Jharkhand Weather: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव (Low-Pressure System) के सक्रिय होकर झारखंड की ओर बढ़ने के कारण राज्यभर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. पिछले 24 घंटों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है. मौसम केंद्र रांची के प्रमुख वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और मजबूत मानसूनी तंत्र के कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से लेकर अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की जा रही है.
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक वर्षा पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां कुल 217 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई. इस मूसलाधार बारिश के कारण स्थानीय नदियां, नाले और छोटे जलाशय पूरी तरह से भर चुके हैं. राज्य में मानसून की इस सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है तथा स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने की हिदायत दी है.

Jharkhand Weather:जिलों में बारिश का अनुमान और अलर्ट की स्थिति
मौसम विभाग (IMD) ने बारिश की तीव्रता को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी जिलों को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित कर अलर्ट जारी किया है:
- अत्यधिक भारी बारिश की संभावना (रेड अलर्ट): राज्य के चार प्रमुख जिलों—पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, पलामू और गढ़वा में अत्यंत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. इन क्षेत्रों में 20 सेंटीमीटर (सेमी) से अधिक बारिश होने की संभावना है. इस भारी बारिश के चलते स्थानीय नदियों, विशेषकर उत्तर कोयल और अमानत नदी के जलस्तर में अचानक उफान आने और फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) जैसी स्थिति पैदा होने की गंभीर आशंका जताई गई है.
- भारी से बहुत भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट): सरायकेला-खरसावां, खूंटी, गुमला, लातेहार और लोहरदगा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में 11 सेमी से लेकर 20 सेमी तक बारिश होने का अनुमान है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है.
- सामान्य से मध्यम बारिश (येलो अलर्ट): राज्य की राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में 6 सेमी से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है. हालांकि यह बारिश बहुत ज्यादा खतरनाक श्रेणी में नहीं है, फिर भी एहतियात बरतने की आवश्यकता है.
Jharkhand Weather: नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और डैम की स्थिति
लगातार हो रही बारिश के कारण झारखंड की मुख्य नदियों—स्वर्णरेखा, खरकई, दामोदर, अमानत और उत्तर कोयल का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. नदियों के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
बारिश के कारण राज्य के जलाशयों का जलस्तर भी अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच रहा है. रामगढ़ जिले में स्थित पतरातू डैम का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंचने के बाद प्रबंधन ने सतर्कता बरतते हुए डैम के 4 फाटकों को खोल दिया है. फिलहाल पतरातू डैम से लगभग 1330 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड छोड़ा जा रहा है, जिससे Damodar नदी के आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
Jharkhand Weather: सुरक्षा निर्देश और प्रशासनिक सलाह
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से लोगों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं:
- वज्रपात से बचाव: इस मानसूनी तंत्र के कारण बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भारी खतरा बना हुआ है. मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे तेज बारिश और बादलों की गर्जन के समय खेतों में जाने से परहेज करें.
- पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी: तेज हवाओं और बारिश के दौरान लोगों को ऊंचे पेड़ों, कच्चे मकानों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है.
- यातायात में सावधानी: निचले पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में वहां से गुजरने का जोखिम न उठाएं.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून का यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा. उम्मीद जताई जा रही है कि 3 सितंबर से राज्य में बारिश की तीव्रता में कमी आएगी और मौसम की स्थिति में सुधार होना शुरू हो जाएगा. तब तक स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
ये भी पढ़ें
https://zindagijindabaad.com/ranchi-university-phd-admission-apply-soon/
https://mausam.imd.gov.in/ranchi/
