रांची: रांची विश्वविद्यालय के नागपुरी विभाग द्वारा दिनांक 11 अक्टूबर 2026 को एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस अध्ययन यात्रा के अंतर्गत विभाग के कुल 30 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों का एक दल झारखंड की प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर नवरतनगढ़ (दोयसा) पहुँचा।
पुरातत्त्ववेत्ता ने दी नवरतनगढ़ के इतिहास की विस्तृत जानकारी
भ्रमण के दौरान प्रसिद्ध पुरातत्त्ववेत्ता अनिल कुमार राणा ने विद्यार्थियों को नवरतनगढ़ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्थापत्य कला और इसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उनके इस व्याख्यान के माध्यम से सभी छात्रों को नागवंशियों के समृद्ध इतिहास और उनकी कार्यशैली को बेहद बारीकी से जानने और समझने का सुनहरा अवसर मिला।
ऐतिहासिक धरोहरों व भव्य स्थलों का किया अवलोकन
अन्वेषण और अध्ययन की इस कड़ी में विद्यार्थियों ने नवरतनगढ़ परिसर में स्थित कई ऐतिहासिक संरचनाओं का अवलोकन किया:
- रानी का किला एवं राजा का दरबार: छात्रों ने नागवंशी राजाओं और रानियों के निवास तथा दरबार की व्यवस्था को समझा।
- सैनिकों का कक्ष: सैनिकों के ठहरने और सुरक्षा व्यवस्था की प्राचीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
- बावड़ी, मंदिर और रानी का तालाब: परिसर में स्थित प्राचीन बावड़ी, ऐतिहासिक मंदिर और रानी के तालाब का भ्रमण कर तत्कालीन जल संरक्षण व धार्मिक वास्तुकला को देखा।
- पांच मंजिला भवन: छात्रों ने ऐतिहासिक पांच मंजिला भवन का भी भ्रमण किया और उसकी अद्वितीय निर्माण शैली की सराहना की।
ज्ञान और अनुभव का अद्भुत संगम
“ज्ञान, अन्वेषण, अनुभव और विकास” के ध्येय वाक्य के साथ आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और समृद्ध अनुभव देने वाला रहा। इस यात्रा ने छात्र-छात्राओं को किताबी अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक रूप से अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जानने का अवसर प्रदान किया।
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