रांची में मतदाता पंजीकरण विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनरांची में 2 और 3 सितंबर को मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। चुनाव आयोग की ओर से यह सम्मेलन 2 और 3 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची के प्रबंधन और लोकतांत्रिक भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञों के अनुभव और सुझावों को एक मंच पर लाना है।

रांची में मतदाता पंजीकरण पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

इस सम्मेलन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसमें भारत के साथ-साथ अन्य लोकतांत्रिक देशों के विशेषज्ञ और शिक्षाविद हिस्सा लेंगे। चुनाव प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मुख्य निर्वाचन कार्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन

रांची में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन मुख्य निर्वाचन कार्यालय, झारखंड और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। सम्मेलन में मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों के बीच विस्तृत चर्चा होगी।

कार्यक्रम में चुनाव प्रबंधन से जुड़े मास्टर ट्रेनर भी शामिल होंगे। उनके अनुभवों के माध्यम से मतदाता पंजीकरण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा।

मतदाता सूची प्रबंधन पर होगा विशेष फोकस

सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण विषय मतदाता सूची का प्रभावी प्रबंधन होगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सही और अपडेटेड मतदाता सूची की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान और प्रभावी बनाने, योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करने तथा मतदाता सूची प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।

विशेषज्ञ विभिन्न देशों और संस्थानों में अपनाई जा रही व्यवस्थाओं और उनके अनुभवों को साझा करेंगे। इन अनुभवों से भारत में मतदाता पंजीकरण और निर्वाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए नए सुझाव सामने आ सकते हैं।

शिक्षाविद और चुनाव विशेषज्ञ करेंगे विचार-विमर्श

इस सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, चुनाव प्रबंधन विशेषज्ञ, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और निर्वाचन संबंधी मास्टर ट्रेनर शामिल होंगे। अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वर्तमान व्यवस्था पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि भविष्य में मतदाता पंजीकरण और चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उपयोगी विचारों की पहचान करना भी है। इसके लिए विभिन्न लोकतांत्रिक देशों के अनुभवों को भारत के संदर्भ में समझने का प्रयास किया जाएगा।

कई संस्थान नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ेंगे

रांची में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान नॉलेज पार्टनर के रूप में सहयोग करेंगे। इनमें आईआईएम रांची, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची और सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची शामिल हैं।

इन संस्थानों की भागीदारी से सम्मेलन में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर अकादमिक और व्यावहारिक दोनों दृष्टिकोण सामने आएंगे। खास तौर पर मतदाता सूची प्रबंधन, चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी।

लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा

सम्मेलन का एक प्रमुख उद्देश्य लोकतांत्रिक देशों और भारत के शैक्षणिक संस्थानों के अनुभवों एवं सुझावों को एक मंच पर लाना है। इसके जरिए यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि किस तरह अधिक से अधिक योग्य नागरिकों को मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया से जोड़ा जा सकता है।

साथ ही, मतदाता सूची को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव भविष्य में चुनावी व्यवस्था और मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

रांची में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन झारखंड के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे राज्य को चुनाव प्रबंधन और मतदाता पंजीकरण से जुड़े राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मिलेगा।

मांदर की थाप से झूमा रामटहल चौधरी महाविद्यालय : https://zindagijindabaad.com/akhra-classes-launched-at-rtc-college/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *