*“विश्व स्वास्थ्य दिवस पर भरोसे की जीत: झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था देश में टॉप-3 में”*

*“झारखंड ने बजाया देश में डंका: NQAS रैंकिंग में तीसरा स्थान, स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगा ‘मोहर’”*

*“इलाज की अब गारंटी: झारखंड में ‘स्वास्थ्य गारंटी कार्ड’ लागू करने का बड़ा ऐलान — स्वास्थ्य मंत्री”*

*“हेल्थ सेक्टर में मेगा भर्ती: 1200 डॉक्टर, 7500 ANM-GNM की बहाली का बड़ा ऐलान — स्वास्थ्य मंत्री”*

*“परंपरा में बदलाव, सोच में सुधार: पौधों को जल अर्पित कर स्वास्थ्य मंत्री ने दिया अनोखा संदेश”l

रांची: विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान एवं एनएचएम सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि सामने आई। नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) रैंकिंग में झारखंड ने पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह स्थान सरकार की प्रतिबद्धता और स्वास्थ्य विभाग की लगातार मेहनत का परिणाम है।

*”हमने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात काम किया है, और आज उसका नतीजा पूरे देश के सामने है।”*

मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते थे, आज उनकी बोलती बंद है।

*”हम आलोचना से नहीं, अपने काम से जवाब देते हैं।”*

*झारखंड में लागू होगा ‘स्वास्थ्य गारंटी कार्ड’*

डॉ. अंसारी ने बड़ा विजन रखते हुए कहा कि जल्द ही राज्य में स्वास्थ्य गारंटी कार्ड लागू किया जाएगा, जिससे हर नागरिक को बेहतर और सुलभ इलाज सुनिश्चित होगा।

उन्होंने कहा कि झारखंड के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है।

कोर्ट के आदेश पर विभाग करेगा पुनर्विचार याचिका

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने ब्लड उपलब्धता से जुड़े झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर भी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि बिना डोनर के ब्लड उपलब्ध कराना जमीनी स्तर पर चुनौतीपूर्ण है, इसलिए विभाग इस आदेश में संशोधन के लिए जल्द ही न्यायालय का रुख करेगा।

*‘45 मिनट अपने लिए’ — स्वस्थ जीवन का मंत्र*

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे प्रतिदिन कम से कम 45 मिनट अपने स्वास्थ्य के लिए निकालें।

उन्होंने कहा की“Health is Wealth” है और हमें

नियमित व्यायाम, योग और ध्यान अपनाना चाहिए।मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचना चाहिय।संतुलित आहार और पर्याप्त नींद लेनी चाहिय।

*”मोबाइल की लत आज लोगों को बीमार बना रही है, इससे बचना जरूरी है।”*

*कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के बजाय पौधों को जल अर्पित कर की गई।*

आईपीएच परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली का संदेश दिया गया।

 आगे मंत्री जी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

_★1200 स्थायी चिकित्सकों की जल्द बहाली_

_★7500 ANM एवं GNM की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू_

_★राज्य को जल्द मिलेंगे 247 नए एम्बुलेंस_

_★संथाल परगना में नया कंट्रोल कमांड सेंटर_

_★ब्लड उपलब्धता के लिए नई पॉलिसी_

स्वास्थ्य विभाग के *अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह* ने कहा कि NQAS में मिला तीसरा स्थान राज्य के लिए गर्व की बात है। यह प्रमाणन केंद्र सरकार द्वारा दिया गया है, जो इसकी विश्वसनीयता को दर्शाता है। उन्होंने “वन हेल्थ” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के लिए पूरे इकोसिस्टम का संतुलित और स्वस्थ रहना जरूरी है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान *निदेशक शशि प्रकाश झा* ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और तनावमुक्त जीवन ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया तथा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण जागरूकता से जुड़े पोस्टर और हर्बल गार्डन हैंडबुक का विमोचन किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा:

*”निरोगी शरीर ही सबसे बड़ा धन है, और हमारा लक्ष्य झारखंड के हर नागरिक को स्वस्थ और सुरक्षित बनाना है।”*

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*विश्व तंबाकू निषेध* *दिवस-2026 पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित*—————————–*अभियान निदेशक ने कविता “धुएं से आज़ादी” के माध्यम से दिया नशामुक्त झारखंड का संदेश, तंबाकू नियंत्रण को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान*——————————विश्व तंबाकू निषेध दिवस-2026 के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड द्वारा राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों को सुदृढ़ करना, विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा स्वस्थ एवं तंबाकू मुक्त झारखंड के निर्माण हेतु सामूहिक सहभागिता सुनिश्चित करना था।श्री शशि प्रकाश झा, के अभियान निदेशक ,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने तंबाकू के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश देते हुए “धुएं से आज़ादी” शीर्षक से एक प्रेरणादायक कविता प्रस्तुत की। कविता के माध्यम से उन्होंने युवाओं से तंबाकू एवं अन्य नशों से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कविता की प्रमुख पंक्तियां—”एक कश में क्या रखा है,ज़रा सोचो तो यारों।पल भर का नशा देकर,छीन लेता है बहारों।””बीड़ी, सिगरेट, खैनी, गुटखा,मौत के चार हथियार।फेफड़ों को काला करके,कर दे जीवन बेकार।””आओ कसम खाएं आज,31 मई के दिन।ना खुद छुएंगे, ना छूने देंगे,दोस्तों को भी रोकेंगे, बिन।””धुआँ नहीं, अब उड़ान भरो,सेहत की पतंग आसमान छुए।तम्बाकू छोड़ो, जीवन चुनो,यही है सबसे बड़ी दुआ।”अपने संबोधन में श्री झा ने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 35,000 से 40,000 कैंसर रोगियों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख (ओरल) कैंसर से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है तथा समय रहते जागरूकता एवं रोकथाम के माध्यम से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।*कार्यक्रम का आयोजन आईपीएच प्रेक्षागृह में किया गया।*उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज का अभियान है। तंबाकू मुक्त झारखंड के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए “*Whole of Government*” एवं “*Whole of Society*” दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, एएनएम, पंचायती राज संस्थाएं, ग्रामीण विकास विभाग, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं, शैक्षणिक संस्थान, नगरीय निकाय, सामुदायिक संगठन तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और मानसिक रूप से भी कमजोर बनाता है। नशे के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर होती है। उन्होंने लोगों से नशे की लत छोड़कर शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।श्री झा ने दंत चिकित्सकों को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताते हुए कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सा इकाई को तंबाकू त्याग परामर्श एवं व्यवहार परिवर्तन संचार का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को स्वास्थ्य संवर्धन एवं तंबाकू त्याग सेवाओं के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया।उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, युवा संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, धार्मिक नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि तंबाकू नियंत्रण को जनभागीदारी आधारित जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र एवं युवा क्लबों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता है।*राज्य भर मे कुल के 1680 स्कूलो मे तंबाकू जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।* *पुलिस, शिक्षा एवं अन्य विभागों के साथ 282  प्रशिक्षण दिया गया*। *पूरे राज्य मे 208701 टीटीसी काउन्सेलिंग किया गया एवं 43308* *Pharmacotherapy किया गया*।कार्यक्रम के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। *प्रथम कार्यशाला* में डॉ. अर्पिता राय, अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाले मुख कैंसर, उसकी प्रारंभिक पहचान एवं रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी गई, जबकि श्रीमती संताना कुमारी ने मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे के दुष्प्रभावों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।*द्वितीय कार्यशाला* में एनसीडी सेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के लिए नशामुक्ति विषय पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें समुदाय स्तर पर परामर्श सेवाओं एवं व्यवहार परिवर्तन संचार की रणनीतियों पर चर्चा की गई।*तृतीय कार्यशाला* में सहियाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक टीम द्वारा तंबाकू सेवन एवं नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। *कार्यक्रम के दौरान अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने की सलाह दिया ।*कार्यक्रम में  दंत चिकित्सा पदाधिकारी, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ), राज्य एवं जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम में डॉ. रवि राज (सदर अस्पताल, रांची), डॉ. अर्पिता राय (अतिरिक्त प्राध्यापक, रिम्स रांची), डॉ. राजीव रंजन (सदर अस्पताल, खूंटी), डॉ. लाल मांझी (राज्य नोडल पदाधिकारी, एनसीडी), डॉ. राहुल किशोर सिंह (राज्य नोडल पदाधिकारी, आईईसी सेल), डॉ. विजय किशोर रजक (राज्य नोडल पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य एवं आरकेएसके), डॉ. मुकेश (राज्य नोडल पदाधिकारी, सीएम-सीपीएचसी सेल), डॉ. राजीव कुमार (आयुष चिकित्सक) सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैत्री क्लिनिक, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा राष्ट्रीय तंबाकू त्याग हेल्पलाइन – 1800-11-2356 के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क परामर्श एवं सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की गई।नारा“*तंबाकू को ना, जिंदगी को हाँ*”“*एक कश भी कैंसर तक ले जाए*”