रांची: झारखंड की राजधानी रांची में धनतेरस और दीपावली के त्योहार को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। त्योहार के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष योजना तैयार की है। इसके तहत अपर बाजार में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार, सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक अपर बाजार में चार पहिया वाहनों की नो एंट्री रहेगी। यह व्यवस्था त्योहार के दौरान बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर की गई है।

धनतेरस और दीपावली के समय रांची के प्रमुख बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ती है। खासकर अपर बाजार, मेन रोड और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में सुबह से देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है। धनतेरस पर बर्तन, सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावट की वस्तुएं और अन्य घरेलू सामान खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचते हैं। ऐसे में संकरी सड़कों पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही होने से जाम की स्थिति बन जाती है।

इसी समस्या को देखते हुए रांची ट्रैफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। अपर बाजार में चार पहिया वाहनों के प्रवेश को रोकने के साथ-साथ शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में भी पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी लगाए जाएंगे, ताकि खरीदारी के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

ट्रैफिक पुलिस का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान बाजारों को जाम से मुक्त रखना, पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आपातकालीन वाहनों के आवागमन को आसान बनाना है। इसके लिए अलग-अलग चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी और जरूरत के अनुसार वाहनों का मार्ग बदला जाएगा।

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अपर बाजार में चार पहिया वाहनों की नो एंट्री

रांची का अपर बाजार शहर के सबसे पुराने और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक है। यहां कपड़े, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, किराना, पूजा सामग्री, आभूषण और घरेलू जरूरतों से जुड़ी सैकड़ों दुकानें हैं। त्योहारों के समय इस बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक भीड़ देखने को मिलती है।

धनतेरस के अवसर पर विशेष रूप से बर्तन, सोना-चांदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी करने के लिए लोग परिवार के साथ बाजार पहुंचते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में दोपहिया और चार पहिया वाहन भी बाजार की ओर आते हैं।

अपर बाजार की कई सड़कें अपेक्षाकृत संकरी हैं। दुकानों के सामने ग्राहकों की आवाजाही और सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से पहले ही जगह सीमित हो जाती है। ऐसे में चार पहिया वाहनों के प्रवेश से यातायात बाधित होने की आशंका बढ़ जाती है।

इसी वजह से ट्रैफिक पुलिस ने अपर बाजार में चार पहिया वाहनों की नो एंट्री लागू करने का फैसला किया है। अखबार की रिपोर्ट में सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक प्रतिबंध की जानकारी दी गई है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार के भीतर वाहनों की भीड़ कम करना और पैदल खरीदारी करने वालों को अधिक जगह उपलब्ध कराना है। चार पहिया वाहनों की आवाजाही कम होने से दुकानों तक पहुंचने वाले रास्ते भी अपेक्षाकृत खुले रह सकते हैं।

हालांकि, वाहन चालकों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले मौके पर लगाए गए ट्रैफिक संकेतों और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करना होगा।

धनतेरस से दिवाली तक बदलेगी शहर की यातायात व्यवस्था

धनतेरस और दीपावली रांची के प्रमुख त्योहारों में शामिल हैं। इन दिनों शहर के लगभग सभी प्रमुख बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ जाती है। सुबह से लेकर देर रात तक बाजारों में लोगों की आवाजाही बनी रहती है।

धनतेरस पर लोग शुभ मुहूर्त में खरीदारी करना पसंद करते हैं। इस वजह से शाम के समय बाजारों में विशेष भीड़ होती है। वहीं दीपावली से पहले घरों की सजावट, पूजा सामग्री, मिठाई, कपड़े और उपहार खरीदने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग दुकानों तक पहुंचते हैं।

त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था सामान्य दिनों की तरह बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सड़क पर पैदल यात्रियों के साथ-साथ ऑटो, बाइक, कार और मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी बढ़ जाती है।

यदि सभी प्रकार के वाहन एक ही रास्ते से बाजार में प्रवेश करने लगें, तो जाम लगना लगभग तय हो जाता है। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी होती है, बल्कि दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो सकता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए रांची ट्रैफिक पुलिस ने धनतेरस से दिवाली तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। इस दौरान बाजारों में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कराया जाएगा।

छह से आठ तक ऐसी होगी शहर की यातायात व्यवस्था

अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार, शहर में छह से आठ तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने की जानकारी दी गई है। इस दौरान प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण रखा जाएगा।

त्योहार के समय ट्रैफिक पुलिस का ध्यान मुख्य रूप से उन क्षेत्रों पर रहेगा, जहां खरीदारी के लिए अधिक संख्या में लोग पहुंचते हैं।

अपर बाजार में चार पहिया वाहनों की नो एंट्री के अलावा अन्य व्यस्त स्थानों पर भी यातायात नियंत्रित करने की योजना है। इसके लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

वाहन चालकों को निर्धारित मार्गों से ही आवागमन करना होगा। जहां आवश्यक होगा, वहां वाहनों को दूसरे रास्तों की ओर मोड़ा जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार के अंदर अनावश्यक वाहनों की भीड़ न लगे और खरीदारी करने वाले लोग आसानी से पैदल दुकानों तक पहुंच सकें।

त्योहार के दिनों में पुलिस की ओर से किए जाने वाले ऐसे इंतजाम तभी सफल हो सकते हैं, जब आम नागरिक भी नियमों का पालन करें। वाहन चालकों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करने चाहिए।

अपर बाजार में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर दोपहर 12:30 बजे से रोक

अपर बाजार में सबसे अधिक भीड़ धनतेरस के दिन रहने की संभावना है। इस बाजार में बर्तन, कपड़े, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू जरूरतों की खरीदारी के लिए रांची के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं।

त्योहार के दौरान बाजार की सड़कों पर पैदल यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में कार और अन्य चार पहिया वाहनों के प्रवेश से लोगों को निकलने में परेशानी होती है।

ट्रैफिक पुलिस की जारी व्यवस्था के अनुसार, 6 से 8 नवंबर 2026 तक अपर बाजार में प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से रात 12 बजे तक चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। Hindustan+1

इसका मतलब है कि निर्धारित समय में कार लेकर बाजार जाने वाले लोगों को अपना वाहन बाजार के बाहर निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़ा करना होगा। इसके बाद वे पैदल या उपलब्ध वैकल्पिक साधनों से बाजार पहुंच सकते हैं।

यह व्यवस्था बाजार के अंदर वाहनों की भीड़ कम करने के लिए की गई है। चार पहिया वाहनों की संख्या कम होने से दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को सुविधा मिल सकती है।

खासकर उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो परिवार के साथ धनतेरस की खरीदारी करने आते हैं। संकरी गलियों में कारों के फंसने की समस्या कम होने से पैदल चलना भी आसान हो सकता है।

सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक मालवाहक वाहनों पर रोक

धनतेरस और दीपावली के दौरान केवल निजी वाहनों की आवाजाही ही नहीं बढ़ती, बल्कि बाजारों में सामान पहुंचाने वाले मालवाहक वाहनों की संख्या भी बढ़ जाती है।

दुकानदार त्योहार से पहले बड़ी मात्रा में सामान मंगवाते हैं। इस वजह से छोटे मालवाहक वाहन, पिकअप और बड़े मालवाहक वाहन बाजारों की ओर आते हैं।

यदि ऐसे वाहन व्यस्त समय में बाजार के बीच पहुंचते हैं, तो सड़क पर जाम लगने की आशंका बढ़ जाती है। सामान उतारने और चढ़ाने के दौरान वाहन काफी देर तक सड़क पर खड़े रहते हैं।

इसी समस्या को देखते हुए 6, 7 और 8 नवंबर को सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक शहर में बड़े मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा रेडियम चौक से सुजाता चौक के बीच छोटे और बड़े मालवाहक वाहनों के परिचालन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। Jharkhand LIVE+1

इस व्यवस्था से बाजारों के आसपास यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

व्यापारियों को भी सलाह दी गई है कि वे सामान की आपूर्ति और माल उतारने से संबंधित काम प्रतिबंधित समय को ध्यान में रखकर करें।

यदि दुकानदार समय रहते सामान मंगवा लेते हैं, तो त्योहार के दौरान बाजार में मालवाहक वाहनों की अनावश्यक आवाजाही कम हो सकती है।

रेडियम चौक से सुजाता चौक तक मालवाहक वाहनों की नो एंट्री

रांची में रेडियम चौक से सुजाता चौक तक का मार्ग यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस रास्ते पर दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।

धनतेरस और दीपावली के समय बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ने से इस मार्ग पर भी दबाव बढ़ जाता है।

इसलिए इस सड़क पर मालवाहक वाहनों के परिचालन को नियंत्रित किया गया है।

ट्रैफिक पुलिस का उद्देश्य यह है कि व्यस्त समय में सामान से भरे बड़े वाहन मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा न करें।

इस प्रतिबंध का असर उन कारोबारियों पर भी पड़ेगा, जो इसी मार्ग से अपनी दुकानों तक सामान पहुंचाते हैं। उन्हें माल की आपूर्ति का समय पहले से निर्धारित करना होगा।

वाहन चालकों को भी इस मार्ग पर जाने से पहले वैकल्पिक रास्ते की जानकारी रखनी चाहिए।

विक्रांत चौक से काली मंदिर चौक तक वाहनों का परिचालन बंद

यातायात व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण बदलाव विक्रांत चौक से काली मंदिर चौक तक किया गया है।

अखबार में प्रकाशित आदेश के अनुसार, इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद रखने की व्यवस्था की गई है।

यह मार्ग बाजार और आसपास के व्यस्त क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। त्योहार के समय यहां पैदल यात्रियों और वाहनों की आवाजाही बढ़ने से जाम की समस्या पैदा हो सकती है।

ऐसे में मार्ग पर वाहनों का परिचालन रोकने से लोगों को खरीदारी के लिए आने-जाने में सुविधा मिल सकती है।

इस व्यवस्था के तहत वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।

पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहकर लोगों को सही दिशा बताएंगे। यदि किसी मार्ग पर अचानक भीड़ बढ़ती है, तो यातायात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बदलाव भी किए जा सकते हैं। Jharkhand LIVE+1

छह से आठ नवंबर तक लागू रहेगी विशेष व्यवस्था

रांची ट्रैफिक पुलिस की विशेष यातायात व्यवस्था 6 नवंबर से 8 नवंबर 2026 तक लागू की गई है।

इस दौरान धनतेरस, दीपावली और संबंधित आयोजनों के कारण शहर के प्रमुख बाजारों में अधिक भीड़ रहने की संभावना है।

इस अवधि में सुबह से लेकर रात तक अलग-अलग मार्गों पर प्रतिबंध और यातायात नियंत्रण लागू रहेगा।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपने गंतव्य तक पहुंचने वाले मार्ग की जानकारी प्राप्त कर लें।

खासकर अपर बाजार जाने वाले लोगों को दोपहर 12:30 बजे के बाद चार पहिया वाहन लेकर प्रवेश करने से बचना चाहिए।

वहीं, मालवाहक वाहन चालकों को सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक लागू प्रतिबंध का ध्यान रखना होगा।

जरूरत पड़ने पर प्रशासन दूसरे रास्तों पर भी अस्थायी प्रतिबंध या रूट डायवर्जन लागू कर सकता है। Hindustan+1

प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती

धनतेरस के अवसर पर रांची के प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है।

अपर बाजार, मेन रोड, काली मंदिर रोड, लालपुर और सर्जना चौक जैसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।

इन इलाकों में त्योहार के समय ग्राहकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इसलिए केवल सड़क पर वाहनों को नियंत्रित करना पर्याप्त नहीं है। बाजार के अंदर भीड़ को संभालना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

पुलिसकर्मी बाजारों में पैदल गश्त करेंगे और जरूरत पड़ने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाएंगे।

व्यापारिक प्रतिष्ठानों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाएगी।

पुलिस का प्रयास है कि खरीदारी करने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और बाजारों में शांतिपूर्ण माहौल बना रहे।

धनतेरस के दिन सुरक्षा व्यवस्था रहेगी सख्त

धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी अधिक होती है। इस दौरान बाजारों में बड़ी रकम का लेन-देन भी होता है।

ऐसे में चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही है।

बाजारों में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ाने के साथ संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जाएगी।

दुकानों के आसपास भीड़ के बीच किसी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।

खरीदारों को भी अपने सामान और नकदी की सुरक्षा का ध्यान रखने की जरूरत है।

महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतनी चाहिए।

पुलिस की कोशिश है कि त्योहार के दौरान लोग बिना किसी डर के खरीदारी कर सकें।

बाजारों में सादे लिबास में भी पुलिस रहेगी तैनात

त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बाजारों में सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

सादे लिबास में मौजूद पुलिसकर्मी आम लोगों के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

इसका उद्देश्य उन घटनाओं पर रोक लगाना है, जो भीड़ का फायदा उठाकर अंजाम दी जाती हैं।

धनतेरस के समय बाजारों में लोग खरीदारी में व्यस्त रहते हैं। इस दौरान कई बार उन्हें अपने बैग, मोबाइल और पर्स का ध्यान रखने का समय नहीं मिल पाता।

अपराधी ऐसी स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से ऐसे लोगों पर निगरानी रखना आसान हो सकता है।

इसके साथ ही बाजारों में नियमित पुलिस गश्त भी की जाएगी।

महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

धनतेरस और दीपावली के दौरान महिलाएं अपने परिवार के साथ खरीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में बाजार पहुंचती हैं।

कई परिवारों में बुजुर्ग सदस्य और छोटे बच्चे भी साथ होते हैं।

भीड़भाड़ वाले बाजारों में धक्का-मुक्की, सामान खोने और रास्ता भटकने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

इसलिए पुलिस की ओर से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बाजारों में तैनात पुलिसकर्मियों को किसी भी परेशानी की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

खरीदारों को भी बच्चों को अपने साथ रखने और भीड़ में उनका विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो उसे तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी को सूचना देनी चाहिए।

त्योहार के दौरान चोरी और छिनतई रोकना बड़ी चुनौती

बड़े त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ चोरी और छिनतई की घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

भीड़भाड़ वाले इलाकों में अपराधी कई बार लोगों के पर्स, मोबाइल फोन और खरीदारी के सामान पर नजर रखते हैं।

खासकर सोना-चांदी और महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

पुलिस बाजारों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गश्त और निगरानी व्यवस्था मजबूत कर रही है।

खरीदारों को भी कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए।

  • अधिक नकदी लेकर बाजार जाने से बचें।
  • मोबाइल और पर्स को सुरक्षित रखें।
  • खरीदारी के बाद सामान को खुले में लेकर भीड़ में न चलें।
  • अनजान लोगों के साथ आर्थिक लेन-देन न करें।
  • किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।

इन सावधानियों से त्योहार के दौरान होने वाली कई समस्याओं से बचा जा सकता है।

मेन रोड और सर्जना चौक पर भी रहेगी विशेष निगरानी

रांची का मेन रोड त्योहारों के दौरान सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल रहता है। यहां कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, आभूषण और घरेलू सामान की बड़ी दुकानें हैं।

धनतेरस और दीपावली के दौरान मेन रोड पर ग्राहकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। शाम के समय सड़क पर पैदल यात्रियों और वाहनों का दबाव अधिक रहता है।

इसी तरह सर्जना चौक के आसपास भी खरीदारी करने वालों की भीड़ जमा होती है। इस क्षेत्र में सड़क किनारे वाहन खड़े होने से जाम की समस्या पैदा हो सकती है।

ट्रैफिक पुलिस इन स्थानों पर विशेष निगरानी रखेगी। पुलिसकर्मी वाहन चालकों को निर्धारित दिशा में जाने का निर्देश देंगे और जरूरत पड़ने पर यातायात को दूसरे मार्गों की ओर मोड़ेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेन रोड और आसपास के बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगों को लंबे समय तक जाम में न फंसना पड़े।

चर्च रोड में भी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण

धनतेरस और दीपावली के दौरान चर्च रोड में भी भीड़ को देखते हुए यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की गई है।

इस क्षेत्र में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ने से तीन पहिया और चार पहिया वाहनों की आवाजाही परेशानी पैदा कर सकती है।

लाइव हिन्दुस्तान की 5 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, चर्च रोड में तीन पहिया और चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक रखने की व्यवस्था भी ट्रैफिक प्लान में शामिल की गई है। जरूरत के अनुसार कुछ मार्गों को वन-वे भी किया जा सकता है। Lagatar Media Pvt. Ltd.

इसका उद्देश्य चर्च रोड और आसपास के बाजारों में यातायात को व्यवस्थित रखना है।

वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे बाजार के अंदर जाने के बजाय निर्धारित स्थानों पर वाहन खड़े करें और पैदल खरीदारी के लिए जाएं।

सड़क पर वाहन पार्क करने वालों पर होगी कार्रवाई

त्योहार के दौरान जाम का एक बड़ा कारण सड़क किनारे अनावश्यक पार्किंग भी होती है।

कई लोग बाजार पहुंचने के बाद अपनी कार या बाइक दुकान के सामने खड़ी कर देते हैं। कुछ देर की खरीदारी के लिए वाहन सड़क पर छोड़ देने से पीछे आने वाले वाहनों का रास्ता बंद हो जाता है।

इससे धीरे-धीरे लंबा जाम लग जाता है।

ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सड़कों पर अनावश्यक रूप से वाहन पार्क न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर अन्य मार्गों पर भी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सकता है। Hindustan+1

वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थल का इस्तेमाल करना चाहिए।

गलत पार्किंग से केवल दूसरे वाहन चालकों को ही परेशानी नहीं होती, बल्कि एंबुलेंस, दमकल और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस सकते हैं।

इसलिए बाजार जाने वाले लोगों को पार्किंग के नियमों का पालन करना जरूरी है।

जाम की स्थिति बनने पर तुरंत बदलेगा रूट

रांची ट्रैफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था को लेकर यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर अन्य रास्तों पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

त्योहार के दौरान बाजारों में भीड़ का अनुमान लगाना आसान नहीं होता। किसी एक बाजार में अचानक ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे आसपास की सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ जाता है।

ऐसी स्थिति में पुलिस मौके की परिस्थितियों के अनुसार रूट डायवर्जन कर सकती है।

किसी मार्ग पर जाम बढ़ने पर वाहनों को दूसरे रास्ते से भेजा जा सकता है। कुछ स्थानों पर कुछ समय के लिए वाहनों का परिचालन रोका भी जा सकता है।

इसलिए लोगों को केवल एक ही रास्ते पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

घर से निकलने से पहले अपने गंतव्य तक पहुंचने के वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखना उपयोगी होगा।

व्यापारियों को भी करना होगा ट्रैफिक नियमों का पालन

धनतेरस और दीपावली व्यापारियों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसरों में से हैं।

इन दिनों बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ने से दुकानदारों की बिक्री में भी वृद्धि होती है। लेकिन यदि बाजारों में जाम लगा रहे, तो ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

इसलिए व्यापारियों की भी जिम्मेदारी है कि वे यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

दुकानों के सामने सामान रखकर सड़क को संकरा नहीं करना चाहिए। सामान की लोडिंग और अनलोडिंग निर्धारित समय में करनी चाहिए।

दुकानदारों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्राहकों के वाहन सड़क पर अनावश्यक रूप से खड़े न हों।

यदि बाजारों में सभी व्यापारी नियमों का पालन करते हैं, तो त्योहार के दौरान खरीदारी का माहौल बेहतर बनाया जा सकता है।

मालवाहक वाहन चालकों और दुकानदारों के लिए जरूरी निर्देश

शहर में मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध होने से दुकानदारों और परिवहन कारोबारियों को अपनी योजना पहले से बनानी होगी।

त्योहारों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, बर्तन, सजावट की सामग्री और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ जाती है।

इन वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन सामान्य दिनों में दुकानों तक सामान पहुंचाते हैं।

लेकिन प्रतिबंधित समय में ऐसे वाहनों के प्रवेश पर रोक रहने से आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

इसलिए कारोबारियों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. प्रतिबंध लागू होने से पहले जरूरी सामान की आपूर्ति की योजना बनाएं।
  2. मालवाहक वाहनों को निर्धारित प्रतिबंधित मार्गों पर न भेजें।
  3. दुकानों के सामने सामान उतारने के कारण सड़क बाधित न करें।
  4. वाहन चालकों को पहले से वैकल्पिक मार्ग की जानकारी दें।
  5. ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
  6. बाजार में अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा न करें।

इससे कारोबार और यातायात व्यवस्था दोनों को सुचारु रखने में मदद मिल सकती है।

पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की तैयारी

त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखना केवल ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी नहीं होती। इसके लिए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, बाजार समिति और व्यापारिक संगठनों के बीच समन्वय जरूरी होता है।

रांची के प्रमुख बाजारों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है।

यातायात के अलावा सुरक्षा, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं को भी तैयार रखना जरूरी है।

यदि किसी बाजार में अचानक आग लगने या दुर्घटना की घटना होती है, तो दमकल और एंबुलेंस को घटनास्थल तक पहुंचने में देरी नहीं होनी चाहिए।

इसके लिए बाजारों की मुख्य सड़कों और प्रवेश द्वारों को खाली रखना आवश्यक है।

पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि त्योहार के दौरान बाजारों में खरीदारी के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर बनी रहे।

खरीदारी के लिए निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजार जाने वाले लोगों को ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी रखना बहुत जरूरी है।

अक्सर लोग बिना जानकारी के चार पहिया वाहन लेकर बाजार पहुंच जाते हैं। इसके बाद उन्हें प्रतिबंधित मार्ग पर प्रवेश नहीं मिलता और उन्हें वापस लौटना पड़ता है।

इससे समय की बर्बादी होती है और सड़क पर वाहनों की संख्या भी बढ़ जाती है।

लोगों को सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी के लिए निकलने से पहले ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी निर्देश पढ़ लें।

यदि अपर बाजार जाना है, तो प्रतिबंधित समय में कार लेकर प्रवेश करने की योजना न बनाएं।

बाजार के आसपास उपलब्ध वैध पार्किंग स्थल का उपयोग करें। जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन या दोपहिया वाहन का इस्तेमाल करें।

हालांकि दोपहिया वाहन चालकों को भी ट्रैफिक नियमों और पार्किंग संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा।

पैदल खरीदारी करने वालों के लिए भी जरूरी सावधानियां

त्योहार के दौरान बाजारों में पैदल चलने वालों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को सड़क पर चलते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ बाजार जाने वाले परिवारों को अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए।

भीड़भाड़ वाले इलाकों में बच्चों का हाथ पकड़कर चलना बेहतर है।

सड़क पार करते समय निर्धारित स्थानों का उपयोग करना चाहिए और चलते वाहनों के बीच से निकलने से बचना चाहिए।

खरीदारी करते समय अपना पर्स, मोबाइल और अन्य जरूरी सामान सुरक्षित रखें।

यदि किसी दुकान के सामने अधिक भीड़ है, तो धक्का-मुक्की करने के बजाय अपनी बारी का इंतजार करें।

इन छोटी-छोटी सावधानियों से बाजार में होने वाली दुर्घटनाओं और परेशानियों को कम किया जा सकता है।

एंबुलेंस और दमकल वाहनों के लिए रास्ता खुला रखना जरूरी

त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ आपातकालीन सेवाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।

किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होने, दुर्घटना होने या आग लगने जैसी स्थिति में एंबुलेंस और दमकल वाहनों को तुरंत घटनास्थल तक पहुंचना होता है।

यदि बाजारों में चार पहिया वाहन और मालवाहक गाड़ियां अनियंत्रित तरीके से खड़ी रहें, तो आपातकालीन वाहनों को रास्ता मिलने में परेशानी हो सकती है।

इसी वजह से ट्रैफिक पुलिस सड़क पर अनावश्यक पार्किंग रोकने पर जोर दे रही है।

बाजार के दुकानदारों और ग्राहकों को यह समझना होगा कि सड़क केवल निजी वाहन खड़े करने के लिए नहीं है। यह सभी लोगों और आपातकालीन सेवाओं के आवागमन का रास्ता है।

इसलिए हर नागरिक को जिम्मेदारी के साथ यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।

त्योहार में सुरक्षित खरीदारी के लिए पुलिस की अपील

धनतेरस और दीपावली खुशियों का त्योहार है। इस दौरान लोग अपने परिवार के लिए नए सामान खरीदते हैं और घरों को सजाते हैं।

ऐसे समय में बाजारों में सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल होना जरूरी है।

पुलिस की अपील है कि लोग नियमों का पालन करें, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में धैर्य बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।

संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

वाहन चालक निर्धारित मार्गों से ही आवागमन करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने की कोशिश न करें।

बाजार जाने वाले लोगों को अपनी खरीदारी की योजना पहले से बनानी चाहिए, ताकि अनावश्यक रूप से एक ही समय पर भीड़ न बढ़े।

यदि आम नागरिक, व्यापारी और पुलिस प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।

रांची ट्रैफिक प्लान: तारीख और समय की पूरी जानकारी

6 से 8 नवंबर 2026

धनतेरस और दीपावली के लिए विशेष यातायात व्यवस्था

अपर बाजार में चार पहिया वाहन

12:30 PM – 12 AM

प्रतिदिन प्रवेश प्रतिबंधित

शहर में बड़े मालवाहक वाहन

8 AM – 12 AM

प्रतिदिन प्रवेश प्रतिबंधित

रेडियम चौक से सुजाता चौक

छोटे और बड़े मालवाहक वाहनों पर रोक।

विक्रांत चौक से काली मंदिर चौक

सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन बंद।

महत्वपूर्ण स्पष्टता: सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक का प्रतिबंध मालवाहक वाहनों के लिए है। अपर बाजार में चार पहिया वाहनों की नो एंट्री दोपहर 12:30 बजे से रात 12 बजे तक है। Hindustan+2

निष्कर्ष: त्योहार पर जाम से राहत दिलाने की तैयारी

रांची में धनतेरस और दीपावली को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की है। अपर बाजार में चार पहिया वाहनों की नो एंट्री, मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती इसी योजना का हिस्सा है।

त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में यातायात नियंत्रित रखना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है।

अपर बाजार, मेन रोड, चर्च रोड, काली मंदिर रोड और सर्जना चौक जैसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी से लोगों को जाम से राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस व्यवस्था की सफलता आम नागरिकों के सहयोग पर भी निर्भर करेगी। यदि लोग निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करें, प्रतिबंधित मार्गों से बचें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें, तो त्योहार के दौरान यातायात को सुचारु रखा जा सकता है।

रांची पुलिस की कोशिश है कि धनतेरस और दीपावली के अवसर पर लोग सुरक्षित वातावरण में खरीदारी कर सकें और उन्हें अनावश्यक जाम का सामना न करना पड़े।

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