फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत नाईट ब्लड सर्वे माइक्रोस्कोपिक जांच को लेकर आज नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान सभागार में लैब टेक्नीशियन के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। आज दिनांक 11.06.2026 को सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम एवं चतरा जिले के लैब टेक्नीशियन को प्रशिक्षण दिया गया। कल दिनांक 12.06.2026 को जामताड़ा, दुमका एवं गोडडा् जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत लैब टेक्नीशीयन को प्रशिक्षण दिया जाएगा।वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (वीबीडी) के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ बिरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि राज्य के चिह्नित जिलों के लिए नाइट ब्लड सर्वे यानी एनबीएस माइक्रोस्कोपिक जांच से संबंधित प्रयोगशाला प्रावैधिकों (एलटी) का एक दिवसीय जिलावार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चिह्नित जिलों में एमडीए/आईडीए यानी मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम किया जाना सुनिश्चित हुआ है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से पूर्व नाइट ब्लड सर्वे करना बेहद अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया परजीवी की पहचान के लिए माइक्रोस्कोपिक मेथड को आज भी गोल्डन मेथड माना जाता है, इसलिए प्रयोगशाला प्रावैधिकों का सटीक रूप से प्रशिक्षित होना आवश्यक है। प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन अपने-अपने क्षेत्र में रात्रि में रक्त पट्ट संग्रह और उसकी जांच करेंगे। राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (एनआईएमआर) और वरीय क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय, पटना के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा माइक्रोस्कोप के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।                               आई.ई.सी. के राज्य नोडल पदाधिकारी डाॅ राहुल किशोर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का मुख्य लक्ष्य इस प्रशिक्षण के माध्यम से जमीनी स्तर पर फाइलेरिया की सटीक पहचान करना है, ताकि राज्य को पूरी तरह फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।

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