JPSC मामले में CID जांच का प्रतीकात्मक दृश्यPSC और JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CID जांच जारी है।

जेपीएससी मामले में बड़ा खुलासा: धर्मेंद्र ने भी TDIPL पर बनाया था गड़बड़ी का दबाव, 10-12 अभ्यर्थियों के चयन की मांग:

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी की अलग-अलग टीमें कर रही हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में TDIPL के निदेशक रामवीर सिंह के बयान से जांच एजेंसी को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

सीआईडी के समक्ष दिए गए बयान के अनुसार, जेपीएससी कार्यालय से जुड़े रहे और इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार हो चुके कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार पर अभ्यर्थियों के चयन को लेकर दबाव बनाने का आरोप है। निदेशक ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि धर्मेंद्र की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने और कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने का दबाव बनाया जा रहा था।

10 से 12 अभ्यर्थियों के चयन का दबाव

जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, सिविल जज पीटी परीक्षा की संशोधित मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद एफआरओ और पीसीएफ परीक्षा आयोजित की जानी थी। इसी दौरान धर्मेंद्र कुमार ने कथित तौर पर 10 से 12 चुनिंदा अभ्यर्थियों का चयन कराने की मांग की।

इतना ही नहीं, पूछताछ में यह भी दावा सामने आया कि धर्मेंद्र ने प्रश्नपत्र लीक कराने की मांग की थी। हालांकि, एजेंसी ने कथित तौर पर इस मांग को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट किया कि परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया नियमानुसार ही पूरी की जाएगी।

जेपीएससी मामले में बड़ा खुलासा: धर्मेंद्र ने भी TDIPL पर बनाया था गड़बड़ी का दबाव, 10-12 अभ्यर्थियों के चयन की मांग

बयान के अनुसार, इस कथित दबाव और मांग की जानकारी तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष ख्यांगते और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को भी दी गई थी। जांच एजेंसी अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका और उनके बीच संपर्क की भी पड़ताल कर रही है।

20 से 25 लाख रुपये कमीशन मांगने का आरोप

जांच में कथित तौर पर एक अन्य महत्वपूर्ण बात सामने आई है। TDIPL के निदेशक के बयान के अनुसार, धर्मेंद्र कुमार ने ओएमआर शीट, एडमिट कार्ड और प्रिंटिंग से जुड़े काम दिलाने के एवज में 20 से 25 लाख रुपये कमीशन की मांग की थी।

जांच एजेंसी इस दावे की भी पड़ताल कर रही है कि परीक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों को लेकर किस तरह के संपर्क और लेनदेन की कोशिश की गई थी। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

JSSC CGL मामले में दो आरोपियों को जेल

इधर, JSSC CGL परीक्षा से जुड़े मामले में भी सीआईडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में सोमांश और राहुल को जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।

सीआईडी यह जानने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और उनके बीच किस स्तर पर संपर्क था। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों, अभ्यर्थियों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

जांच के दायरे में परीक्षा प्रक्रिया

जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों में जांच एजेंसी की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की पूरी कड़ी का पता लगाना है। इसके तहत परीक्षा से जुड़े लोगों की भूमिका, एजेंसियों के साथ उनके संपर्क और कथित तौर पर किए गए दबाव या लेनदेन की जांच की जा रही है।

फिलहाल, धर्मेंद्र कुमार पर लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं। इन आरोपों की न्यायिक रूप से अंतिम पुष्टि होना बाकी है। सीआईडी की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।

मुख्य बातें

  • धर्मेंद्र कुमार पर 10-12 चुनिंदा अभ्यर्थियों के चयन का दबाव बनाने का आरोप।
  • प्रश्नपत्र लीक कराने की मांग किए जाने का भी दावा।
  • TDIPL को काम दिलाने के बदले 20-25 लाख रुपये कमीशन मांगने का आरोप।
  • कथित मांग की जानकारी तत्कालीन जेपीएससी अधिकारियों को दिए जाने की बात।
  • JSSC CGL मामले में सोमांश और राहुल को जेल भेजा गया।
  • सीआईडी कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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