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प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र BLO को कर सकेंगे जमा, घोषणा/अंडरटेकिंग देना होगा अनिवार्य

रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय ने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की भूमिका और आवेदन प्रपत्र जमा करने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए BLA के माध्यम से आवेदन प्रपत्र जमा करने की निर्धारित प्रक्रिया लागू है।

निर्वाचन विभाग के अनुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत BLA निर्धारित नियमों का पालन करते हुए मतदाता सूची से संबंधित आवेदन प्रपत्र सामूहिक रूप से संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के समक्ष जमा कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन प्रपत्र सामूहिक रूप से जमा करने के लिए BLA को निर्धारित घोषणा या अंडरटेकिंग भी देनी होगी। इसमें BLA को यह प्रमाणित करना होगा कि उन्होंने संबंधित आवेदन प्रपत्रों में दर्ज विवरणों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया है और उनमें दी गई जानकारी की शुद्धता से वे संतुष्ट हैं।

वर्तमान में झारखंड में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है। इसलिए अब लागू व्यवस्था के अनुसार एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र संबंधित BLO को जमा कर सकता है। वहीं प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले यह सीमा प्रतिदिन अधिकतम 50 आवेदन प्रपत्र की थी।

निर्वाचन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी BLA द्वारा पुनरीक्षण की पूरी अवधि के दौरान 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा किए जाते हैं, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) द्वारा उन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाता सूची में शामिल होने वाले आवेदनों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखना है।


Table of Contents

SIR में राजनीतिक दलों की सहभागिता को महत्वपूर्ण माना गया

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल अपने बूथ लेवल एजेंट के माध्यम से मतदाता सूची से जुड़े आवेदन प्रपत्रों की प्रक्रिया में सहयोग कर सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार BLA को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन प्रपत्र संबंधित BLO के समक्ष जमा करने की अनुमति है। इसका उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान जमीनी स्तर पर समन्वय को मजबूत करना है।

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक महत्वपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया है। इसमें पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के साथ-साथ सूची में दर्ज सूचनाओं की शुद्धता और पात्रता से संबंधित पहलुओं की भी जांच की जाती है। इसलिए इस प्रक्रिया में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की सहभागिता को भी उपयोगी माना गया है।


BLA सामूहिक रूप से आवेदन प्रपत्र कर सकते हैं जमा

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत BLA आवेदन प्रपत्रों को सामूहिक रूप से संबंधित BLO के समक्ष जमा कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि प्रत्येक आवेदन को अलग-अलग लेकर जाने के बजाय निर्धारित सीमा के भीतर कई आवेदन प्रपत्रों को एक साथ BLO को सौंपा जा सकता है।

हालांकि, सामूहिक रूप से आवेदन जमा करने की सुविधा के साथ BLA के लिए कुछ जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं। आवेदन प्रपत्रों के साथ एक सूची और लिखित घोषणा या अंडरटेकिंग देना आवश्यक होगा।

BLA को अपनी घोषणा में यह प्रमाणित करना होगा कि उन्होंने संलग्न आवेदन प्रपत्रों में दिए गए विवरणों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया है। इसके साथ उन्हें यह भी बताना होगा कि वे आवेदन में उपलब्ध कराई गई जानकारी की शुद्धता से संतुष्ट हैं।

इस व्यवस्था से आवेदन प्रपत्रों को सामूहिक रूप से जमा करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने और BLA की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।


प्रारूप प्रकाशन से पहले 50 फॉर्म की सीमा

निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 50 आवेदन प्रपत्र BLO के समक्ष जमा कर सकता था।

इस व्यवस्था का उद्देश्य पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को निर्धारित सीमा के भीतर आवेदन जमा करने की सुविधा देना था। इससे पात्र मतदाताओं से संबंधित आवेदन निर्वाचन प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाए जा सकते थे।

लेकिन प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद आवेदन जमा करने की दैनिक सीमा में बदलाव किया गया है। अब एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र ही संबंधित BLO को सौंप सकता है।


अब एक BLA प्रतिदिन जमा कर सकेगा अधिकतम 10 आवेदन

झारखंड में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है। इसलिए वर्तमान समय में BLA के लिए प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र जमा करने की सीमा लागू है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों के अधिकृत BLA को आवेदन प्रपत्र जमा करते समय इसी निर्धारित सीमा का पालन करना होगा।

यह सीमा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आवेदन प्रपत्रों की संख्या और उनके सत्यापन की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाना जरूरी है। BLO के स्तर पर प्राप्त आवेदनों की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच और सत्यापन किया जाता है। इसके बाद संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से आवेदन पर निर्णय लिया जाता है।

इसलिए BLA द्वारा निर्धारित दैनिक सीमा का पालन करना पुनरीक्षण प्रक्रिया के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक है।


आवेदन के साथ देना होगा लिखित घोषणा/अंडरटेकिंग

BLA द्वारा सामूहिक रूप से आवेदन प्रपत्र जमा करते समय केवल आवेदन प्रपत्रों की सूची देना पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ लिखित घोषणा/अंडरटेकिंग प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

इस घोषणा में BLA को यह प्रमाणित करना होगा कि:

  • उन्होंने संलग्न आवेदन प्रपत्रों में दर्ज विवरणों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया है।
  • वे आवेदन प्रपत्रों में उपलब्ध कराई गई जानकारी की शुद्धता से संतुष्ट हैं।
  • आवेदन प्रपत्रों की सूची के साथ निर्धारित घोषणा प्रस्तुत की गई है।
  • घोषणा पर BLA की पहचान से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज हैं।

अंडरटेकिंग में BLA का पूरा नाम, राजनीतिक दल का नाम, दिनांक और पूर्ण हस्ताक्षर अंकित करना आवश्यक होगा।

इससे सामूहिक रूप से जमा किए गए आवेदन प्रपत्रों के संबंध में BLA की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।


व्यक्तिगत सत्यापन की जिम्मेदारी होगी महत्वपूर्ण

सामूहिक रूप से आवेदन जमा करने की अनुमति के साथ BLA पर व्यक्तिगत सत्यापन की जिम्मेदारी भी रखी गई है। उन्हें आवेदन प्रपत्रों में उपलब्ध विवरणों को स्वयं सत्यापित करने के बाद ही अपनी घोषणा देनी होगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामूहिक रूप से जमा किए जा रहे आवेदन प्रपत्रों में सही और सत्यापित जानकारी उपलब्ध हो। BLA द्वारा हस्ताक्षरित अंडरटेकिंग के माध्यम से यह दर्ज होगा कि उन्होंने संबंधित आवेदन प्रपत्रों की जानकारी को व्यक्तिगत रूप से सत्यापित किया है।

इससे आवेदन जमा करने की प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया गया है। साथ ही मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त आवेदनों की विश्वसनीयता बनाए रखने में भी यह व्यवस्था सहायक हो सकती है।


30 से अधिक आवेदन पर ERO/AERO करेगा क्रॉस-वेरिफिकेशन

निर्वाचन विभाग ने BLA द्वारा जमा किए जाने वाले आवेदनों की संख्या को लेकर एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था स्पष्ट की है। यदि किसी BLA द्वारा पूरी पुनरीक्षण अवधि के दौरान 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा किए जाते हैं, तो संबंधित ERO या AERO द्वारा उन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाना आवश्यक होगा।

इसका मतलब है कि निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन जमा होने की स्थिति में संबंधित निर्वाचन अधिकारी आवेदन प्रपत्रों की अतिरिक्त स्तर पर जांच करेंगे।

यह प्रावधान आवेदन प्रपत्रों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रखा गया है। विशेष रूप से बड़ी संख्या में आवेदन जमा होने की स्थिति में व्यक्तिगत सत्यापन से यह सुनिश्चित करने में सहायता मिल सकती है कि आवेदन वास्तविक और पात्र मतदाताओं से संबंधित हैं।


क्रॉस-वेरिफिकेशन से आवेदन की विश्वसनीयता बढ़ाने का प्रयास

मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि या गलत जानकारी से निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से निर्वाचन विभाग ने बड़ी संख्या में आवेदन जमा करने वाले BLA के मामलों में अतिरिक्त सत्यापन की व्यवस्था की है।

30 से अधिक आवेदन जमा करने की स्थिति में ERO/AERO द्वारा व्यक्तिगत क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाना इस पूरी प्रक्रिया में एक अतिरिक्त जांच स्तर उपलब्ध कराता है।

इस व्यवस्था के माध्यम से एक तरफ पात्र नागरिकों के आवेदन को प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा, वहीं दूसरी तरफ गलत या संदिग्ध जानकारी वाले आवेदनों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।


आवेदन पर अंतिम निर्णय ERO स्तर से होगा

BLA द्वारा आवेदन प्रपत्र BLO के समक्ष जमा किए जाने के बाद प्रक्रिया वहीं समाप्त नहीं होती। निर्वाचन विभाग के अनुसार प्राप्त आवेदन प्रपत्रों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन और जांच की जाएगी।

जांच पूरी होने के बाद संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) के स्तर से आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा।

इससे स्पष्ट है कि BLA की भूमिका आवेदन प्रपत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमा करने और उनके विवरण के व्यक्तिगत सत्यापन तक महत्वपूर्ण है, जबकि अंतिम निर्णय निर्वाचन प्रक्रिया में निर्धारित सक्षम अधिकारी के स्तर से होगा।

इस व्यवस्था से मतदाता सूची में किसी नाम को शामिल करने या उससे संबंधित निर्णय को निर्धारित कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा।


BLA और BLO के बीच समन्वय पर जोर

विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में BLA और BLO के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया है। राजनीतिक दलों के अधिकृत BLA जमीनी स्तर पर मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में भागीदारी करते हैं, जबकि BLO निर्वाचन तंत्र की ओर से संबंधित बूथ क्षेत्र में निर्धारित प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।

आवेदन प्रपत्रों को सामूहिक रूप से जमा करने की सुविधा के कारण दोनों पक्षों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा। BLA को निर्धारित संख्या, आवश्यक सूची और अंडरटेकिंग के साथ आवेदन जमा करना होगा।

वहीं BLO को प्राप्त आवेदन प्रपत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाना होगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी द्वारा सत्यापन और जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


राजनीतिक दलों की भूमिका क्यों है महत्वपूर्ण?

लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दल मतदाताओं और निर्वाचन प्रक्रिया के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी उन्हें स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को समझने और निर्वाचन प्रक्रिया में सहभागिता करने का अवसर देती है।

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान BLA के माध्यम से आवेदन प्रपत्र जमा करने की व्यवस्था इसी सहभागिता का एक हिस्सा है।

राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि अपने क्षेत्र के पात्र नागरिकों से जुड़े आवेदन प्रपत्रों की प्रक्रिया में सहयोग कर सकते हैं। हालांकि, इस भूमिका के साथ निर्धारित नियमों और जवाबदेही का पालन करना भी जरूरी है।

निर्वाचन विभाग ने इसी कारण आवेदन प्रपत्रों के साथ व्यक्तिगत सत्यापन की घोषणा/अंडरटेकिंग को अनिवार्य किया है।


किसी पात्र नागरिक का नाम न छूटे, इस पर जोर

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उनके BLA से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए SIR में सहयोग करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों की सहभागिता से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।

मतदाता सूची का पुनरीक्षण नागरिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी से सीधे जुड़ा हुआ है। किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं होने से वह चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। इसलिए पुनरीक्षण के दौरान पात्र नागरिकों से संबंधित आवेदन और दावों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शामिल करना महत्वपूर्ण है।

निर्वाचन विभाग की अपील का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में राजनीतिक दलों और प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाना है।


अपात्र और विदेशी नागरिकों के नाम शामिल न हों

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करना।

उन्होंने सभी हितधारकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।

इस तरह SIR के दौरान दो महत्वपूर्ण उद्देश्यों पर एक साथ ध्यान दिया जा रहा है—पहला, कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और दूसरा, कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

इन दोनों उद्देश्यों को हासिल करने के लिए आवेदन प्रपत्रों का सत्यापन, BLA की घोषणा और आवश्यकता पड़ने पर ERO/AERO द्वारा क्रॉस-वेरिफिकेशन की व्यवस्था की गई है।


मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखना प्राथमिकता

मतदाता सूची किसी भी चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होती है। इसलिए इसमें दर्ज नाम और विवरण की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण है।

निर्वाचन विभाग की ओर से BLA के लिए आवेदन जमा करने की सीमा और क्रॉस-वेरिफिकेशन की व्यवस्था इसी व्यापक उद्देश्य से जुड़ी है।

सामूहिक रूप से आवेदन जमा करने की सुविधा से प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है, जबकि अंडरटेकिंग BLA की जवाबदेही तय करती है। वहीं 30 से अधिक आवेदन जमा करने की स्थिति में अतिरिक्त क्रॉस-वेरिफिकेशन का प्रावधान जांच को और मजबूत करता है।


SIR में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान निर्वाचन विभाग की कोशिश है कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के साथ पूरी हो। BLA के लिए आवेदन जमा करने की सीमा तय करना और बड़ी संख्या में आवेदन जमा होने पर अतिरिक्त सत्यापन करना इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

अंडरटेकिंग में BLA का नाम, राजनीतिक दल, तारीख और हस्ताक्षर दर्ज होने से आवेदन प्रपत्रों के साथ संबंधित प्रतिनिधि की जवाबदेही भी दर्ज होती है।

इससे सामूहिक रूप से जमा किए गए आवेदन प्रपत्रों के स्रोत और उनके व्यक्तिगत सत्यापन से संबंधित रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद मिलेगी।


BLA को नियमों का पालन करने की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उनके BLA से अपील की है कि वे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करें।

वर्तमान में प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है। इसलिए BLA को अब प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र जमा करने की सीमा का ध्यान रखना होगा। साथ ही सामूहिक रूप से आवेदन जमा करते समय सूची के साथ आवश्यक घोषणा/अंडरटेकिंग भी देनी होगी।

BLA द्वारा पुनरीक्षण की पूरी अवधि में 30 से अधिक आवेदन जमा किए जाने पर संबंधित ERO/AERO द्वारा क्रॉस-वेरिफिकेशन की व्यवस्था लागू होगी।


निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग बढ़ाने की कोशिश

SIR के दौरान प्रशासनिक तंत्र के साथ राजनीतिक दलों की भागीदारी को निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। बूथ स्तर पर BLA की सक्रिय भूमिका से मतदाता सूची से जुड़े आवेदन प्रशासन तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर समन्वय करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, इस सहभागिता को प्रभावी बनाने के लिए सभी पक्षों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। निर्वाचन विभाग ने इसी उद्देश्य से आवेदन जमा करने की सीमा, अंडरटेकिंग और क्रॉस-वेरिफिकेशन जैसी व्यवस्थाओं को स्पष्ट किया है।


पात्र मतदाताओं को जोड़ने और सूची की शुद्धता बनाए रखने का लक्ष्य

झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान निर्वाचन विभाग का व्यापक लक्ष्य मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और व्यवस्थित बनाना है। इसके लिए पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करने के साथ-साथ अपात्र नामों को लेकर भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच जरूरी है।

BLA, BLO, ERO और AERO सहित निर्वाचन तंत्र से जुड़े विभिन्न स्तरों की भूमिका इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से जमीनी स्तर पर आवेदन प्रक्रिया को गति मिल सकती है, जबकि अधिकारियों द्वारा सत्यापन से सूची की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की अपील के बाद अब मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उनके BLA से अपेक्षा की गई है कि वे SIR की प्रक्रिया में नियमों के अनुरूप सहयोग करें और आवेदन प्रपत्रों की जानकारी के व्यक्तिगत सत्यापन को गंभीरता से लें।

कुल मिलाकर, झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत BLA द्वारा आवेदन प्रपत्र जमा करने की प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अब एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र BLO को जमा कर सकता है। सामूहिक रूप से आवेदन जमा करते समय लिखित घोषणा/अंडरटेकिंग देना अनिवार्य होगा। वहीं पुनरीक्षण की पूरी अवधि में 30 से अधिक आवेदन जमा करने वाले BLA के आवेदनों का ERO/AERO द्वारा व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा।

निर्वाचन विभाग का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का मूल उद्देश्य मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। विभाग ने राजनीतिक दलों, BLA और अन्य सभी संबंधित हितधारकों से समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की है, ताकि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और कोई अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो।

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