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श्रावणी मेला 2026 के अंतिम चरण में बढ़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

देवघर के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में चल रहे राजकीय श्रावणी मेला 2026 में अब तक करीब 53 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। सावन के अंतिम सोमवार को लेकर मंदिर और मेला क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। 24 अगस्त को अंतिम सोमवार होने के कारण कांवरियों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है।

22 अगस्त तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर चुके हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं को शीघ्र दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,00,116 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शन का लाभ उठाया है। इससे मंदिर प्रशासन को अच्छी आय भी हुई है।

अब तक 53 लाख श्रद्धालु पहुंचे

राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ देखने को मिली। सावन के पूरे महीने देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु देवघर पहुंचे और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया।

22 अगस्त तक करीब 53 लाख श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में कांवरिया भी सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर पहुंचे और बाबा को जल अर्पित किया।

अंतिम सोमवार को लेकर प्रशासन ने भीड़ और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारी की है। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम जलाभिषेक को लेकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है।

कल अंतिम सोमवार को बढ़ेगी भीड़

सावन के अंतिम सोमवार को बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। अंतिम सोमवार को बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में भक्त देवघर पहुंच सकते हैं।

जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सोमवार को भीड़ को देखते हुए व्यवस्था को और मजबूत रखा जाएगा।

श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और निर्धारित मार्ग से ही मंदिर की ओर जाएं। इससे भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

शीघ्र दर्शन से 7.20 करोड़ की आय

बाबा बैद्यनाथ मंदिर में शीघ्र दर्शन की सुविधा का भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया। 22 अगस्त तक कुल 2,00,116 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शन किया।

शीघ्र दर्शन के लिए प्रति कूपन 600 रुपये शुल्क निर्धारित है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इससे कुल 12,00,69,600 रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसमें से 60 प्रतिशत हिस्सा मंदिर प्रशासन को मिलने के आधार पर करीब 7,20,41,760 रुपये की आय हुई।

शीघ्र दर्शन की सुविधा के कारण श्रद्धालुओं को कम समय में बाबा के दर्शन का अवसर मिला। खासकर भीड़ वाले दिनों में यह व्यवस्था कई भक्तों के लिए उपयोगी रही।

कांवरियों की भी लगातार रही भीड़

श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों का देवघर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर पहुंचने वाले कांवरियों ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया।

22 अगस्त तक बड़ी संख्या में कांवरियों के जलाभिषेक करने की जानकारी सामने आई है। मेले के अंतिम चरण में भी कांवरियों के पहुंचने की संभावना बनी हुई है।

अंतिम सोमवार के कारण कांवरिया पथ और देवघर में श्रद्धालुओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है।

प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवासन और यातायात से संबंधित व्यवस्थाएं की गई हैं। अंतिम सोमवार को लेकर अधिकारियों ने सभी जरूरी तैयारियों को पूरा करने पर जोर दिया है।

जिला दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की ओर से भी मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाने और मंदिर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भीड़ वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखेंगे।

स्थानीय लोगों के लिए भी विशेष व्यवस्था

अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में बाहर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। प्रशासन ने भीड़ और यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।

श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण शहर में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इसे देखते हुए प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने की तैयारी की गई है।

प्रशासन का उद्देश्य है कि अंतिम सोमवार को आने वाले श्रद्धालुओं को जलाभिषेक और दर्शन में किसी तरह की परेशानी न हो और मेला क्षेत्र में व्यवस्था बनी रहे।

अगले साल बेहतर तैयारी का प्रयास

बाबा बैद्यनाथ मंदिर और बासुकिनाथ मंदिर की हवाई परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं से अच्छा रिस्पांस मिलने की जानकारी भी सामने आई है। इसे देखते हुए अगले साल और बेहतर तैयारी का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया और मेले के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं का भी आकलन किया जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में श्रावणी मेले को और बेहतर तरीके से आयोजित करने में मदद मिल सकती है।

श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और जलाभिषेक को सुविधाजनक बनाने के साथ सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मेला समाप्त होने के बाद प्रशासन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर सकता है।

अंतिम सोमवार के लिए सुरक्षा पर जोर

अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। पुलिस और प्रशासन की टीमें मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगी।

श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे भीड़ में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने तथा परेशानी की स्थिति में मौजूद सुरक्षाकर्मियों की मदद लेने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, राजकीय श्रावणी मेला 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 22 अगस्त तक करीब 53 लाख श्रद्धालुओं के बाबाधाम पहुंचने के बाद अब अंतिम सोमवार को एक बार फिर बड़ी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। शीघ्र दर्शन की सुविधा से मंदिर प्रशासन को भी अच्छी आय हुई है। प्रशासन ने अंतिम सोमवार के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और श्रद्धालु सुविधा से जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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