*24×7 व्यक्तिगत व वर्चुअल शिक्षण एवं मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर*
जिले के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने एवं उनके शैक्षणिक परिणाम में सुधार लाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्रीमती मेघा भारद्वाज की सोच एवं पहल से ‘नव दिशा पाकुड़’ की शुरुआत की गई है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, निरंतर मार्गदर्शन एवं आवश्यकता के अनुरूप व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
‘नव दिशा पाकुड़’ की शुरुआत के बाद इसकी कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिले के 24 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई, विषयवार सिलेबस, निर्धारित रूटीन एवं पाठ्यक्रम की समयबद्ध पूर्णता सहित शैक्षणिक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में विशेष रूप से इस बार मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए आवश्यक रणनीति एवं तैयारियों पर चर्चा की गई। ‘नव दिशा पाकुड़’ के तहत विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध 24×7 तत्काल व्यक्तिगत (वन-टू-वन) शिक्षण एवं मार्गदर्शन तकनीकी सुविधा को प्रभावी एवं छात्र अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
ऑनलाइन कक्षा एवं व्यक्तिगत शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने वाले विद्यालयों के शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप नियमित एवं प्रभावी मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्धारित रूटीन के अनुसार कक्षाओं का नियमित संचालन, विषयवार सिलेबस को समय पर पूर्ण करने तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कक्षा, व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं विषयवार सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि ‘नव दिशा पाकुड़’ केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जिले के विद्यार्थियों को छोटे आयु से ही बेहतर दिशा, अवसर एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की एक सोच है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आवश्यकता के समय शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना तथा उन्हें बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, समयबद्ध पाठ्यक्रम पूर्णता एवं व्यक्तिगत शैक्षणिक मार्गदर्शन विद्यार्थियों के बेहतर परिणाम के लिए महत्वपूर्ण हैं। ‘नव दिशा पाकुड़’ के माध्यम से इन सभी पहलुओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि इस बार मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में ठोस प्रयास किए जा सकें।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, एडीपीओ, संबंधित पदाधिकारी, विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक उपस्थित रहे।