन कार्य धार्मिक पुरोहित श्री मनोज पंडा एवं मुख्य पाहन श्री सुखराम जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न कराया गया। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही आस-पास क्षेत्र के ग्रामीणों की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को अपने बीच पाकर लोग काफी उत्साहित नजर आए। 

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने माँ दिउड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के उपरांत कहा कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत हमारी पहचान है। प्रसिद्ध माँ दिउड़ी मंदिर श्रद्वालुओं के लिए आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। माँ दिउड़ी मंदिर परिसर आगमन से ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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*छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करें : चमरा लिंडा, मंत्री**छात्रवृत्ति भुगतान दिसंबर से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश, योजनाओं की समीक्षा में मंत्री चमरा लिंडा सख्त*रांची।  माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।