झारखंड ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार की दिशा में तेज प्रगति दर्ज की गई है।

आज स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा, डी आई सी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
हम आपको बता दें कि सरकार के द्वारा वित्तीय प्रोत्साहन के तहत गुणवत्ता आश्वसन मानक प्राप्त करने वाली स्वास्थ्य संस्थानों को प्रति बेड ₹10000 सालाना, 3 साल तक देने का प्रावधान है। जिसमें से 25% राशि उक्त स्वास्थ्य संस्थान में कार्य करने वाले पदाधिकारी एवं कर्मियों के बीच वितरित किए जाने का भी प्रावधान है। शेष 75% राशी से प्राथमिकता के आधार पर उक्त स्वास्थ्य संस्थान में जन सुविधा को उन्नत किए जाने का भी प्रावधान है। साथ ही सर्टिफिकेट प्राप्त संस्थान को आयुष्मान भारत योजना के तहत दिए जाने वाले राशि में भी 15% की बढ़ोतरी किए जाने का प्रावधान है।
बैठक में बताया गया कि मार्च 2025 तक जहाँ केवल 8 प्रतिशत स्वास्थ्य केंद्र ही राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन प्रमाणित थे, वहीं मार्च 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया है। राज्य सरकार ने दिसंबर 2026 तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत प्रमाणित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों एवं कर्मियों को सम्मानित करने की योजना भी बनाई गई है।
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत अस्पतालों में बुनियादी ढांचे में सुधार, दवाओं की नियमित उपलब्धता, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती तथा उन्नत जांच सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है।
इस दिशा में प्रशासन की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह एवं एनएचएम अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा द्वारा नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से कार्यों की निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं में आए इस व्यापक सुधार से राज्य की आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है और सरकारी अस्पतालों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।